पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग का राजनीतिक व सामाजिक संगठनो ने किया समर्थन

०० सामाजिक तथा राजनैतिक संगठनों के वक्ताओ ने पत्रकार सुरक्षा कानून का किया समर्थन

०० पत्रकार सुरक्षा कानून लागु करने मुख्यमंत्री, राज्यपाल के नाम पत्रकारों ने जिला कलेक्टर को सौपा ज्ञापन

बिलासपुर। प्रदेश भर से आए हुए पत्रकारों ने आज नेहरू चौक पर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने को लेकर धरना-प्रदर्शन किया, धरने को विभिन्न सामाजिक तथा राजनैतिक संगठनों का समर्थन प्राप्त हुआ। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय पांडे, तरू तिवारी, शैलेष पांडे, नागेन्द्र राय, त्रिलोक श्रीवास, रवि श्रीवास,  अधिवक्ता संघ के चन्द्रप्रकाश केशरवानी, चन्द्र प्रकाश बाजपेयी अपने अधिवक्ता साथियों के साथ मुकेश पुरी गोस्वामी अध्यक्ष ताईक्वान्ड़ो संघ धरना स्थल पर उपस्थित होकर एक स्वर में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किये जाने का समर्थन किया|

राजनैतिक एवं सामाजिक संगठनों वक्ताओं ने छत्तीसगढ़ में सूचना संकलन तथा प्रसारण की कठिन स्थितियों का विस्तार से व्याख्या की, और उन्होंने पत्रकारो द्वारा मांगे जा रहे कानून का समर्थन किया। उन्होंने कहा की वक्त के साथ हर पेशे का उत्तरदायित्व बढ़ा है और समाज में रोज जिस तरह की घटनाएं हो रही है उसका सर्वाधिक असर पत्रकारों पर हुआ है। रोज अलग-अलग परिस्थितियों में धुप, गर्मी, बरसात से लेकर घटना दुर्घटना, शांती अशांती के बीच जितनी कठिन परिस्थितियों में पत्रकारों को काम करना पड़ता है वैसी स्थितियां किसी अन्य पेशे में नही है। उसके बाद हमेशा यह डर की कोई भी असंतुष्ट व्यक्ति अथवा प्रशासन कब किस बैर भाव से कार्रवाई कर दें। इसका कोई अंदाजा भी नही लगता। विभिन्न वक्ताओं ने प्रदेश भर में पिछले दस वर्षों में कब-कब कहां-कहां किन पत्रकारों के साथ क्या-क्या घटनाएं हुई उनका विवरण प्रस्तुत किया और इस बात को पुरजोर तरीके से स्थापित किया की प्रदेश भर में पत्रकारों के साथ हो रहे उत्पीड़न के मामलों को किस तरह सत्ता पक्ष पर समर्थन हासिल है। और धरने का आयोजन बिलासपुर में ही क्यों किया गया। पत्रकार साथियों को कमल शुक्ला, डीपी गोस्वामी, राकेश परिहार, गोविंद शर्मा, राजेश तंबोली, मनीश शर्मा, किदवई, अमित संतवानी, अंकित बाजपेयी, नरेन्द्र सिंह, परमजीत सिंह, अलिकेश साहू, अनिल पाटले, अनिल शुक्ला, ब्रम्हदेव ठाकुर, उत्पल सोन गुप्ते, शराफत अली, चन्द्रकांत कुपेन्द्र, मनीश अग्नीहोत्री सहित बड़ी संख्या में पत्रकार साथियों ने धरना समाप्ती के बाद मुख्यमंत्री राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन की प्रति जिलाधीश बिलासपुर तथा आईजी बिलासपुर को दी। पत्रकारों में इस बात को लेकर भी एक राय बनी की आगामी विधानसभा सत्र में एक दिवसीय धरना विधानसभा रायपुर में दिया जाए।

पत्रकार जो लोकतंत्र का प्रहरी होता है, जो लोकतंत्र की आवाज को जनता तक पहुंचाता हैं। चाहे कोई भी सरकार हो उसकी अच्छाइयों और बुराइयों को जनता तक पहुंचाने का काम करता है और उनसे ही हिंसा हो यह लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। पत्रकार सुरक्षा कानून को लागू होना जरूरी है

शिवा मिश्रा, वरिष्ठ कांग्रेसी

देश की यह बहुत बड़ी व्यथा है। जो कलम सच्चाई को लिखती है, उसे ही तोडने का प्रयास किया जा रहा है। लोकतंत्र में आवाज का दबाव वाले बहुत होते हैं लेकिन आवाज उठाने वाले को कोई नहीं रोक सकता। पत्रकार सुरक्षा कानून लागू होने की महती आवश्यकता है

पिनाल उपवेजा, हाईकोर्ट अधिवक्ता

पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने पर जोर दिया कहा कि कोई भी राजनैतिक दल पत्रकार सुरक्षा कानून की अनदेखी नहीं कर सकता। उन्होंने कहा ये भी कहा कि पत्रकार भीड़ का हिस्सा नहीं है। जब दुनिया सोती तब वो जागता है, ताकि जनमानस तक सच पहुंच सके

विजय पांडे

आज सत्ता पक्ष के खिलाफ लिखने वालों की आवाज को कुचलने का प्रयास किया जाता है। मीडिया को प्रजातंत्र की आंख और कान बताते हुए पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की बात कही

नरेन्द्र बोलर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष

पत्रकार सुरक्षा कानून पत्रकारों का अधिकार है। जिसे छत्तीसगढ़ शासन को तत्काल लागू करना चाहिए

नागेन्द्र राय, वरिष्ठ कांग्रेसी

पत्रकार लोकतंत्र का चैथा स्तंभ है। इनकी सुरक्षा के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून लागू होना न्यायपूर्ण है। उन्होंने प्रभारी मंत्री अजय चंद्राकर के पत्रकार सुरक्षा कानून के लिये दिये बयान की निंदा की। 

तरू तिवारी, कांग्रेसी नेता

लोकतंत्र की हत्या नहीं होनी चाहिये। पत्रकारों को उनका हक जरूर मिलना चाहिये। पत्रकारों को न ही सामाजिक सुरक्षा है न आर्थिक सुरक्षा। फिर भी वह समाज के लिये सच उजागर कर रहे हैं। पत्रकार सुरक्षा कानून पत्रकारों के लिये महत्वपूर्ण है

शैलेष पांडे, प्रदेशाध्यक्ष आदित्यवाहिनी एवं कांग्रेसी नेता

पत्रकारों के साथ हिंसा व झूठे मुकदमें कराना अशोभनीय कृत्य है। समाज का आइना पत्रकार उपेक्षित है। तो समाज किस और जायेगा। पत्रकार सुरक्षा कानून लागू होना पत्रकारों का हक है

मुकेश गोस्वामी, अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी

पत्रकार सुरक्षा कानून लागू होना पत्रकारों का अधिकार है। इसे जल्द ही मूर्त रूप लेना चाहिये। सरकार इस कानून के प्रति सार्थक पहल नहीं करती है। तो हम इस कानून का समर्थन करते हुये पत्रकारों के अधिकार के लिये हमेशा खडे़ हैं। 

त्रिलोक श्रीवास, कांग्रेसी नेता

error: Content is protected !!