बच्चे ही देश का भविष्य हैं: राज्यपाल बलरामदास टंडन

०० बालगृह संस्थाओं के बच्चों का राज्य स्तरीय उल्लासकार्यक्रम संपन्न

रायपुर| राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन आज यहां रायपुर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय बाल उत्सव ‘उल्लास’ कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि बतौर शामिल हुए। इस अवसर पर रायपुर क्षेत्र के सांसद श्री रमेश बैस, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री पुन्नुलाल मोहले उपस्थित थे। राज्यपाल श्री टंडन ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किये।

राज्यपाल श्री टंडन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चे ही देश का भविष्य हैं। इन्हीं बच्चों में से कई आगे चलकर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी आदि बनेंगे और देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चे कच्चे मिट्टी की तरह होते हैं, उन्हें जिस रूप में भी ढाला जाए वे ढल जाते हैं। शिक्षकों और अभिभावकों की जिम्मेदारी होती है कि वे उन्हें उचित तरीके से मार्गदर्शन दें, ताकि वे एक अनुशासित नागरिक बन सकें। उन्होंने कहा कि बच्चे अनगढ़ हीरे होते हैं, जिन्हें तराशने का दायित्व विशेष रूप से शिक्षकों का होता है। बच्चों को केवल ज्ञान की ही आवश्यकता नहीं होती, बल्कि उन्हें ‘समय’ भी चाहिए। शिक्षकों को उन्हें अपना समय देकर उनका उचित मार्गदर्शन करना चाहिए।राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि बच्चों में असीमित ऊर्जा होती है। इस ऊर्जा का सही दिशा में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उनके कौतुहल और जिज्ञासा के भाव को उचित तरीके से शांत करना चाहिए। उन्होंने बच्चों द्वारा बनाई गई कलात्मक वस्तुओं की सराहना की। उन्होंने कार्यक्रम के प्रारंभ में वहां उपस्थित सभी बच्चों एवं अतिथियों द्वारा सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाने एवं अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ के स्थान पर पौधों से किये जाने की मुक्त कंठ से सराहना की।कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं सांसद श्री रमेश बैस ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश शासन द्वारा बच्चों के संरक्षण, संवर्धन के समुचित प्रयास किये जा रहे हैं। निराश्रित बच्चों एवं वे बच्चे जिन्हें देखभाल की आवश्यकता है, की जिम्मेदारी राज्य शासन द्वारा पूरी तरह निभाई जा रही है। शासन के प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना की जा रही है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति श्री ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह दृढ़ निश्चय के बल पर अभावों में भी आगे बढ़ा जा सकता है।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू ने कहा कि विभाग द्वारा प्रदेश के बाल गृहों के बच्चों के लिए लगातार तीसरे वर्ष बाल महोत्सव ‘उल्लास’ का आयोजन किया जा रहा है। इससे प्रेरणा लेकर राष्ट्रीय स्तर पर भी इस तरह का आयोजन ‘हौसला’ किया जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के 50 बच्चे भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों की उचित देखरेख, सुरक्षा एवं संवर्धन के लिए राज्य शासन कृतसंकल्पित है।महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती एम. गीता ने स्वागत भाषण दिया और संसदीय सचिव श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के हेड श्री प्रशांत दास, संयुक्त संचालक श्रीमती अर्चना राणा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बालगृहों के अधीक्षक एवं बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित थे।

 

 

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