छात्रसंघ होते हैं लोकतांत्रिक व्यवस्था की छोटी इकाईयों के समान : बृजमोहन अग्रवाल

00 कृषि मंत्री शामिल हुए देवेन्द्रनगर कन्या महाविद्यालय के शपथ ग्रहण समारोह में

00 रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्रीवास्तव ने की समारोह की अध्यक्षता

रायपुर| कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के छात्रसंघ लोकतांत्रिक व्यवस्था की छोटी-छोटी इकाईयों के समान होते हैं। छात्रसंघ के पदाधिकारियों को अपने कार्यकाल के दौरान लोकतांत्रिक प्रणाली एवं व्यवस्था की सही-सही जानकारी मिलती है। छात्रसंघ पदाधिकारी बनने के बाद किसी समस्या के निराकरण के लिए संघर्ष करने और कामयाब होने का अनुभव अलग होता है। अग्रवाल आज शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेन्द्रनगर के छात्रसंघ शपथ ग्रहण समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्बोधित कर रहे थे। रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने समारोह की अध्यक्षता की। श्री अग्रवाल ने मां सरस्वती की मूर्ति के सामने द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
समारोह में छात्रा कु. मौसमी रूदानी को छात्रसंघ अध्यक्ष, कु. सोनम खण्डेलवाल को उपाध्यक्ष, कु. आरती ओझा को सचिव, कु. समता तलरेजा को सह सचिव तथा कु. मोनिका वर्मा सांस्कृतिक सचिव की शपथ दिलाई गई। समारोह में कक्षा प्रतिनिधियों ने भी शपथ ली।कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में आगे कहा कि शिक्षा सत्र 2017-18 के छात्रसंघ का कार्यकाल स्वर्णिम रहेगा क्योंकि इसी सत्र में इस महाविद्यालय को पूर्ण रूप से शासकीय होने का दर्जा मिल जाएगा। श्री अग्रवाल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों पर उम्मीदें और जिम्मेदारियां बहुत होती है। छात्रसंघ के पदाधिकारी भी कार्यकाल के दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं। उन पर विद्यार्थियों की उम्मीदें भी रहती हैं। छात्रसंघ के पदाधिकारी के रूप में छात्र जीवन में ही विद्यार्थियों को लोकतंत्र को जानने-समझने का अवसर मिलता है। सीमित संसाधनों में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की कला सीखने को मिलती है। कठिनाईयों के बीच काम करते हुए कामयाब होने का रास्ता मिलता है। श्री अग्रवाल ने छात्रसंघ के पदाधिकारियों से कहा कि वे भी अपने उत्तरदायित्वों का सही ढंग से निर्वहन करते हुए महाविद्यालय के प्रतिष्ठा बढ़ाने काम करें।रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में छात्र जीवन को सर्वश्रेष्ठ जीवन बताया। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली समस्याओं से जूझने और पार पाने की प्रेरणा छात्र जीवन में ही मिलती है। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल एक छात्र और छात्रसंघ पदाधिकारी के रूप में संघर्ष कर सार्वजनिक जीवन में सफलता प्राप्त करने के सबसे बेहतरीन उदाहरण हैं। उनका छात्र जीवन से राजनीति तक का सफर यादगार है। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि छात्र शक्ति राष्ट्र शक्ति होती है। आजादी के आंदोलन से लेकर बाद के जनहितकारी आंदोलनों में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। श्रीवास्तव ने महाविद्यालय के छात्रसंघ के पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कार्यकाल का सदुपयोग करते हुए महाविद्यालय के विकास के लिए कार्य करें। छात्र संघ पदाधिकारियों के सामने लक्ष्य होना चाहिए। लक्ष्य पाने की लालसा हो तो चुनौतियां भी बौनी हो जाती हैं। छात्रसंघ पदाधिकारी ऐसा काम करें कि उन्हें हमेशा याद रखा जाए।
प्रभारी प्राचार्य डॉ. संध्या वर्मा ने महाविद्यालय प्रतिवेदन में छात्राओं की शैक्षणिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक और खेलकूद की उपलब्धियों की चर्चा की। महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक श्री जे.सी. अडवानी ने स्वागत उद्बोधन दिया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य श्री के.एन. बापट, देवेन्द्रनगर वार्ड के पार्षद श्री विठ्ठल भाई पटेल सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

 

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