वन का समुचित संरक्षण करें: महेश गागड़ा

०० विकास के मामले में पहले और अब में व्यापक परिवर्तन-सांसद

 ०० हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत सामग्री वितरण

 ०० जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान बैगा आदिवासी सम्मेलन में शामिल हुए

 रायपुर/कवर्धा। छत्तीसगढ़ शासन वन, विधि एवं विधायी कार्य एवं जिले के प्रभारी मंत्री महेश गागड़ा जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान आज कबीरधाम जिले के दूरस्थ आदिवासी बाहुल्य विकासखंड बोड़ला की ग्राम पंचायत बोक्करखार में आयोजित बैगा आदिवासी सम्मेलन में शामिल हुए। इस अवसर पर उपस्थित समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वन एवं पेड़ पौधे को सुरक्षित, संरक्षित रखें, इससे पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, वहीं वर्षा होगी। उन्होंने कहा कि वनांचल क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के मार्गदर्शन में विगत 14वर्षों से निरंतर विकास के कार्य हो रहे है और निर्माण तथा हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ लोगों को मिल रहा है। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कुमारी बाई उइके, जनपद पंचायत बोड़ला की अध्यक्ष श्रीमती शांतिबाई धुर्वे, बोड़ला नगर पंचायत अध्यक्ष डॉ. रूपनाथ मानिकपुरी, भोरमदेव शक्कर कारखाना के उपाध्यक्ष श्री गणेश तिवारी, कवर्धा नगर पालिका के उपाध्यक्ष श्री मनोज गुप्ता, श्री अनिल ठाकुर, श्री राकेश शर्मा, जिला कलेक्टर श्री नीरज कुमार बनसोड़, पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेंद सिंह, एसडीएम बोड़ला श्री गिरिधारी लाल यादव विशेष रूप से उपस्थित थे।

प्रभारी मंत्री महेश गागड़ा ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज शासन द्वारा महिला बाल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली व्यवस्था, पेयजल एवं सिंचाई के लिए योजनाएं तैयार कर विकास मूलक कार्य किये गये है। पहले जहां वर्षा के दिनों में आवागमन के लिए सड़के और पुल-पुलिया नहीं थी, आज राज्य शासन द्वारा सड़कों का निर्माण किया गया है और आमजन के लिए आवागमन की सुविधा को बेहतर बनाया गया है। आदिवासी अंचलों में जहां कीमती वनोपज अत्यंत कम कीमत वाली वस्तु के बदले में आदिवासी भाईयों को बेचना पड़ता, अब उन्हें अपने वनोपज का समुचित दाम मिलने लगा है। राज्य शासन द्वारा एक रूपये किलो में चांवल एवं नमक आदि प्रदान करने की योजना वनांचलवासियों के लिए वरदान के रूप सिद्ध हुई है। पंचायतों के माध्यम से निर्माण और हितग्राहीमूलक योजनाओं का विशेष रूप से संचालन किया जा रहा है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि हाल ही राज्य सरकार द्वारा 21 सौ करोड़ रूपये का किसानों को धान बोनस प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि आगामी एक दिसंबर से 10 दिसंबर के बीच वनांचल क्षेत्र में रहने वाले आदिवासियों भाईयों को तेंदूपत्ता बोनस प्रदान किया जायेगा। कबीरधाम जिले के लिए 5 करोड़ 94 लाख रूपये का तेंदूपत्ता बोनस बटेगा, पहले जहां तेंदूपत्ता के लिए 1500 रूपये मानक बोरा निर्धारित था, वर्तमान में राज्य सरकार ने 1800 रूपये मानक बोरा कर दिया है। अगले वर्ष 2500 रूपये मानक बोरा के हिसाब से भुगतान किया जायेगा। प्रभारी मंत्री ने आगे कहा कि राज्य शासन द्वारा वनांचल में निवास करने वाले आदिवासियों के बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के शैक्षणिक छात्रवृत्ति एवं व्यावसयिक पाठ्यक्रम के लिए छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है। इन योजनाओं का आगे आकर लाभ उठायें। इस अवसर पर वितरित किये जाने वाले रेडियो के संबंध में उन्होंने कहा कि हर माह प्रधानमंत्री द्वारा आमजन से वार्तालाप शैली में किये जाने वाले कार्यक्रम मन की बात और प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा की जाने वाली रमन के गोठ कार्यक्रम सुनें एवं उसका लाभ उठायें। वनांचल क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व सहित अन्य विभागों के मैदानी अमलों से कहा कि समर्पित होकर अपने-अपने कार्य को सेवा भावना से संपादित करें। इस अवसर पर सांसद श्री अभिषेक सिंह ने कहा कि पहले और आज में व्यापक परिवर्तन आया है। राज्य शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के जरिये यह परिवर्तन संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि पहले जहां आवास योजना के तहत ग्राम पंचायतों में 75 हजार रूपये की राशि निर्माण हेतु प्रदान की जाती थी, वहीं अब डेढ़ लाख रूपये की राशि प्रदान की जाती है तथा बड़ी संख्या में पक्का आवास बनाने का कार्य स्वीकृत किया जाता है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री की मंशा है कि हर गरीब को उनका अपना पक्का मिलें और इसके लिए बड़ी संख्या में आवास स्वीकृत किये जा रहे है। उन्होंने बताया कि बोक्करखार पंचायत में 190 प्रधानमंत्री आवास निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की योजनाओं से वनांचल क्षेत्र के निवासियों के वनोपज का उचित दाम मिलने लगा है। राज्य शासन द्वारा आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट कार्ड के जरिये हर परिवार के सदस्य के निजी या शासकीय चिकित्सालय में अब 50 हजार रूपये तक तक ईलाज कराया जा सकता है। उन्होंने सभी आदिवासी भाईयों से स्मार्ट कार्ड बनवा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सौभाग्य योजना के तहत अब हर गरीब परिवारों को बिजली मिलेगी और इस क्षेत्र में एक साल के अंदर व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा। उन्हांने कहा कि बोक्करखार क्षेत्र में मिडिल स्कूल के बाद हाई स्कूल की शिक्षा के लिए दूर जाना पड़ता था, इसके लिए अस्थाई रूप से हाई स्कूल खुला, और यहां का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है और इसकी शीघ्र ही स्वीकृति मिल जायेगी। उन्होंने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में विभिन्न विषयों के शिक्षकों की कमी रही है, इस कमी को दूर करने के लिए मॉडा प्रोजेक्ट के तहत आने वाले गांव के लिए योजना तैयार कर यह कार्य किया जायेगा। उन्होंने कहा कि संचार सुविधा बढ़ाने के लिए वनांचल में मोबाईल टॉवर की स्थापना आवश्यक है और इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। इनकी स्थापना हो जाने पर सभी गांवों में संपर्क सुविधा हो जायेगी। इस अवसर पर सांसद ने बोक्करखार एवं शंभुपीपर में सीसी रोड़ निर्माण तथा बोक्करखार में मुक्तिधाम में शेड निर्माण की स्वीकृति प्रदान की। इस अवसर पर कवर्धा विधायक श्री अशोक साहू ने कहा कि कवर्धा क्षेत्र में लंबे अरसे से लोगों को रेल लाईन की मांग थी और केन्द्र सरकार द्वारा इसके स्वीकृति दी गई है। उन्होने कहा कि राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में सिंचाई हेतु अनेक योजनाएं तैयार की गई है। इसके अलावा जिले में केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना हुई है। उन्होंने कहा कि निर्माण और विकास के क्षेत्र में 15 वर्ष पूर्व स्थिति ठीक नहीं थीं, लेकिन वर्तमान शासन द्वारा आमजन के आवागमन के लिए सड़क, भोजन हेतु चावल वितरण की व्यवस्था, बेहतर स्वास्थ्य एवं ईलाज के लिए स्मार्ट कार्ड की व्यवस्था की गई है। शासन द्वारा किसानों की चिंता करते हुए धान बोनस का वितरण किया गया है, वहीं दिसंबर माह में आदिवासी भाईयों को तेंदूपत्ता बोनस का वितरण किया जायेगा। जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री संतोष पटेल एवं श्री नीतेश अग्रवाल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम का मंच संचालन श्री राजेश तिवारी ने किया।

हितग्राहियों को सामग्री वितरण:- छत्तीसगढ़ शासन वन, विधि एवं विधायी कार्य एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री महेश गागड़ा, सांसद श्री अभिषेक सिंह, कवर्धा विधायक श्री अशोक साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष पटेल सहित सभी अतिथियों ने शासन की जनकल्याणकारी एवं हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत सामग्री वितरण किया। आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के तहत रेडियो, छाता एवं मच्छरदानी का वितरण किया गया, जिसमें सर्वश्री चैतराम, कृपाल सिंह, पुसऊ, तितरीबाई, बरबतिया बाई, असदी बाई, सोनसाय, रामलाल, दशरी बाई, मुनहीन बाई, झनक लाल, सिरधू कमली बाई, परमिला, मालिक बाई, सजनू एवं सुकवारो विशेष रूप से लाभान्वित हुए। इसी तरह कृषि विभाग द्वारा चार किसानों को चना मिनीकिट का वितरण किया गया, जिसमें श्री भगत सिंह, अशोक, गरीब सिंह एवं संतोष शामिल है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 6 महिला हितग्राहियों को निःशुल्क गैस चूल्हा एवं सिलेण्डर वितरण किया गया, जिसमें श्रीमती कौशिल्या, कमली बाई, प्यारी बाई परमिला बाई, मालिन बाई एवं सजली बाई शामिल है। इसके अलावा प्रधानमंत्री डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत आदिवासियों को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया गया और प्रशिक्षण प्राप्त श्री देव सिंह अहिरे, जगेश्वर लहरे, संदीप लहरे, सरजू लहरे एवं व्यासनारायण लहरे को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इसके अलावा वन विभाग द्वारा कंबल वितरण भी किया गया। शिविर स्थल पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में वनांचल क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इस अवसर पर आसपास के गांवों से उपस्थित ग्रामीणों के अलावा जनप्रतिनिधिगण, श्री राकेश शर्मा, जनपद पंचायत सीईओ श्री दिनेश चंद्राकर, सरपंच श्री सुरेश धुर्वे, पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

 

 

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