महामंत्री अटल श्रीवास्तव ने बनाया पार्टी के टोल फ्री नंबर को अपने प्रचार का माध्यम

०० कांग्रेस पार्टी के आईटी सेल पर आम नागरिक अपनी शिकायते एवं सुझाव दोनो दे सकते

बिलासपुर| प्रदेश कांग्रेस कमेटी में अभी संगठन के चुनाव की औपचारिकता समाप्ति नही हुई है। जिस कारण नए पदाधिकारी की घोषणा भी नही हुई हैं,किन्तु पार्टी के आईटी सेल के माध्यम से पार्टी के महामंत्री बिलासपुर विधानसभा में स्वयं को पार्टी का अधिकृत चेहरा बता रहे है त्यौहार के अवसर पर गोल बाजार क्षेत्र में टोलफ्री नंबर का खूब विज्ञापन हो रहा है।विज्ञापन में भी अटल श्रीवास्तव का चेहरा फोकस किया गया। विधानसभा क्षेत्र के अन्य प्रतिस्पर्धी नाम न छापने की शर्त पर इसे उचित नही मानते। उनका कहना है कि पार्टी का टोल फ्री नंबर पार्टी की रीति नीति के प्रचार का माध्यम हो सकता है,किन्तु इसे महामंत्री को अपने प्रचार के लिए उपयोग नही करना चाहिए।

टोलफ्री नंबर पर हमारे सिटी रिपोर्टर ने कल दोपहर 2.45 पर चर्चा की जिसमे अंकुर नामक युवक ने बताया कि यह नंबर आईटी सेल का है और इस पर नागरिक फोन करके अपनी शिकायते एवं सुझाव दोनो दे सकते है। उन्होंने यह भी बताया कि महामंत्री प्रति सोमवार फेसबुक पर एक घंटे लाइव रहते है उस वक्त भी उनसे सीधा संपर्क किया जा सकता है। अंकुर का कहना था कि चुकि महामंत्री अटल श्रीवास्तव जिले में पार्टी संगठन के सबसे बड़े पद पर है। इसलिए यह टोलफ्री नंबर एवं एफबी लाइव उन्हीं को केन्द्रित करके चलता है। शहर कांग्रेस की गतिविधियां अब डिजिटल होती जा रही है। बूथ मैनेजमेंट में पिछड़ती हुई कांग्रेस अब उन मतदाताओं से संपर्क कर रही है जो मतदान करने ही नही जाते। शहर विधायक एवं प्रदेश के कद्दावर मंत्री अमर अग्रवाल ने काफी पहले टोल फ्री नंबर और फेसबुक लाइव किया था, पर दोनो ही प्रयोग फिलहाल नही देखे जा रहे । ऐसे में जिनकी सत्ता ही नही है वे भविष्य का ख्वाब दिखा कर नागरिकों की कौन सी समस्या का हल करेंगे,वैसे भी लोग अपनी समस्या को जनदर्शन तक मे समाधान नही करा पा रहे,असल में प्रतिस्पर्धा कांग्रेस के नेताओं की अपनी है। लगभग छः माह पूर्व जब एक निजी विश्वविद्यालय के कुल सचिव ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता प्राप्त की हैं,और राजनैतिक गैर राजनैतिक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्शाई तब जनता के बीच कौन कितना लोकप्रिय है यह खेल प्रारंभ हुआ। कांग्रेस के जिन चेहरों का बयान अंदोलन से लेकर खबरो तक आता है उन्हीं के बीच एक दूसरे का नाम कटवाने का खेल भी चलता है। कांग्रेस पार्टी में प्रवक्ता पद की कोई एहमियत नही है जिले में कई प्रवक्ता और सभी स्वयं को अधिकृत बताते है। इनमें से कुछ तो टिकिट के दावेदार भी है। जिस पार्टी में प्रवक्ता स्वयं टिकिट का दावा करें वे अपनी पार्टी एवं अन्य नेताओं के प्रति निष्पक्ष कैसे हो सकता है। टोल फ्री नंबर एवं फेसबुक पर अभी तक दस हजार लाईक दावा आईटी सेल द्वारा किया जा रहा है। इस दावे में कितनी सच्चाई है और फेसबुक पर लाईक कैसे आते है इसे जानना कोई बड़ी बात नही है|

 

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