भाजपा गंदे आरोप का कर रही अंधे तरीके से बचाव : भूपेश बघेल

रायपुर| छत्तीसगढ़ सरकार के एक मंत्री और महिला के बीच अंतरंग संबंधों वाली अश्लील सीडी विवाद में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश अध्यक्ष और पत्रकार विनोद वर्मा के खिलाफ थाने में शिकायत के एक दिन बाद कांग्रेस ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया।भूपेश ने छत्तीसगढ़ के मंत्री पर लगे आरोपों के बाद बचाव में उतरी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मंत्री को बचाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष और मंत्रिमंडल के सदस्य सीमा के बाहर जिस हद तक जाना था वो गए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि भारतीय जनता पार्टी और उसकी सरकार द्वारा पूरे देश में मीडिया की आवाज को दबाने का षड़यंत्र रचा जा रहा है, हमले किये जा रहे है। बीजेपी के द्वारा सवालों के जवाब नहीं दिये जाते उल्टे सवाल पूछने वालों के विरूद्ध कार्यवाही की जाती है और कानूनी मामलो में फंसाया जाता है। उसी कड़ी में देश के ख्यातिनाम पत्रकार विनोद वर्मा की आवाज को भी दबाने का कुचक्र भारतीय जनता पार्टी और उसकी छत्तीसगढ़ सरकार ने उत्तरप्रदेश और केन्द्र सरकार के सहयोग से रचा। पत्रकार विनोद वर्मा की सुरक्षा की चिंता प्रकट करते हुये उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ में अनेक पत्रकार की हत्या हुई है। सरकार के खिलाफ लिखने पर गिरफ्तारियां की गयी है और जनसुरक्षा कानून का धड़ल्ले से दुरूपयोग किया गया है जो चिंता का विषय है।
श्री बघेल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी वर्ष मना रही है। समूची भाजपा राजनैतिक सूचिता की बाते करते नहीं थक रही है। चाल-चरित्र और चेहरे की दुहाई देने वाली भारतीय जनता पार्टी का असली चेहरा कल सामने आया। जब एक मंत्री के चरित्र की सीडी उजागर होने के बाद पूरी भारतीय जनता पार्टी और सरकार एक संगठित गिरोह की भांति दुराचारी मंत्री के बचाव में सामने आ गयी।बघेल ने कहा कि वैसे तो हर मामले में मुख्यमंत्री का परमानेंट जुमला रहता है कि जांच होगी, कार्यवाही की जाएगी कानून अपना काम करेगा पर इस मामले में मुख्यमंत्री ने जांच करवाने की बात कहने की जहमत नहीं उठायी बल्कि सीधे सीडी को ही गलत बताकर कह रहे कि अपने राजनैतिक जीवन में इतनी गन्दी राजनीति नहीं देखी। जबकि हकीकत यह है कि आज तक इतने गन्दे आरोप सामने आने के बाद इतने अंधे तरीके से बचाव करते हमने कभी नहीं देखा। बिना जांच के सारी नैतिकता मर्यादाओं को बलाए ताक में रखकर मंत्री का बचाव किया जा रहा है। बिना जांच के मुख्यमंत्री ने सीडी की प्रमाणिकता को किस आधार पर गलत ठहरा दिया? उनके पास सरकार है कानून की ताकत है पर नैतिकता नहीं है जो है उसका पूरा दुरूपयोग किया गया। पत्रकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया यहां तक कि मेरे खिलाफ भी (भूपेश बघेल) एफआईआर दर्ज कर लिया गया। नैतिकता बची ही नहीं है इसलिए मंत्री के इस्तीफे की तथा उन पर कार्यवाही की कोई बात नहीं की गयी।
श्री बघेल ने यह भी कहा कि पत्रकार विनोद वर्मा आईटी के जानकार है। कोई आईटी जानकर किसी पिक्चर के तथ्यों को वायरल करने के लिए बड़ी संख्या में सीडी क्यों बनवायेगा? जैसा कि पुलिस ने दावा किया है कि विनोद वर्मा के घर से 500 सीडी बरामद हुई तथा 1000 सीडी बनवाने का उन्होने आर्डर दिया था। जो सीडी रायपुर के समाचार जगत में घूम रही है उसमें दिख रही पिक्चर मात्र 1 मिनिट 36 सेकंड की है। इतनी छोटी पिक्चर को आज इंटरनेट के जमाने में बड़ी आसानी से वायरल किया जा सकता था। विनोद वर्मा को इस पिक्चर को प्रचारित करने के लिए सीडी बनाने की जरूरत नहीं थी। यह बात विनोद वर्मा जैसे नेटसेवर वरिष्ठ पत्रकार को भली-भांति पता होगी। इतनी बड़ी संख्या में सीडी की बरामदगी बताती है कि पुलिस ने मंत्री को बचाने के लिए इस कहानी को गढ़ा है।
श्री बघेल ने सवाल किया कि प्रकाश बजाज जिनकी रिपोर्ट पर पुलिस ने तत्परता से विनोद वर्मा की गिरफ्तारी की कार्यवाही की उस प्रकाश बजाज से उसके आका का नाम पुलिस ने क्यों नहीं पूछा? उसका आका कोई मंत्री ही है, उसकी अश्लील सीडी बनी है यह अनुमान पुलिस ने किस आधार पर लगाया?
सुपर फ्लाप फिल्म की गंदी स्टोरी बहुत ही घटिया तरीके से लिखी गयी। 04 बजे एफआईआर होती है। एफआईआर के 11 घंटे के अंदर रायपुर से सोलह सौ किलो मीटर दूर गाजियाबाद में जाकर विनोद वर्मा को गिरफ्तार कर लिया जाता है। जबकि एफआईआर करने वाले ने यह नहीं बताया कि उनको धमकी फोन करने वाला विनोद वर्मा थे। एफआईआर के बाद जांच की सामान्य प्रक्रिया भी नहीं अपनायी गयी। न आवाज का मिलान किया गया, न धमकी देने वाले मोबाईलध्फोन को ट्रेस किया गया। यह सीधे-सीधे सुनियोजित तरीके से पत्रकार को फंसाने के लिये साजिश रची गयी।बघेल ने यह भी कहा कि प्रकाश बजाज का राजनैतिक रसूख और वजूद दोनों ऐसा नहीं है कि कोई उनसे मंत्री की सीडी के बदले उगाही करने की सोचेगा।कल सारे के सारे भाजपा नेता थाने गए तब इस मामले के मुख्य सूत्र धार प्रकाश बजाज को क्यों नहीं ले गए ? उसे सामने क्यो नही लाया जा रहा ?मोहित साहू से जिले आईटी विशेषज्ञ के रूप में पेश कर सीडी से छेड़छाड़ करने का बयान दिलवाया जा रहा है। वह भारतीय जनता पार्टी आईटी सेल के लिये लंबे समय से काम करता है इसके साथ ही मोहित साहू जनसंपर्क विभाग के लिये भी काम करता है, मुख्यमंत्री रमन सिंह के एप्लिकेशन (ऐप) से लेकर वेबसाइड तक उसी के द्वारा बनाया गया है। वह कई मंत्रियो के लिये काम करता है। डीपीआर के कई प्रोजेक्ट में उनके द्वारा काम किया जा रहा है। ऐसे में उसके द्वारा दिया गया बयान संदिग्ध और सरकार के बचाव वाला होना स्वाभाविक है।
एक सवाल के जवाब में श्री बघेल ने सीडी कांड में बीजेपी सरकार के स्पष्ट हाथ होने का आरोप लगाते हुये कहा कि कांग्रेस की सरकार आने पर सभी मामलों की जांच करायी जायेगी और अपराधियों को जेल के अंदर डाला जायेगा।इस मामले में जिस प्रकार से पूरी सरकार और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी सामने आयी है उससे किसी भी सरकारी एजेंसी से मामले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। हमारी मांग है कि पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से उच्चतम न्यायालय की देख-रेख में जांच करायी जाये।
पत्रकारवार्ता में मुख्य रूप से पूर्व अध्यक्ष एवं अभनपुर विधायक धनेन्द्र साहू, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रविन्द्र चैबे, कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन, रमेश वल्र्यानी, डाॅ. शिवकुमार डहरिया, कुलदीप जुनेजा, प्रमोद दुबे, देवेन्द्र यादव, किरणमयी नायक, शैलेश नितिन त्रिवेदी, मीडिया विभाग के चेयरमैन ज्ञानेश शर्मा, आर.पी. सिंह, सुशील आनंद शुक्ला, महेंद्र छाबड़ा, विकास उपाध्याय, नारायण कुर्रे, घनश्याम राजू तिवारी, मो. असलम, आनंद मिश्रा, एम.ए. इकबाल, मनीष दयाल, विकास तिवारी, एजाज ढेबर आदि उपस्थित थे।

 

error: Content is protected !!