कोटा जनपद में प्रधानमंत्री आवास योजना में हो रही जमकर धांधली

०० आवास योजना की राशि हितग्राही के खाते में आने के बाद भी नहीं मिल पा रहा है लाभ

संजय बंजारे
करगी रोड़ कोटा| कोटा जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत कुँवारीमुड़ा के  आश्रित ग्राम  लालपुर में आने वाले गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार को सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत की जिसके तहत गरीब लोगों को पक्का मकान बनाकर सरकार दे रही है लेकिन वहीं पर प्रधानमंत्री आवास की इस महत्वकांक्षी योजना की ऐसी धज्जियां उड़ाई जा रही है हितग्राही का पैसा तो उनके खाते में आ रहा है मगर सहमति पत्र साइन करवा कर  धर्मेंद्र देवांगन के द्वारा  आहरण  कर लिया जा रहा है और जनपद पंचायत कोटा के जिम्मेदार अधिकारीयो द्वारा इस गंभीर मामले को अनदेखा कर किसी भी तरह से ध्यान नहीं दिया जा रहा है|

कोटा जनपद के जिम्मेदार अधिकारी सीईओ इसी आवास की स्थिति की समीक्षा बैठक पूर्व में कृषक कुटीर में रखा गया था जिसके नाम पर लाखों रुपए की पार्टी अपनी जिला सीईओ फरिहा आलम सिद्दीकी ने इंजीनियर ठेकेदार को प्रधानमंत्री आवास का पूरा जिम्मा दे रखा है कोटा विकासखंड मुख्यालय से मात्र 3 किलोमीटर की दूरी में ग्राम पंचायत कुंवारीमुड़ा के आश्रित ग्राम लालपुर में प्रधानमंत्री आवास में हो रही धांधली और अनियमितता की जानकारी मीडिया को प्राप्त हुई तो वहां की हालात जानने के लिए मीडिया ने लालपुर जाकर जानकारी जुटाई और जो जानकारी निकल कर सामने आए उसमें प्रधानमंत्री आवास जैसे महत्वपूर्ण योजना पर पलीता लगाते अधिकारी और जनप्रतिनिधि की पोल खोलकर रख दी कुंवारीमुडा ग्राम पंचायत का आश्रित ग्राम लालपुर में सवरा जनजाति व बाहुल्य इलाका है जहां लोग कपड़े की छाव लगाकर एवं छोटी सी कुटिया बनाकर रहते हैं और वहां के सांवरा जाति के लोग रोजी मजदूरी तथा सांपों को दिखा कर अपना जीवन निर्वाह कर रहे हैं! जब मीडिया ने लालपुर पहुंची तो उसे सबसे पहले हितग्राही मतिया बाई के यहां पहुंची जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास का निर्माण कराया जा रहा है तथा लेंटर की ढलाई का कार्य चल रहा था शरद राम सांवरा के यहां भी प्रधानमंत्री आवास में काम चल रहा था| हितग्राही जगन सिंह सांवरा ने मीडिया को एक बात और बताया कि मेरे नाम पर प्रधानमंत्री आवास आया है जिसका पूर्ण रूप से बनाने का ठेका कोटा जनपद पंचायत सदस्य धर्मेंद्र देवांगन ने जिम्मा लिया है उनके द्वारा प्रधानमंत्री आवास बनाने के लिए हितग्राहियों के लिए सिरमेंट ईट छड़ गिट्टी भी देना शुरु किया गया मगर उनके द्वारा आधा-अधूरा उस काम को बीच में ही छोड़ दिया गया और उनके द्वारा हितग्राहियों का पूरा पैसा हरण कर लिया गया है हितग्राहियों ने बतलाया है कि 6 माह हो गया है! हम लोगों का आवास अभी भी आधा अधूरा पड़ा हुआ है जिससे कि सवरा जाति के लोग खुले आसमान में कपड़े की चादर लगाकर और इस ठंड के मौसम में बाहर में ही अपने परिवार के साथ जीवन यापन कर रहे हैं! हितग्राही जगन सिंह सांवरा के खाते में दो किस्त आया हुआ था ठेकेदार धर्मेंद्र देवांगन के द्वारा हितग्राही से आरटीजीएस करवा लिया गया पहली किस्त मार्च माह में आया जबकि दूसरा किस्त जुलाई 2017 में निकाल ली गई हितग्राहियों से सहमति पत्र में साइन करवाकर धर्मेंद्र देवांगन के द्वारा निकाला गया उन लोगों को यह भी जानकारी नहीं होता है कि प्रधानमंत्री आवास में कितना रुपए उनके खाते में आया है वह लोग ज्यादा पढ़े लिखे नहीं होने के वजह से उनकी मजबूरी का फायदा धर्मेंद्र देवांगन के द्वारा उठाया जा रहा है!लालपुर के सांवरा जाति के हितग्राहियों ने बतलाया है कि ठेकेदार धर्मेंद्र देवांगन जो कि कोटा जनपद पंचायत के जनपद सदस्य के द्वारा ही आवास के लिए पूरा का पूरा मैटेरियल सप्लाई वही कर रहा है पिछले 6 माह से प्रधानमंत्री आवास का काम अधूरा पड़ा हुआ है जनपद सदस्य धर्मेंद्र देवांगन के द्वारा जगन सिंह सांवरा को पहले ₹35000 का चेक दिया गया फिर चेक बाउंस होने पर उनके द्वारा ₹15000 का चेक दिया गया मीडिया ने इस पूरे मामले की जानकारी प्रधानमंत्री आवास योजना की समन्वयक तामेश्वरी सिंह से पूछा तो उन्होंने इस मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही!प्रधानमंत्री आवास में हो रही धांधली और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए शासन और प्रशासन ने गरीबों के लिए आवास बेहतर और गुणवत्ता युक्त बने इसलिए सरकार ने आवास मित्र के साथ ही इंजीनियर सरपंच सचिव एसडीओ और सीईओ की पूरी फौज लगा रही है लेकिन इस में से कोई भी जिम्मेदारी से कार्य नहीं करवा रहे हैं पूरा का पूरा काम ठेकेदार के ऊपर छोड़ दिया गया है इस कारण से प्रधानमंत्री आवास की राशि में जमकर बंदरबांट किया जा रहा है अब सोचने वाली बात यह है कि उस ठेकेदार के ऊपर कार्यवाही होती है या सचिव सरपंच या इंजीनियर के ऊपर कोई कार्यवाही होती है कि नहीं यह सोचने का विषय है!
कोटा जनपद पंचायत के प्रशिक्षु आईएएस सीईओ विनय कुमार लंगेह से मीडिया ने जब इस मामले की जानकारी चाही तो उन्होंने बताया कि इस गंभीर मामले में तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी और उन्होंने कहा है कि इस गंभीर मामले पर मैं जांच करवाता हूं|

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