जान जोखिम मे रख कर स्कूल जाने के लिए मजबुर कल के नन्हे भविष्य

 

चंद्रकांत गढ़वाल (कोरिया) जनकपुर स्कूली वाहनों में खतरे की ओवर लोडिंग अभी भी जारी है। न तो अभिभावक इस पर ध्यान दे रहे हैं और न ही स्कूल प्रबंधन। पुलिस की कार्रवाई भी बेअसर नजर आ रही है।
ऐसे में बच्चों की जान पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है।
हादसों के बाद भी स्कूली वाहनों मे सवारियों को ठूंस-ठूंस कर भरा जा रहा है। ऑटो चालक अपने ट्रिप बचाने और ज्यादा पैसा कमाने के लिए नियमों की अवहेलना कर रहे है। और अभिभावक भी मजबूरन अपने छोटे बच्चों की जान को जोखिम में डालकर इन ओवर लोड ऑटो व मैजिक वाहनों से स्कूल भेज रहे हैं। कई बार बच्चे वाहनो से बाहर लटकते दिख जाते हैं। ऐसे में बच्चों के गिरने का भी खतरा बना रहता हैं। और वाहन के पलटने का भी डर रहता है। या तो स्कूली वाहनों मे सवारियों को न बैठाया जाए या तो फिर स्कूली बच्चों के लिए शासन और स्कूल प्रबंधन को दूसरे वाहन कि व्यवस्था करनी चाहिए स्कूली वाहन मे सवारियों को बैठाने का केवल एक ही कारण है। ज़्यादा से ज्यादा पैसे कमाना वाहन चालक ज्यादा पैसा कमाने के लिए सभी नियमों को अनदेखा कर रहे है। वाहनों मे जगह न होते हुए भी ओवर लोड गाड़ियों को सड़कों पर बेधड़क दौड़ाया जा रहा है। लेकिन स्कूल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन न जाने क्यों मौन बैठे है। मानो जैसे किसी बड़े दुर्घटना का इंतेजार कर रहे हो।

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