शिक्षाकर्मियों के हित में प्रस्ताव पारित कराने अमित ने लिखा नेताप्रतिपक्ष को पत्र  

रायपुर। छत्तीसगढ़ में हड़तालयीन शिक्षाकर्मियों के हित में प्रस्ताव पारित कराने एक विधायक ने नेताप्रतिपक्ष को पत्र लिखा है। विधायक अमित जोगी ने नेताप्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव से कहा है कि, प्रदेश में करीब दो लाख शिक्षक अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। लोकतंत्र में जनता की आवाज दबाने में निपुण हो चुकी प्रदेश सरकार, अब आंदोलनरत शिक्षकों को नौकरी से निकालने व उन पर कड़ी कार्रवाई करने का दुर्भाग्य जनक प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि, प्रदेश के 146 जनपदों में सबसे पहले, मरवाही के अंतर्गत जनपद पंचायत मरवाही ने तत्परता दिखाते हुए जनपद सदस्यों की आपात बैठक बुलाई और राज्य सरकार की ओर से शिक्षकों के विरुद्ध की जाने वाली कार्रवाई के विरोध में सर्वसम्मति से दो बिन्दुओं का प्रस्ताव पारित कर दिया। वर्तमान में आंदोलनरत `शिक्षकगण पंचायत के अधीन कार्यरत हैं इसलिए तकनीकी तौर पर केवल जिला और जनपद पंचायतों को ही उन पर कार्रवाई करने का अधिकार है न कि, प्रत्यक्ष रुप से राज्य सरकार का। वैसे भी ये अधिकार राज्य सरकार को तभी मिलेगा जब वो शिक्षकगण का शासकीयकरण कर देती है। एक साथी विपक्षी नेता होने के नाते, मैं यह आशा करता हूं कि, शिक्षकों के अधिकारों के लिए चलाई जा रही, मेरी इस मुहीम से आप सहमत होंगे और कांग्रेस पार्टी समर्थित जिला और जनपद पंचायतों में प्रस्ताव पारित कराने का प्रयास करेंगे।

 

 

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