प्रदेश के सभी विकासखंडों में शिक्षाकर्मियों ने शुरू किया भूख हड़ताल

०० शिक्षकर्मी संघ संविलियन की मांग को लेकर है अडिग़

रायपुर|दस दिनों से अनिश्चितकाल हड़ताल पर बैठे शिक्षाकर्मियों ने सरकार के खिलाफ अब सत्याग्रह आंदोलन की शुरूआत कर दी है। बुधवार को प्रदेशभर के शिक्षाकर्मी ने सभी 146 विकासखंडों में क्रमिक भूख हड़ताल करना शुरू किया। शिक्षाकर्मी संघ के सदस्यों ने बताया कि कल कैबिनेट की मीटिंग के बाद 61 की बर्खास्तगी के बाद शिक्षाकर्मियों का गुस्सा और बढ़ा गया है। वे चाहे जितनी भी कोशिश कर लें शिक्षकर्मी संघ संविलियन की मांग को लेकर अडिग़ रहेंगे।

राजधानी के बूढ़ातालाब स्थित धरना स्थल पर बैठे शिक्षकर्मी संघ के दिव्यप्रभा अवधिया, गंगा शरण पासी, मौसमी शर्मा, सफीना कुरेशी, परमिनि लाल, सुजीत शर्मा, समर अब्बासी, राजेंद्र शर्मा, पूरण दास बंजारे और जीव लखनलाल साहू ने क्रमिक भूख हड़ताल शुरु कर दी है। मोर्चा के प्रांताध्यक्ष संजय शर्मा केदार जैन और कार्तिक गायकवाड ने कहा कि सरकार चाहे जितनी भी कोशिश कर ले हड़ताली वापस नहीं लौटेंगे। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है। शिक्षाकर्मी 1 दिसंबर तक क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे और 2 दिसंबर को परिवार सहित राजधानी में अधिकार रैली निकालकर जंगी प्रदर्शन करेंगे। संविलियन समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे शिक्षाकर्मियों की बर्खास्तगी के खिलाफ रायपुर आरंग के शिक्षाकर्मी हरीश दीवान ने मंगलवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर शासन के बर्खास्तगी आदेश को चुनौती दी है। याचिका में कहा गया है,शिक्षाकर्मियों की बर्खास्तगी आदेश नियम विरुद्ध जारी किए गए हैं। याचिका में कहा गया है, शिक्षाकर्मियों को बर्खास्त करने का अधिकार जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत की सामान्य सभा को है।

 

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