पत्रकारों के साथ हो रहे अन्याय व उत्पीड़न के खिलाफ प्रदेशव्यापी धरना 5 दिसंबर को

०० पीड़ित पत्रकारो के हित मे हमेशा आगे रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला भी होंगे शामिल

बिलासपुर| पिछले कुछ साल से यह देखा जा रहा है कि पत्रकार चाहे वह राजधानी का हो, न्यायधानी का हो अथवा सुदूर नक्सल क्षेत्र में काम करने वाला सभी को एक ही तरीके से पुलिस अथवा जिला प्रशासन परेशान करता है।पत्रकारों के साथ हो रहे अन्याय व उत्पीड़न के बढ़ रहे मामलों को लेकर 5 दिसंबर को स्थानीय नेहरू चौक पर प्रदेश भर के पत्रकार धरना आयोजित करेंगे, इस धरना प्रदर्शन में पीड़ित पत्रकारो के हित मे हमेशा आगे रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला भी शामिल होंगे व पत्रकारों को न्याय दिलाने उनके साथ खड़े रहेंगे|

सुदूर बस्तर में और राजधानी से लेकर दिल्ली तक कभी भी पत्रकारों के खिलाफ आईटी एक्ट, चार सौ बीसी, भयादोहन जैसे मामलों में अपराध दर्ज हो जाते हैं। यदि मामला किसी वीआईपी का हुआ तो हवाई जहाज में बैठकर पुलिस नोयडा तक चल देती है अथवा अपराध दर्ज कर पत्रकार पर इतना दबाव बनाया जाता है की वह अपने द्वारा उठाया गया मामला छोड़ दे, प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा संबंधी कोई भी पृथक कानून नहीं है और जिन प्रशासनिक आदेशों की बात कही जाती है उन पर कोई ध्यान नहीं देता। बिलासपुर में एक से अधिक पत्रकारों के विरूद्व शासकीय काम में बाधा डालने के आरोप में एफआईआर है,  परीक्षा केंद्र में नकल की खबर का वीडियों बनाना भी आपराधिक कृत्य में शामिल कर दिया गया है इन्ही सब छोटी बडी बातों को लेकर प्रदेश भर के पत्रकार नेहरू चौक पर धरना देंगे। संगठन से जुड़े गोविंद शर्मा ने धरने के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि बिलासपुर में क्योंक्योकि राज्य का उच्च न्यायालय है और पत्रकारों के उपर दर्ज प्रत्येक मामला यहां आता है इसलिए प्रदेश में जिस तरह से पत्रकारों का उत्पीड़न हो रहा है एक दिवसीय धरना स्थल यहीं रखा गया है| आज स्थिति इतनी खराब है की गांव का एक सरपंच से लेकर पार्षद, मंत्री, पार्षद पति, सरपंच पति, प्रशासनिक अधिकारी जिस किसी के भी विरूद्व सच्चाई लिख दो वह भयादोहन की एक शिकायत दर्ज करा देता है, सच्चाई को स्वीकार करने की हिम्मत नहीं रखने वाला व्यक्ति तुरंत आपराधिक मानहानि का दावा कर देता है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता क्यों की मौलिक अधिकार है और इसका सर्वाधिक उपयोग पत्रकार करते हैं अतः उन्हें प्रताड़ना का सामना सर्वाधिक करना पड़ता है। श्री शर्मा ने पत्रकार साथियों से अपील की वे धरने में शामिल हो और एैसी समस्त जानकारियों को साथ लाए जिनमे पत्रकार साथियों को झूठे मामलों में फसाया गया है|

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