समीक्षा बैठक के नाम पर हुई भव्य पार्टी का आयोजन

०० कृषक कुटीर में चलती है सरकारी पार्टीयां

संजय बंजारे

करगीरोड कोटा| जनपद पंचायत कोटा के सीईओ हिमांशु गुप्ता ने आंवला नवमी के एक दिन पहले ही अपने विभाग के आला अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कृषक कुटिर में एक विशाल पार्टी आयोजित की जिसमें जिला पंचायत सीईओ फरीहा आलम सिद्दकी के साथ कई इंजिनियर अधिकारी और जनपद के बाबू कलर्क चपरासी सब मौजूद थे। पार्टी तो खाने पीने व एन्जॉय करने के लिए ही होती है यहां भी यही सब हुआ बिलासपुर से खाना बनाने के लिए कैटरर्स बुक किए गए जिन्हें वेज और नानवेज दोनों बनाना था सुबह आठ बजे से कैटरर्स के साथ जनपद के डी के मैत्री और अन्य स्टाफ पार्टी के आयोजन में जुट गए थे। ये खबर कोटा के खबरनवीसों को भी हुई और जब मीडिया ने इस बारे में जानकारी लेनी शुरू की तो अधिकारियों का रटारटाया जवाब मिला कि जिला स्तरीय समीक्षा बैठक रखी गई है। अब सवाल ये उठता है कि समीक्षा बैठक जनपद पंचायत के सभाकक्ष या जिला पंचायत के सभाकक्ष में क्यों नहीं हुई ? समीक्षा बैठक कोटा के पिकनीक स्पाट पर क्यों आयोजित की गई ? क्या बैठक इतनी गैर जरूरी और महत्वहीन थी कि बैठक की बोरियत दूर करने के लिए अधिकारीयों को पिकनीक की जरूरत पड़ गई ? सवाल बहुत से हैं और इसका जवाब भी सभी जानते हैं अधिकारी भी और आम जनता भी लेकिन जवाब अधिकारियों का यही है कि समीक्षा बैठक हो रही है । याने अब आगे समीक्षा बैठक कानन पेंडारी , स्मृति वाटिका खूंटाघाट डेम ,या अचानकमार के जंगलों में भी आयोजित किए जाने के रास्ते खुल गए हैं यदि ऐसा हो तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए ।

जब इस बारे में जानकारी के लिए जनपद सीईओ हिमांशु गुप्ता के मोबाईल पर सपंर्क किया तो उनसे बात नहीं हो पाई बाद में यहां के डी के मैत्री ने बताया कि पार्टी नहीं बैठक आयोजित की गई है। बैठक के एजेण्डे के बारे में पूछने पर उनका कहना था कि बस ऐसे ही है बाद में बात को संभालते हुए कहा कि आवास संबंधित बैठक है।पार्टी के दौरान जानकारी लेने मीडिया भी पहुंचा मीडिया के पहुंचते ही जनपद सीईओ के साथ ही अन्य अधिकारियों के चेहरे का रंग फीका हो गया। जनपद सीईओ हिमांशु गुप्ता ने कहा कि अभी तो बैठक चल रही है लंच हुआ है इसके बाद दुसरे दौर की बैठक शुरू होगी मैडम आप लोगों से मीटिंग खतम होने के बाद ही मीडिया से बात करेंगी। ये बात हो ही रही थी कि जिला सीईओ बिलासपुर जाने के लिए निकलने लगी मीडिया से बात करते हुए उन्होंने भी कहा कि पार्टी नहीं है बैठक है और बैठक तो कहीं भी आयोजित की जा सकती है। मीडिया ने उनसे आवास में हो रही गड़बड़ीयों के बारे में पूछा तो उनका कहना था आप मुझे नाम सहित बताईये कहां गड़बड़ी है कार्यवाही की जाएगी। आप लोग इसे ईशु बना रहे हैं आप लोगों का तो मैटर ही नहीं है रही बात लंच की तो वो तो रहता ही है,प्रेस को क्या मतलब है जब हमको खबर छपवाना होगा तो प्रेस विज्ञप्ती जारी कर देते हैं । जिला सीईओ से हुई पूरी बात का जमाखर्च यही समझ आया कि प्रधानमंत्री आवास जैसा विषय मीडिया के कव्हरेज का नहीं है। प्रधानमंत्री आवास जैसे गंभीर और महत्वपूर्ण योजना की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक किसी भी पिकनीक स्पाॅट पर आयोजित की जा सकती है । प्रेस सिर्फ वही विषय छापे जो अधिकारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में छापने के लिए दें । छत्तीसगढ़ के एक महत्वपूर्ण जिले की जिला पंचायत सीईओ इतने गंभीर विषय पर ऐसी राय रखती है ये जानकर आश्चर्य हुआ । समझा जा सकता है जब उच्च अधिकारी ऐसे बयान देते हों तो इनके मातहत जनपद सीईओ का रवैया इन योजनाओं को लेकर कैसा होगा ।इस संबंध में कोटा एसडीएम से जब बात की गई तो उनका कहना था- हां मुझे कल पता तो चला कि कोई प्रशिक्षण शिविर आयोजित है मुझे बुलाया नहीं गया है इसलिए ज्यादा जानकारी नहीं है ।

प्रधानमंत्री आवास में भारी अनियमितता:-  जिस मुद्दे को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही उस योजना की हालत कोटा विकासखंड में आईसीयू में है । प्रधानमंत्री आवास को लेकर जनपद सीईओ ने पूर्व की बेैठक में तीन ठेकेदार भी नियुक्त कर दिए है जो हितग्राहियों का आवास पूर्ण करवाएंगे । हितग्राहियों का काम सिर्फ छांव में बैठकर ठेकेदार का काम देखना और पैसे उसके खाते में जमा करवाना है । विकासखंड में कई पुराने घरों को ही नया रंग रोगन करके उसके पैसे निकलवाए जा रहे है और जनपद के सीईओ इंजिनियर और आवासमित्र तमाशा देख रहे हैं और उच्च अधिकारी ऐसी समीक्षा बैठक ले रहे हैं ।

बिलासपुर से आए कैटरर्स:- समीक्षा बैठक बनाम पार्टी में वेज नानवेज खाना बनाने के लिए बिलासपुर से कैटरर्स को ठेका दिया गया था जिन्होंने खाने की पूरी व्यवस्था की अंदरूनी सूत्रों से पता चला है कि इस समीक्षा बैठक में लाखों रूपए सिर्फ खाने पर खर्च किए जा रहे हैं । समीक्षा बैठक में जनपद एवं जिला पंचायत के अधिकारियों के रिश्तेदार और अन्य परिचितों को भी पार्टी मनाते देखा गया । पार्टी में शामिल एक कर्मचारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि यहां कोई बेैठक नहीं हो रही थी सभी लोग कुछ ना कुछ गेम खेल रहे थे और खाना पीना चल रहा था ।

बहरहाल पार्टी मनाना कोई बुरी बात नहीं है यदि अधिकारी इसे खालिस पार्टी का ही नाम दे देते तो कोई दिक्कत नहीं है इंज्वाय करना सबका अधिकार है पार्टी में शामिल सभी अधिकारी कर्मचारी अपना अपना कंट्रीब्यूट करते और पार्टी मना लेते तो मीडिया को भी इससे मतलब नही था लेकिन इतनी महत्वपूर्ण योजना की समीक्षा बैठक की आड़ लेकर सरकारी पैसे से पार्टी मनाना कहां तक जायज है ? और समीक्षा बैठक भी ऐसी जिसकी जानकारी एसडीएम तक को नहीं है और उन्हें बुलाना भी जरूरी नहीं समझा गया  ।

 

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