पत्रकारों के उत्पीड़न के विरोध में प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन कल

०० प्रदेश भर के सैकड़ो पत्रकार धरना-प्रदर्शन में होंगे शामिल, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किये जाने की जाएगी मांग

०० वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला धरना- प्रदर्शन में होंगे शामिल, पत्रकारों का बढ़ाएंगे मनोबल

बिलासपुर। प्रदेश में हो रहे पत्रकारों के उत्पीड़न के विरोध में कल प्रदेश भर के पत्रकार बिलासपुर में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन कर अपना विरोध प्रकट करेंगे। यह बेहद शर्मनाक स्थिति है कि समाज के  किसी भी घटना-दुर्घटना, पीड़ा को लेकर संविधान के तीनो अंग से परिचय कराने वाला पत्रकार जगत अपने ऊपर हो रहे जुल्म, दबाव, आतंक के विरूद्ध स्वयं धरने पर बैठेंगे। प्रदेश के पत्रकार लंबे समय से पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर प्रत्येक स्तर पर संपर्क तथा दबाव बनाए हुए है। सामाजिक संगठनो विपक्ष से सदा आश्वासन मिलता है पर सरकार और सत्ता में बैठे हुए लोग प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून की आवश्यकता से भी इंतजार करते है।

ऐसा ही एक वाक्या नवंबर माह में हुआ, जब जिले के प्रभारी मंत्री अजय चंद्रकार ने पत्रकार सुरक्षा समिति की मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया की पत्रकारों को सुरक्षा की जरूरत ही क्यों है? पत्रकार सुरक्षा समिति द्वारा आयोजित इस धरने को विभिन्न सामाजिक संगठनों, जिला अधिवक्ता संघ, उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ ने अपना समर्थन तथा सहयोग का आश्वासन दिया है। धरने में रायगढ़, जांजगीर-चांपा, रायपुर, मुंगेली सहित प्रदेश भर के पत्रकारों के आने की संभावना है। पिछले कुछ साल से यह देखा जा रहा है कि पत्रकार चाहे वह राजधानी का हो, न्यायधानी का हो अथवा सुदूर नक्सल क्षेत्र में काम करने वाला सभी को एक ही तरीके से पुलिस अथवा जिला प्रशासन परेशान करता है। सुदूर बस्तर में और राजधानी से लेकर दिल्ली तक कभी भी उनके खिलाफ आईटी एक्ट, चार सौ बीसी, भयादोहन जैसे मामलों में अपराध दर्ज हो जाते हैं। यदि मामला किसी वी आई पी का हुआ तो हवाई जहाज में बैठकर पुलिस नोयडा तक चल देती है अथवा अपराध दर्ज कर पत्रकार पर इतना दबाव बनाया जाता है की वह अपने द्वारा उठाया गया मामला छोड़ दे, प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा संबंधी कोई भी पृथक कानून नहीं है और जिन प्रशासनिक आदेशों की बात कही जाती है उन पर कोई ध्यान नहीं देता। बिलासपुर में एक से अधिक पत्रकारों के विरूद्व शासकीय काम में बाधा डालने के आरोप में एफ आई आर है, परीक्षा केंद्र में नकल की खबर का वीडियों बनाना भी आपराधिक कृत्य में शामिल कर दिया गया है इन्ही सब छोटी बडी बातों को लेकर प्रदेश भर के पत्रकार नेहरू चैक पर धरना देंगे।संगठन से जुड़े गोविंद शर्मा ने धरने के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि बिलासपुर में क्योकि राज्य का उच्च न्यायालय है और  पत्रकारों के उपर दर्ज प्रत्येक मामला यहां आता है इसलिए प्रदेश में जिस तरह से पत्रकारों का उत्पीड़न हो रहा है एकदिवसीय धरना स्थल यहीं रखा गया है| आज स्थिति इतनी खराब है की गांव का एक सरपंच से लेकर पार्षद, मंत्री, पार्षद पति, सरपंच पति, प्रशासनिक अधिकारी जिस किसी के भी विरूद्व सच्चाई लिख दो वह भयादोहन की एक शिकायत दर्ज करा देता है, सच्चाई को स्वीकार करने की हिम्मत नहीं रखने वाला व्यक्ति तुरंत आपराधिक मानहानि का दावा कर देता है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता क्यों की मौलिक अधिकार है और इसका सर्वाधिक उपयोग पत्रकार करते हैं अतः उन्हें प्रताड़ना का सामना सर्वाधिक करना पड़ता है। श्री शर्मा ने पत्रकार साथियों से अपील की वे धरने में शामिल हो और एैसी समस्त जानकारियों को साथ लाए जिनमे पत्रकार साथियों को झूठे मामलों में फसाया गया है

प्रदेश में पत्रकार हित के लिए लड़ने वाले वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला भी आएंगे :- बस्तर से लेकर जशपुर तक कभी भी कहीं भी जब कभी भी किसी भी पत्रकार पर कोई मुसीबत आती है तो प्रदेश के ख्यातिलब्ध वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला हमेशा पत्रकार हित के लिए खड़े होते है। प्रदेश में उन्होंने ही सर्वप्रथम पत्रकार सुरक्षा कानून की आवाज उठाई और आवाज उठाने वालों के साथ खड़े होने का हौसला भी दिखाया। पुरे प्रदेश में जब कभी भी पत्रकारों के हित के लिए संघर्ष की बात आती है तो कमल शुक्ला वहां उपस्थित होते है। बिलासपुर धरने के लिए उन्होंने न केवल अपना समर्थन व्यक्त किया बल्कि आने का भरोसा भी दिलाया। उनकी उपस्थिति से पत्रकारों को अपने संर्घष के लिए हौसला मिलता है।

सैकड़ो की संख्या में प्रदेश के सभी जिलो के पत्रकार होंगे शामिल :- प्रदेश में हो रहे पत्रकारों के उत्पीड़न के विरोध में बिलासपुर में आज एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया है, इस धरना प्रदर्शन में बिलासपुर, रायपुर,सूरजपुर, मनेद्रगढ़, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कवर्धा, राजनांदगांव, डोंगरगढ़, खैरागढ़, दुर्ग-भिलाई, अंबिकापुर, बैकुंठपुर सहित अन्य जिलो के पत्रकार साथी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर पत्रकारों के खिलाफ हो रहे हिंसक घटनाओ, झूठे मामलों में फ़साने की साजिश सहित, जुल्म, दबाव, आतंक के खिलाफ आवाज़ बुलंद कर शासन-प्रशासन से पत्रकार सुरक्षा कानून लागु किये जाने की मांग की जाएगी|

error: Content is protected !!