आदिवासी बालक छात्रावास की दीवार-छज्जे पर पडी दरारे, दुर्घटना की आशंका

 संजय बंजारे

कोटा| कोटा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत करगीकला के आदिवासी बालक छात्रावास की छतों में दरारे आ गई है। और कई जगह तो छज्जा गिर भी चुका है। जिसके कारण से वहां के छात्रावास में रहने वाले बालकों को जान का खतरा बना हुआ है। कभी भी किसी प्रकार दुर्घटना हो सकती है।

छात्रावास में रहने वाले बालक ने बताया कि हम लोगों को डर लगा रहता कि कही छज्जा हमारे उपर ही ना गिर जाए इस वजह से कही न कही हम लोगों के मन में डर सा हो गया है। हम इसी कारण से ठीक से पढाई भी नही कर पा रहे। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को कई बार छात्रावास अधिक्षक के द्वारा दि जा चुकी है। लेकीन इस ओर विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नही देते है छात्रावास में रहने वाले बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर मजबुरी में वहां रह रहे है। जो कि छात्रावास में कभी भी कोई बडी दुर्घटना घटती हो सकती है।

आदिवासी बालक छात्रावास करगीकला के भृत भगवान दास मानिकपुरी ने बतलाया की यह छात्रावास बिल्डिंग लगभग 30-40 वर्श पुरानी है। इस कारण से बरसात के मौसम में छात्रावास की बिल्डिंग से पानी की बुन्दे गिरने लगती है। और छत का छज्जा चार से पांच जगह से धीरे धीरे गिर रहा है।छात्रावास के भृत ने बतलाया कि एक दो दिन पहले रसोई कक्ष में खाना बना रहा था तो अचानक छत का छज्जा भरभरा के गिर गया इस कारण से मै खाना भी बहार में ही बना रहा हूं। जो कि कभी भी दुर्घटना हो सकती है। इसका मुझे भी भय रहता है।

छात्रावास में रहने वाले बच्चों ने यह मांग की है। कि जल्द से जल्द छात्रावास की बिल्डिंग को सुधरवाया जाए या फिर षासन प्रषासन हमारे रहने के लिए कोई दुसरे कमरे कि व्यवस्था कि जाए। जिससे की हम लोग आने वाले समय में सुरक्षित रह सके और अपनी पढाइ्र्र लिखाई पुर्ण रूप से कर सके।

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