धान और मक्का खरीदी अभियान शुरू : मुख्यमंत्री ने किया धान खरीदी केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण

००  इस वर्ष बनाए गए 1992 खरीदी केन्द्र समितियों में हुआ 15.79 लाख किसानों का पंजीयन

०० मुख्यमंत्री ने अभियान के लिए दी अपनी शुभकामनाएं

रायपुर| किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य नीति के तहत धान और मक्का खरीदी का प्रदेशव्यापी विशेष अभियान आज से शुरू हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अभियान की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं दी हैं। डॉ. सिंह ने आज प्रथम दिवस पर राजनांदगांव जिले के ग्राम अंजोरा स्थित धान खरीदी केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां धान बेचने के लिए आए किसानों से बातचीत करते हुए उन्हें राज्य शासन द्वारा धान और मक्का खरीदी के लिए उपार्जन केन्द्रों में दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। इस केन्द्र में में ग्राम मगरलोटा की श्रीमती कमलादेवी भी 123 कट्टा धान लेकर आई थीं। डॉ. सिंह के पहुंचने तक वहां 293 क्विंटल धान की आवक हो चुकी थी। मुख्यमंत्री ने किसानों से भी उनकी खेती और फसल आदि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने तराजू और बांट आदि को भी देखा साथ ही धान की क्वालिटी को भी परखा। डॉ. सिंह ने किसानों से धान को अच्छी तरह सूखा कर और साफ-सफाई करके बेचने के लिए लाने की अपील की।


उल्लेखनीय है कि प्रदेश में चालू खरीफ विपणन वर्ष 2017-18 में किसानों से धान खरीदने की अधिकतम सीमा प्रति एकड़ 15 क्विंटल लिंकिंग समेत निर्धारित की गई है। खाद्य नागरिक आपूति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों और अन्य संबंधित अधिकारियों को परिपत्र जारी कर खरीदी कार्य के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। विभागीय अधिकारियों ने आज बताया कि राज्य में इस साल तीन नये उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। इन्हें मिलाकर राज्य की एक हजार 333 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के उपार्जन केन्द्रों (खरीदी केन्द्रों) की संख्या 1992 हो गई है। इस वर्ष लगभग 70 लाख मीट्रिक टन धान और 10 हजार मीट्रिक टन मक्का खरीदने का अनुमानित लक्ष्य तय किया गया है। केन्द्र सरकार के निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार धान और मक्के का उपार्जन किसानों की ऋण पुस्तिका के आधार पर किया जाएगा। अधिया अथवा रेगहा पद्धति से खेती करने वाले किसानों को भी संबंधित जमीन की ऋण पुस्तिका लानी होगी। उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी प्रत्येक सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक (शासकीय अवकाश दिवसों को छोड़कर) की जाएगी। प्रत्येक शनिवार को उपार्जन केन्द्रों में प्राप्त धान की मात्रा, बारदानों के उपयोग, समितियों को धान खरीदने के लिए दी गई राशि के खर्च आदि का हिसाब किया जाएगा और उसे कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर में अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाएगा।

मंडी प्रांगणों में भी होगी धान खरीदी :- राज्य की 69 कृषि उपज मण्डियों में से 42 मंडी प्रांगण में और 118 उप-मंडियों में से 73 में पिछले वर्ष की तरह इस खरीफ विपणन वर्ष के दौरान भी किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने की सुविधा दी जा रही है। प्रदेश के सभी 27 जिलों में समितियों के माध्यम से धान खरीदी छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) द्वारा और मक्के की खरीदी छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य में आज से शुरू धान और मक्का खरीदी के विशेष अभियान की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं दी हैं। डॉ. सिंह ने आज यहां जारी अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि सहकारी समितियों के सहयोग से किसानों के हित में चलने वाला यह छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और लम्बा प्रदेश व्यापी अभियान है। धान बेचने के लिए सहकारी समितियों में पंद्रह लाख 79 हजार किसानों ने अपना पंजीयन करवाया है। यह संख्या पिछले साल की तुलना में एक लाख 27 हजार ज्यादा हैं।
किसानों को तत्काल होगा ऑनलाइन भुगतान :- मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि किसानों से धान खरीदी राज्य शासन द्वारा पूर्व घोषित नीति के अनुसार की जाएगी। जिस दिन किसान धान बेचेंगे, उनकी राशि उसी दिन तत्काल उनके बैंक खातों में ऑनलाइन जमा कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा-समर्थन मूल्य नीति के तहत धान की नकद और लिंकिंग में खरीदी 31 जनवरी 2018 तक चलेगी। मक्के की खरीदी 31 मई 2018 तक होगी। मुख्यमंत्री ने किसानों से इस अभियान का लाभ उठाने और अपनी उपज का वाजिब मूल्य प्राप्त करने के लिए धान और मक्का निकटवर्ती खरीदी केन्द्रों (उपार्जन केन्द्रों) में बेचने की अपील की है। उन्होंने किसानों के नाम अपने संदेश में कहा है किसान भाई-बहनों को धान बेचने के लिए अपने गांव से ज्यादा दूर न जाना पड़े इसके लिए राज्य सरकार ने औसतन प्रत्येक साढ़े पांच ग्राम पंचायतों के बीच एक धान खरीदी केन्द्र की स्थापना की है। जिला कलेक्टरों और अन्य संबंधित अधिकारियों को उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। खरीदी और भुगतान की पारदर्शी व्यवस्था की गई है।
धान के समर्थन मूल्य में 80 रूपए और मक्के के समर्थन मूल्य में 60 रूपए की वृद्धि :-  डॉ. रमन सिंह ने कहा-इस वर्ष धान के समर्थन मूल्य में 80 रूपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। इसके फलस्वरूप कॉमन अथवा मोटा धान 1550 रूपए और ए-ग्रेड अथवा पतला धान 1590 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। मक्के की खरीदी में भी 60 रूपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। किसान निर्धारित उपार्जन केन्द्रों में मक्का 1425 रूपए प्रति क्विंटल की दर से बेच सकेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस वर्ष राज्य सरकार ने किसानों को वर्ष 2016 के धान पर 300 रूपए प्रति क्विंटल की दर से 2100 करोड़ रूपए का बोनस दिया है। किसान इस वर्ष जो धान बेचेंगे, उन्हें उसका बोनस अगले साल दिया जाएगा। इसकी भी तैयारी चल रही है। धान खरीदी के लिए इस वर्ष तीन नये उपार्जन केन्द्र रायगढ़ जिले के ग्राम जोबरोपाली (सहकारी समिति धौराभांठा), रायपुर जिले के सेमरिया (सहकारी समिति अमोदी) और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम टिकुलिया (सहकारी समिति-ग्राम खोखली) में बनाए गए हैं।

 

 

error: Content is protected !!