वनक्षेत्रों में जल संवर्धन के लिए बनाए जाएंगे डबरी-स्टापडेम

०० अचानकमार टाईगर रिजर्व के 19 गांवों का होगा व्यवस्थापन

०० वन मंत्री महेश गागड़ा ने ली अधिकारियों की बैठक

रायपुर| छत्तीसगढ़ में वन एवं वन प्रबंधन समिति क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जल संवर्धन के काम लिए जाएंगे। पहले चरण में बिलासपुर वनवृत्त के हाथी प्रभावित क्षेत्र रायगढ़ वनमण्डल से इस काम की शुरूआत होगी। वन मंत्री श्री महेश गागड़ा ने आज यहां इस संबंध में विभागीय प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया और इस परियोजना पर काम शुरू करने के लिए हरी झण्डी दे दी। लगभग 250 करोड़ रुपए कीे लागत वाली इस परियोजना के अंतर्गत एक हजार 306 जल संरचनाए निर्मित किए जाएंगे। इनमें प्रमुख तौर से स्थानीय नदी-नालों में डेम, नहर और खेतों में डबरी आदि काम कन्वर्जेंस के आधार पर किया जाएगा। मनरेगा, कैम्पा सहित विभिन्न विभागीय योजना को मिलाकर योजना पर अमल किया जाएगा। हाथियों को स्थानीय स्तर पर रोकने के साथ ही सिंचाई सुविधा बढ़ाकर कर स्थानीय वनवासियों की आमदनी में बढ़ोतरी करना इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य है। वन मंत्री के शंकरनगर स्थित निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में पीसीसीएफ श्री आर.के.टम्टा, पीसीसीएफ वाईल्ड लाईफ श्री आर.के.सिंह, एपीसीसीएफ श्री आनंद बाबू, डॉ. जितेन कुमार सहित अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
वन मंत्री श्री गागड़ा ने बैठक में बिलासपुर स्थित अचानकमार टाईगर रिजर्व की गतिविधियों और विस्थापन कार्य में प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कोर एरिया से विस्थापित होने वाले वनवासी परिवारों को विस्थापित स्थल पर तमाम बुनियादी सुविधाएं मुहैया होनी चाहिए। उन्होंने इन परिवारों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उनके कौशल विकास करने पर ज्यादा जोर दिया। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कोर एरिया में आने वाले 19 गांवों के 3 हजार 700 परिवारों को अन्यत्र पुनर्वास किए जाने की कार्य-योजना तैयार की गई है। उनके लिए स्थल का चिन्हांकन भी कर लिया गया है।  इन गांवों के पुनर्वास में 500 करोड़ रुपए का खर्च आएगा, जिनमें 300 करोड़ रुपए केन्द्र सरकार और 200 करोड़  रुपए राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। प्रथम चरण में रिजर्व एरिया के तीन गांव- तिलाईडबरा, बिराजपानी और छिर्राहट्टा का विस्थापन किया जाएगा। पुनर्वास नीति के अंतर्गत प्रत्येक प्रभावित परिवार को 10 लाख रुपए अथवा 2 हेक्टेयर भूमि दी जाती है। इसके साथ ही नए पुनर्वास गंाव में राज्य सरकार की तमाम योजनाओं की सुविधाएं निःशुल्क मुहैया कराई जाएंगी। वन मंत्री ने अचानकमार टाईगर रिजर्व में पर्यटकों की लगातार बढ़ते संख्या पर प्रसन्नता जाहिर की और उनकी सुविधा के लिए तीन जिप्सी खरीदने की सहमति प्रदान की। उन्होंने स्टाफ की कमी को भी जल्द पूर्ण करने का भरोसा दिलाया।

 

 

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