राज्य में बढ़ी पीजी की सीट सिम्स को मिला जीरो, नर्सिंग पाठ्यक्रम की 1583 सीट लैप्स

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में चिकित्सा में पीजी की 30 सीटों की बढ़ोतरी हुई है, किन्तु छत्तीसगढ़ इंस्टीट्युट आफ मेडिकल र्साइंस को एक भी सीट नही मिली। यहां पीजी की तीन सीट है जिसमें से एक खाली पड़ी है। राज्य में पीजी कुल 92 सीट थी, 30 नई सीट जुड़ने से यह संख्या 122 हो गई है। इसी तरह राज्य सरकार शिक्षा विभाग आयुष विश्वविद्यालय की संयुक्त लापरवाही से प्रदेश में नर्सिंग की 1583 सीट लेप्स हो गई।

सीट लेप्स होने के कारण अधिकांश निजी संस्थाओं के सामने अपने कोर्स बंद करने के अतिरिक्त कोई विकल्प नही है। एक तरफ राज्य के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की कमी है। दुसरी तरफ अन्य राज्यों से आए हुए मेल-फीमेल नर्स यहां काम करते है। उसके बाद भी इतनी बड़ी संख्या में सीट खाली रह जाना राज्य सरकार के विभिन्न मंत्रालय की आपसी समझ की कमी को बताता है। प्रदेश में बिएससी नर्सींग की 500, जीएनएम की 818, एमएससी नर्सींग की 2, पोस्ट बेसिक नर्सींग की 163, जीएनएम की 780 सीट खाली रह गई। प्रदेश में नर्सींग पाठ्यक्रमों के अधिक्तर संस्थान निजी क्षेत्र के हैं। सीट लैप्स हो जाने का मुख्य कारण नर्सींग घोटाला, आईटी सेल का भंग होना तथा कमेटी में लंबे समय तक नियुक्ति न होना। नर्सींग कोर्सेस के लिए एक नही तीन बार काउंसलिंग हुई। पहले संस्थानों को आईएनसी की मान्यता नही थी। जब मान्यता मिली तो आयुष से सबद्धता नही मिली।

स्थानीय नेतृत्व और उदासीन सरकार का परिणाम है सीट लैप्स होना

बिलासपुर में मेडिकल कालेज बने 14 साल हो गए है। किन्तु अब तक पीजी सीट नही मिल पा रही है इसके लिए स्थानीय मंत्री जिम्मेदार है। वें लंबे समय तक स्वास्थ्य मंत्री रहे अब स्थानीय निकाय मंत्री है। उनके पास कई साल राज्य सरकार के खजाने की चाबी रही, पर उन्होंने कभी भी सिम्स की गुणवत्ता बढ़ाने कोई काम नही किया। मेडिकल कौंसिल की विभिन्न टिमों ने समय-समय पर जिन कमियों को दूर करने कहा यदि उतना ही कर लिया जाता तो पीजी की सीट बढ़ाई जा सकती थी। यही हाल नर्सिंग  पाठ्यक्रम का है। एक तरफ छत्तीसगढ़ का युवा वर्ग रोजगार के अवसर न मिलने का कारण दुखी है। दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों की उदासिनता के कारण पाठ्यक्रमों में भर्ती न होने से सीट लैप्स हो रही है

शैलेष पांडे, कांग्रेस नेता, शिक्षाविद, प्रदेशाध्यक्ष, हिन्दू आदित्यवाहिनी व प्रदेश बेसबाल संघ  

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