जिला खनिज कार्यालय में चल रही है गुटबाजी, कमीशन के बिना नहीं होता कोई काम

०० एसीसी सीमेंट का गेस्ट हाउस बना जिला खनिज अधिकारी का स्थायी लेनदेन का दफ्तर

०० अवैध खनिज कारोबारी सुबह-सुबह अधिकारी को चढ़ाते है चढ़ावा फिर करते है कारोबार  

बिलासपुर| जिला खनिज अधिकारी के कार्यालय में एक वर्ष पूर्व एंटी करप्शन शाखा का छापा पड़ा था, जिस अधिकारी को रिश्वत के आरोप में पकड़ा गया था,  उसने उसी वक्त अपने ही कार्यालय के अन्य अधिकारियों के खिलाफ षडयंत्र का आरोप लगाया था  इन आरोपो की कभी कोई जांच नहीं हुई,  छापे के बाद कुछ दिन कार्यालय में भय का वातावरण रहा किंतु शीघ्र ही पहले से बदतर हो गया है, हर अधिकारी कर्मचारी अपने हिस्से की रकम पाने के लिए फाइल को रोकता है। ठेकेदार परेशान होकर आफिस के बाहर ही संबंधित कर्मचारी की निर्धारित कमीशन देता है कुछ अधिकारी अपनी डेस्क छोड़कर बार-बार बाहर कैंटीन तक जाते है कुछ कर्मचारी गुट बनाकर जाते है चाय तो एक बहाना है, असल मामला कमीशन होता है।

खनिज विभाग में पटटे की अनुमति से लेकर रायल्टी निर्धारण तक तभी होती है जब कर्मचारी को उसका तय हिस्सा मिल जाए, इस चक्कर में कुछ ठेकेदारो ने तो काम करना भी छोड़ दिया है जिन ठेकेदारो की पहुच उपर तक है, उनके मजे है जिसमें कोटा क्षेत्र के एक ठेकेदार का नाम प्रमुख है, जो दोनों राजनैतिक दलों के नेता को साथ लेकर चला और वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष का हाथ है। कार्यालय में एक दो नही तीन गुट है, एक गुट जिला खनिज अधिकारी का है तथा दो गुट खनिज निरीक्षको के है जिसमें से एक गुट का संचालन विभाग का वाहन चालक करता है, हाल ही में जब एक निरीक्षक ने रेत के घाट पर कार्यवाही की तो एक अन्य अधिकारी को यह कार्यवाही रास नहीं आयी, सूत्रों ने बताया कि इस मामले में  एक से अधिक बार संबंधित निरीक्षक को फोन पर कार्यवाही नहीं करने को कहा किंतु निरीक्षक अपनी कार्यवाही को जायज बताते हुए अड़ गया जिले में कोई भी ब्लाक एैसा नहीं है जहां गौड़ खनिज का अवैध कारोबार नहीं होता हो ईट भटठों से लेकर रेत, क्रेशर कोल डिपो, यहां तक की डोलोमाइट खदानों के साथ मुरूम खनन और किसान के खेत से उपजाउ मिटटी चुराने तक का कारोबार चल रहा है। मस्तूरी क्षेत्र में बिलासपुर शहर का एक भाजपा नेता के परिवार एवं रिश्तेदारों के अवैध खनन के व्यवसाय है क्रेशर से लेकर इट भटटों तक अपने धंधे को फैला लिया है विभाग द्वारा दी गई क्रेशर खदान की सूची में 70 प्रतिशत स्थान पर इन्हीं का कब्जा है इसके बावजूद यह परिवार गैर कानूनी रूप से खनिज व्यावसाय को संचालित करता है और विभाग का आला अधिकारी उसे संरक्षण देता है।

दलाली का अडडा बना एसीसी सीमेंट का गेस्ट हाउस :- जिस तरह से विश्वविद्यालयों के साथ डीम्ड यूनिवर्सिटी संचालित होती थी वैसे ही जिला खनिज कार्यालय के समकक्ष अन्य कार्यालय नर्मदा नगर में एसीसी सीमेंट के गेस्ट हाउस में संचालित होता है, सूत्र बताते है की देर रात से सुबह तक यहा खनिज कार्यालय का एक वरिष्ठ अधिकारी बैठता है लेनदेन के विभिन्न मामलों को सुलझाता है किस पर कितनी कठोर कार्यवाही की जा सकती है यह भी यहीं तय हो जाता है अवैध कारोबार का जो व्यापारी बिना इस कार्यालय में सैटिंग किए कार्य करेगा वह ज्यादा दिन इस जिले में काम नही कर सकेगा खनिज का अवैध कारोबार करना है तो एसीसी के गेस्ट हाउस रूपी मंदिर में चढ़ावा चढाना ही होगा।

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