वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा गिरफ्तार, सेक्स सीडी के नाम पर ब्लैकमेल करने का आरोप

०० रंगदारी और ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार हुए पत्रकार विनोद वर्मा कुछ ही घंटों बाद रिहा हो गए
००  मामले में राजनीति गरमाई, भूपेश का आरोप सीडी मंत्री की 
रायपुर। राजधानी के पंडरी थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति के मोबाइल पर फोन कर रंगदारी वसूलने के आरोप में वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया, विनोद वर्मा की गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद जमानत पर रिहा हो गए। रिहाई के बाद विनोद वर्मा ने तुरंत ट्वीट कर कहा कि पत्रकार और पत्रकारिता की हत्या करके उन्हें डरा धमकाकर आप भी अपनी कुर्सी नहीं बचा सकते। क्योंकि कलम की मार बुरी होती है। विनोद वर्मा ने अपने दूसरे ट्वीट में कहा कि मुझे इसलिए अरेस्ट किया क्योंकि मेरे पास छत्तीसगढ़ के मंत्री की सीडी थी।
आईजी प्रदीप गुप्ता ने कहा कि, स्टेट कॉलोनी रायपुर थाना पण्डरी मोवा निवासी प्रकाश बजाज नामक व्यक्ति ने शिकायत की थी। उसने पुलिस को बताया था कि, अज्ञात व्यक्ति ने मेरे घर के टेलीफोन नंबर पर कुछ दिन पूर्व से और 26 अक्टूबर की दोपहर रुपए मांगने के लिए धमकी दे रहा था। इस संबंध में बजाज ने 26 अक्टूबर को थाना पंडरी में प्रथम सूचना दी। उसने कहा कि, टेलीफोन पर कोई व्यक्ति धमकी देता है कि, मेरे पास तुम्हारे आकाओं का अश्लील विडियो है जिसे सीडी बनाकर में बंटवा दूंगा, यदि तुम और तुम्हारे आका चाहते हो कि, मैं ऐसा न करूं तो मुझसे मिलो और मेरे बताए अनुसार रुपए मुझे दे दो। प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि, पहले तो इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसलिए रिपोर्ट नहीं किया था, किन्तु 26 अक्टूबर को पुन: दोपहर में फोन पर धमकी दी गई। कहा गया कि, तुम्हे मेरी बात समझ में नही आ रही है, इस समय लाजपत मार्केट में सुपरटोन डिजिटल शाप में तुम्हारे आकाओं की अश्लील विडियो की सीडी बन रही है कल दिल्ली और रायपुर में सीडी बटेगी और तुम्हारे आकाओं की इज्जत मिट्टी में मिल जाएगी, यदि आप अभी भी रोकना चाहते हो तो मुझसे मिल लो और मुझे मेरे बताए अनुसार पैसे दे दो। लिहाजा टेलीफोन पर दी जा रही धमकी से डराकर बजाजा ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पहले से दिल्ली में मौजूद थी टीम : आईजी ने कहा कि, चैन स्नैचिंग के मामले में जांच के लिए टीम पहले से ही वहां मौजूद थी। इस मामले की जांच करने के लिए टीम को कहा गया। दिल्ली में मौजूद टीम मामाले की जांच करते हुए पत्रकार विनोद वर्मा तक पहुंची और उन्हें हिरासत में लिया गया। गाजियाबाद पुलिस की मदद से 500 नग सीडी, लैपटॉप, पैनड्राइव, पैसे जब्त किए गए। बताया गया कि, सीडी राइट करने वाले दुकान का पुलिस को पता चला। दुकानदार के पास से मिले मोबाइल नंबर और पते के आधार पर पुलिस की टीम गाजियाबाद के इंदरापुरम पहुंची और फिर विनोद वर्मा की गिरफ्तारी हुई।

 

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