कवि सम्मलेन के बहाने कांग्रेस के भावी प्रत्याशियों ने दिखाया दमखम, पिछड़ा वर्ग से है कई नाम

०० समाज सेवा के क्षेत्र से राजनीति में आए सोमनाथ यादव है पिछड़ा वर्ग का चेहरा

०० बेलतरा विधानसभा में है इस बार टिकिट की कड़ी टक्कर, कांग्रेस से हैं ज्यादा दावेदार

बिलासपुर। सांस्कृतिक गतिविधियों के द्वारा राजनैतिक संदेश देने का तरीका पुराना है। इस बार कांग्रेस ने हास्य कवि सम्मेलन के मंच पर पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रहे सोमनाथ यादव को जगह देकर भारतीय जनता पार्टी के जिला संगठन को यह संदेश दे दिया है, कि असंतोष का लाभ उन्हें भी लेना आता है। मात्र 7 दिनों में यह दूसरा कवि सम्मेलन है और इस कवि सम्मेलन के राजनीतिक मायने है, सीएमडी कालेज के मैदान में कवि सम्मेलन का मुख्य चेहरा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल हैं दूसरा नाम पार्टी के महामंत्री का है और समाज सेवा के क्षेत्र से राजनीति में आए सोमनाथ यादव तीसरा चेहरा है। कांगेस की राजनीति में पिछड़ा वर्ग का अपना महत्त्व है बिलासपुर विधानसभा सीट परंपरागत रूप से पिछड़ा वर्ग को दी जाती रही पार्टी की यह नीति सफल भी रही और लंबे समय तक कांग्रेस ने कब्जा बनाये रखा।

अविभाजित मध्यप्रदेश के आखिरी विधानसभा चुनाव में माढोताल भूमि घोटाला की छांव में जब कद्दावर मंत्री बी आर यादव का टिकिट कटा और उन्होनें अपने बेटे को टिकिट दिलाई तो उन्हीं की टीम में फूट पड़ गई और उस वक्त के लोकप्रिय चेहरे अनिल टाह ने निर्दलीय चुनाव में उतरने का फैसला किया परिणाम कांग्रेस तीसरे नंबर पर पहुंच गई और भाजपा से अमर अग्रवाल की जीत का सिलसिला शुरू हूआ जो अब तक चल रहा है। सोमनाथ यादव बिलासा कला मंच के रचयिता हैं, शिक्षित और कला प्रेमी सज्जनों की बिरादरी में लोकप्रिय है। राजनीति के झुकाव में उनकी शुरूवात शहर में मूलचंद खंडेलवाल, डीपी अग्रवाल को आरएसएस के चेहरे की तरफ था सक्रिय राजनीति में उन्होनें धरम कौशिक की टीम से भाजपा में प्रवेश किया और इसी समीकरण से वे पिछली बार पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष बनें। भारतीय जनता पार्टी की तासीर यही रही है कि उसे महत्वाकांक्षी टिकिट मांगने वाले चेहरे पचते नहीं है, कददावर मंत्री अमर अग्रवाल के शहर में उनकी मर्जी के बिना टिकिट मांगना भी गुनाह की श्रेणी में है इसी कारण सोमनाथ यादव अपने आप पार्टी में किनारे लग गए।

कांग्रेस में किसकी जगह लेंगे सोमनाथ :- कांग्रेस में जिला स्तर पर पिछड़ा वर्ग की राजनीति में सियाराम कौशिक,  बैजनाथ चंद्राकर,  भुवनेश्वर यादव,  रामशरण यादव, विष्णु यादव, श्याम कश्यप जैसे नाम प्रमुख रहे है, अब पार्टी में सोमनाथ यादव किसका स्थान लेंगे, कांग्रेस के महामंत्री की टीम में 2 यादव पूर्व से सक्रिय है दोनों को चुनाव लड़ने का मौका मिला है। बेलतरा में इस बार टिकिट की टक्कर कड़ी है, दावेदार ज्यादा हैं और कोई किसी से कम नहीं भुवनेश यादव,  चंद्रप्रकाश बाजपेयी, झगरराम सूर्यवंशी, राजेंद्र चावला, राजेंद्र धीवर और त्रिलोक श्रीवास जैसे नाम सक्रिय हैं सोमनाथ यादव की टिकिट की चाहत भी इसी क्षेत्र से है, यादव समाज की राजनीति में रामशरण यादव और सोमनाथ यादव एक साथ काम करतें है दोनों ने ही समाज की राजनिति में कभी भी स्थानीय विधायक को हावी नही होने दिया यहा तक की अगले माह होने वाले राष्ट्रीय यादव सम्मेलन का स्थान बिलासपुर से बदलकर बिल्हा इसलिए हुआ है कि शहर में सम्मेलन होगा तो स्थानीय विधायक को बुलाना होगा तभी केंद्र का कोई मंत्री आएगा। एैसी स्थिति से बचने के लिए कार्यक्रम का स्थान बिल्हा रखा गया है अब जब सोमनाथ यादव कांग्रेस के मंच पर होंगे तो क्या वे कांग्रेस महामंत्री की राजनीति का औजार बनेंगे और अपने समाज के पुराने मित्रों से प्रतिस्पर्धा करेंगे या सब को साथ लेकर पार्टी को मजबूत करेंगे। वैसे भी इस बार बेलतरा में त्रिलोक श्रीवास ने जिस तरह से दुबारा पार्टी प्रवेश कर अपनी गतिविधिया और कार्य करने को लेकर उनकी लोकप्रियता बढ़ी हैं,जिसे देखकर पुराने दावेदारों के माथे पर पसीना छूटने लगा है, कल भी प्रदेश अध्यक्ष का एक बड़ा कार्यक्रम  डंगनिया बेलतरा में आयोजित हुआ,जहां त्रिलोक श्रीवास के मार्गदर्शन में कोनी, सेमरा,गतोरी,मदनपुर, सिंगरी,सेंदरी,बिरकोना ,मदनपुर ,सिंगरी, लखराम, खैरा ,मटियारी, मोपका, लगरा, छोटी कोनी, कछार मोड़,भरनीडीह,सहित 50 गाँवो से भी ज्यादा जगहों पर त्रिलोक श्रीवास के मार्गदर्शन में फूल माला,आतिशी,एवं बाजे गाजे के सांथ भव्य स्वागत किया गया श्रीवास के हजारो की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे ।जो सर्व कुर्मी समाज का था और सरदार पटेल  जयंती के रूप में मनाया जाता मनाया गया यहां भी सभी दावेदारों ने पृथक-पृथक उपस्थिति दर्ज कराई।

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