पुलिस के संरक्षण में हुआ हमला,दोषी अफसरों के खिलाफ हो कार्रवाई : कांग्रेस

०० नोटबंदी को लेकर प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी की घटना के बाद कांग्रेस-भाजपा के बीच गरमाई सियासत

रायपुर|राजधानी रायपुर में नोटबंदी को लेकर प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी की घटना के बाद कांग्रेस-भाजपा के बीच सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने पत्थरबाजी की घटना को लेकर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि,वे अपने कार्यकर्ताओं के इस हिंसक और अलोकतांत्रिक आचरण के लिए माफी मांगे अन्यथा इसका खामियाजा उनके नेताओं को भी भुगतना पड़ेगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा नेताओं ने पुलिस के संरक्षण पर कांग्रेस की सभा पर हमला बोला। कांग्रेस इस घटना की घोर निंदा करते हुए जांच की मांग करता है।

विधायक धनेन्द्र साहू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रजातंत्र में विपक्ष को विरोध करने का नैतिक अधिकार है, लेकिन प्रदेश सरकार पत्थरबाजी जैसी घटना से भय का माहौल पैदा करना चाहती है, जोकि प्रजातंत्र में शर्मनाक घटना है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए प्रदेश सरकार की एक सुनियोजित घटना है। कांग्रेस इस घटना की घोर निंदा करते हुए जांच की मांग करता है। कांग्रेस नेता सत्यनारायण शर्मा ने पत्थरबाजी की घटना की कड़ी आलोचना करते हुए जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी पुलिस अफसर दोषी पाया जाए उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। इससे पहले बुधवार के दिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल,नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव,पूर्व केंद्रीय मंत्री चरणदास महंत,विधायक धनेन्द्र साहू,सत्यनारायण शर्मा,सांसद ताम्रध्वज साहू, सांसद छाया वर्मा, रविन्द्र चौबे और मोहम्मद अकबर ने संयुक्त बयान जारी कर इस घटना की निंदा की है। घटना विरोध में विधायक सत्यनारायण शर्मा व शहर अध्यक्ष विकास उपाध्याय के नेतृत्व में एसपी कार्यालय में धरना दिया। कांग्रेस ने प्रदेशभर में धरना देकर नोटबंदी की विफलताओं को बताया। राजधानी में गुढि़यारी और राजीव गांधी चौक पर धरना दिया गया। नोटबंदी के कारण जिन लोगों की मृत्यु हुई थी, उन्हें कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि दी गई।

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