ग्राम पंचायत केंदा में सरपंच-सचिव ने किया भ्रष्टाचार, ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कार्यवाही

०० प्रधानमंत्री आवास, शौचालय निर्माण, ग्राम सभा आयोजन नहीं, पेंशन की राशि में गबन की ग्रामीणों ने की है शिकायत

०० सरपंच-सचिव पर कार्यवाही नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश, शासन को दी चक्का जाम व उग्र आंदोलन की चेतावनी

करगीरोड कोटा| कोटा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत केंदा में भारी अनियमितता एवं भ्रष्टाचार के मामले में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित किया गया था कोटा जनपद पंचायत के द्वारा जिसमें ग्राम पंचायत केंदा के ग्रामीणों ने पूर्व में जनपद पंचायत सीईओ विनय कुमार लांगेह प्रशिक्षु आईएएस को ग्राम पंचायत केंदा में भ्रष्टाचार के मामले में ग्रामीणों के द्वारा ज्ञापन देकर अवगत कराया जा चुका है प्रधानमंत्री आवास, शौचालय निर्माण, ग्राम सभा आयोजन नहीं करवाना, पेंशन की राशि में गबन करना, हितग्राहियों को एवं ग्रामीण लोगों को बुनियादी सुविधाओं के बारे में जानकारी नहीं देना ऐसे कई अनियमितता के मामले में सरपंच राजकुमार नेताम व सचिव शिव प्रसाद तिवारी की शिकायत लेकर ग्राम पंचायत केंदा के ग्रामीणों ने सरपंच व सचिव को हटाने की मांग जनपद पंचायत कोटा को कई बार शिकायत किया जा चुका है लेकिन आज तक ऐसे भ्रष्ट जनप्रतिनिधि के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं किया गया| पूर्व सीईओ हिमांशु गुप्ता को मीडिया के द्वारा संज्ञान दिलाने के बाद भी कोई कारवाही नहीं किया गया जबकि उनका जवाब था कि लिखित बाद ही उस विषय पर कार्यवाही कर सकता हूं  अब तो लिखित शिकायत होने के बाद भी कोई कार्यवाही नजर नहीं आ रहा है|


ग्राम पंचायत केंदा के ग्रामीण सरपंच राजकुमार नेताम व सचिव शिवकुमार प्रसाद तिवारी से रूठ गए हैं क्योंकि उनके द्वारा भारी अनियमितता एवं भ्रष्टाचार किया जा चुका है आदिवासी बाहुल्य इलाका होने के कारण वहां के लोग ज्यादा पढ़े लिखे नहीं होने के कारण से सरपंच व सचिव अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत मुख्यालय में जब सचिव शिव प्रसाद तिवारी आता भी हैं तो हमेशा नशे में धुत रहता है और अपने मुख्यालय में कभी नहीं रहता महज 7 से 8 महीने बीत गए हैं लेकिन आज तक ग्राम पंचायत केंदा में ग्राम सभा का आयोजन नहीं कराया गया और ना ही वह के जनप्रतिनिधियों को इसकी कोई प्रकार की सूचना नहीं दिया जाता है अगर कोई व्यक्ति सरपंच से कोई जानकारी लेता है तो वह जवाब देने से कतराता है सरपंच राजकुमार नेताम के द्वारा मूलभूत की राशि एसबीएम 14 वित्त की राशि पेंशन की राशि ऐसी बहुत सारे शासन के द्वारा योजना है लेकिन इसमें किसी को भी किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है सरपंच सचिव की मिलीभगत से गबन कर लिया गया है ग्राम पंचायत केंदा के सरपंच व सचिव के द्वारा आज तक ऐसा कोई भी कार्य नहीं किया गया जोकि जनहित के कार्य सही हो स्वच्छ भारत अभियान के तहत भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का यही सपना है कि हमारा भारत देश स्वच्छ देश बने लेकिन उनके सपने को दरकिनार कर सरपंच सचिव धज्जियां उड़ा रहे हैं पंचायत निधि के द्वारा शौचालय निर्माण करवाया गया था जो कि अभी तक अधूरा पड़ा हुआ है और बनाया भी गया है तो कच्ची ईंट और मिट्टी का बनाया गया है जो की पूरी तरह जर्जर वह कई जगह शौचालय टूट गया है शौचालय निर्माण कार्य में सचिव सरपंच के द्वारा 22 लाख रूपये पंचायत निधि से खर्च किए जाने के बावजूद भी कोई कार्य ठीक से नहीं हुआ शौचालय निर्माण में कच्चा मिट्टी लगा कर कई जगह गड्ढा खोदकर अधूरा छोड़ दिया गया और ग्राम पंचायत को ओडीएफ घोषित करवाकर पैसे को गबन कर लिया गया ग्राम पंचायत में इतनी बड़ी रकम होने के बावजूद भी वहां के ग्रामीण शौचालय में शौच करने के लिए तरस रहे हैं और जंगलों बाहरी जमीनों का उपयोग कर रहे हैं क्योंकि सरपंच व सचिव के द्वारा ही शौचालय निर्माण करवाया गया है अब शासन की इतनी बड़ी रकम हजम करने वाले जन प्रतिनिधि के खिलाफ क्या कार्यवाही करती है यह देखना होगा| ग्राम पंचायत केंदा का एक और मामला सामने आया है पुल निर्माण कार्य के लिए पंचायत निधि के खाते में शासन के द्वारा 8 लाख रुपए की स्वीकृति राशि उस ग्राम पंचायत को प्रदाय हुआ था जो कि सरपंच व सचिव के द्वारा अभी भी उस काम को श्री गणेश नहीं किया गया पुल बनाने के लिए यह राशि स्वीकृत हुआ था मगर कार्य तो बहुत दूर की बात है वहां कोई ऐसा काम नहीं दिखा जिसकी राशि ले आउट हो जाने के बाद भी सरपंच के द्वारा काम शुरू नही किया गया जो पैसा आया था उसको निकालकर गबन कर लिया गया वहां के ग्रामीणों ने बताया है कि 8 लाख रुपये पुल बनाने के लिए आया था उसमें से सरपंच राजकुमार नेताम के द्वारा चार लाख रुपये निकाल लिया गया है और गबन कर डकार लिया गया है |

ग्राम पंचायत केंदा के ग्रामीण तख रहे विकास की राह:-  शासन के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है वह सिर्फ और सिर्फ अपना ही जेब गर्म कर रहा है ग्राम पंचायत केंदा के ग्रामीण विकास की राह के लिए तरस रहे हैं शासन और प्रशासन को कई बार ऐसे भ्रष्ट जनप्रतिनिधि के खिलाफ शिकायत की जा चुकी है मगर आज तक ऐसे भ्रष्ट जनप्रतिनिधि के खिलाफ कोई कड़ा कदम नहीं उठाया जाता यह सोचने का विषय है अगर आम जनता शासन की पैसों का दुरुपयोग करता है तो शासन उनको कई बार नोटिस देकर कार्यवाही करने के लिए तत्पर रहता है आखिर क्यों एक प्रकार से कहा जाए तो जिसकी लाठी उसकी भैंस क्योंकि जनप्रतिनिधि  पद पर रहता है तो शायद अधिकारी कार्यवाही नहीं करता है ग्राम पंचायत केंदा विकास की राह देखते देखते थक चुके हैं उपसरपंच हंस मणि महंत ने कहा है कि अगर शासन के द्वारा कड़ी कार्रवाई नहीं किया गया तो आने वाले समय मे चक्का जाम व उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है पूर्व में इनके द्वारा आंदोलन करने की चेतावनी एसडीएम  कोटा एवं जनपद पंचायत कोटा को अल्टीमेटम दे चुके है ऐसा उन्होंने कहा है|

 

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