अंतागढ़ टेप कांड की याचिका सुप्रीमकोर्ट ने स्वीकारी, कांग्रेस ने की थी कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

रायपुर| सुप्रीम कोर्ट ने अंतागढ़ टेप कांड से जुड़ी याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने यह याचिका दाखिल की है। बिलासपुर हाईकोर्ट से मामला खारिज हो जाने के बाद कांग्रेस ने 6 नवम्बर को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

इस याचिका में भूपेश ने भारत सरकार, भारत निर्वाचन आयोग, छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी,रमन सिंह,अजीत प्रमोद कुमार जोगी,अमित कुमार जोगी,मंतूराम पंवार,पुनीत गुप्ता, भोजराज नाग,छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव,विधि एवं विधायी कार्यविभाग के सचिव,केंद्रीय गृह सचिव और केंद्रीय कानून सचिव को प्रतिवादी बनाया है। भूपेश बघेल ने अंतागढ़ में कांग्रेस के प्रत्याशी की नाम वापसी को षड़यंत्र बताते हुए पूरे मामले की न्यायालय की निगरानी में विशेष दल से जांच कराने की मांग की है। गौरतलब है कि वर्ष 2014 में राज्य का अंतागढ़ उपचुनाव उस समय सुर्खियों में आया था, जब अंतागढ़ सीट के लिए मंतूराम पंवार कांग्रेस की तरफ से अधिकृत प्रत्याशी बनाए गए थे। लेकिन पवार ने नामांकन दाखिल करने के बावजूद पार्टी को सूचना दिए बगैर ऐन वक्त पर विधायक का चुनाव लडऩे से इनकार करते हुए अपना नाम वापस ले लिया था। इसके बाद खरीद-फरोख्त के आरोप लगे और इसका एक टेप भी सामने आया, जिसमें कथित रूप से पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, उनके पुत्र अमित जोगी और सीएम रमन सिंह के दामाद पुनीत गुप्ता की आवाजें होने की बात कही गई। इस टेप के जारी होने के बाद छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में सियासी घमासान मच गया था, जिसका सीधा असर कांग्रेस पार्टी में के फूट के रूप में दिखा। इस टेपकांड विवाद को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस दो धड़ों में बंट गई। इसका परिणाम यह हुआ कि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर अपनी नई पार्टी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस का गठन कर लिया।

 

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