केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री तोमर ने किया 17 ओ.डी.एफ. विकासखण्डों को सम्मानित

रायपुर| केन्द्रीय पंचातीराज और ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने आज ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थान निमोरा में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ के 17 नए विकासखण्डों को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) ब्लॉक के लिए सम्मानित किया। राज्य सरकार ने 02 अक्टूबर 2018 तक सभी ग्रामीण क्षेत्रों को खुले में शौच की प्रथा से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विगत 02 अक्टूबर 2014 से अब तक 32 लाख से ज्यादा शौचालयों का निर्माण हुआ है, जिसके फलस्वरूप प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छता कवरेज 96 प्रतिशत हो चुका है। अब तक 9817 ग्राम पंचायत सहित 17352 गांव, 120 विकासखण्ड और 15 जिले खुले में शौच से मुक्त घोषित हो चुके हैं।
श्री तोमर ने आज 17 ओ.डी.एफ. विकासखण्ड बास्तानार, बकावंड, दरभा, नवागढ़, पलारी, माकड़ी, बडेराजपुर, केशकाल, फरसगांव, कोण्डागांव, पोड़ी उपरोड़ा, कोटा, अभनपुर, बरमकेला, प्रतापपुर, ओड़गी, बलोदा के अध्यक्ष, जनपद पंचायत एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत को ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण का मुख्य उद्देश्य खुले में शौच मुक्त समुदाय का सृजन करना है। आधारभूत सर्वेक्षण 2012-13 के अनुसार राज्य में कुल 26.76 लाख परिवार शौचालय विहीन थे, साथ ही पूर्व में निर्मित 17.52 लाख शौचालयों में से 10.32 लाख शौचालय अनुपयोगी पाये गये थे। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की शुरूआत 02 अक्टूबर 2014 को पूरे देश को खुले में शौच की पृथा से मुक्त करने के उद्देश्य से की गई। 25 नवम्बर 2014 से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के क्रियान्वयन हेतु नोडल विभाग लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के स्थान पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को बनाया गया। तत्समय संपूर्ण प्रदेश में मात्र 20 ग्राम ही खुले में शौच मुक्त थी।उल्लेखनीय है कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य में समुदाय संचालित संपूर्ण स्वच्छता प्रविधि के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छता के लिए व्यवहार परिवर्तन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस प्रविधि में ग्राम के लोग स्वच्छता की स्थिति का आंकलन कर खुले में शौच की प्रथा का अंत करने के लिए प्रतिबद्ध हो रहे हैं। स्वच्छता के क्षेत्र में शीघ्र लक्ष्य प्राप्ति की ओर छत्तीसगढ़ अग्रसर है और 02 अक्टूबर 2018 तक पूरे राज्य को ओ.डी.एफ. करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 

 

error: Content is protected !!