न्यायालय ने की पत्रकार विनोद वर्मा की जमानत याचिका खारिज

०० विनोद वर्मा के वकील फिर जमानत के लिए कोर्ट में पेश करेंगे याचिका

रायपुर|छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री की कथित सेक्स सीडी मामले में आरोपी विनोद वर्मा को कोर्ट से बड़ा झटका लगा। कोर्ट ने सोमवार को सेक्स सीडी कांड की सुनवाई करते हुए विनोद वर्मा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। विनोद वर्मा के अधिवक्ता फैजल रिजवी ने बताया की पुलिस ने न ही कोई सीडी कोर्ट में पेश की और न ही कोई ठोस सबूत पेश किया इसके बाद भी पुलिस विनोद वर्मा की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया। अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पुलिस विनोद वर्मा से लगातार पूछताछ कर रही है,बावजूद उनके खिलाफ कोई साक्ष्य पेश कर पाई है।

अधिवक्ता फैजल रिजवी ने कोर्ट से इन दलीलों के आधार पर विनोद वर्मा को जमानत देने का अनुरोध किया लेकिन लोक अभियोजक ने इसका विरोध करते हुए जमानत देने पर साक्ष्य के प्रभावित होने का हवाला देते हुए जमानत याचिका को खारिज करने की अपील की। न्यायधीश जेएस वटी प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद विनोद वर्मा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। विनोद वर्मा के अधिवक्ता फैजल रिजवी ने बताया कि एक बार फिर जमानत याचिका के लिए कोर्ट में पेश करेंगे। बता दें कि इस समय विनोद वर्मा न्यायिक अभिरक्षा के तहत जेल में हैं। इससे पहले मंत्री के कथित सेक्स सीडी मामले में गिरफ्तार विनोद वर्मा की तीन दिन की रिमांड अवधि समाप्त होने पर मंगलवार को पुलिस ने उन्हें चतुर्थ सिविल जज भावेश कुमार वट्टी की अदालत में पेश किया,जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि दूसरी पेशी में भी विनोद वर्मा ने जमानत नहीं मांगी। वर्मा के वकीलों का कहना है कि कुछ तथ्य जुटाने के बाद जमानत याचिका पेश की जाएगी। कोर्ट से पंडरी पुलिस ने भी वर्मा की रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग नहीं की। वर्मा के स्वास्थ्य और खतरे को देखते हुए उन्हें रायपुर केंद्रीय जेल में आम कैदियों से अलग सेल में रखा गया है। यह सेल जेल अस्पताल के करीब है। उनकी निगरानी के लिए डॉक्टरों को भी तैनात किया गया है।

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