किसानों को दलहन और तिलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित करने अभियान चलाया जाए: डॉ. रमन सिंह

०० मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कृषि विभाग की समीक्षा बैठक

०० इस वर्ष  18 लाख 51 हजार हेक्टेयर में रबी फसल लेने का लक्ष्य
०० दलहन-तिलहन के 1.56 लाख मिनीकिट किए जाएंगे वितरित

रायपुर| मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां अपने निवास पर आयोजित कृषि विभाग की बैठक में रबी वर्ष 2017-18 की कार्य-योजना और रबी फसलों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को दलहन और तिलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कृषि विभाग के माध्यम से सघन अभियान चलाया जाए। उन्होंने किसानों को दलहन और तिलहन फसलों के बीजों के मिनीकिट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सूखा प्रभावित जिलों विशेष रूप से धमतरी और महासमुंद में दलहन-तिलहन फसलों के लिए किसानों को जागरूक करने का प्रयास किया जाए। उन्होंने किसानों को मक्के की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जानकारी दी गई कि इस वर्ष 18 लाख 51 हजार हेक्टेयर में रबी फसलों के क्षेत्राच्छादन की कार्य-योजना तैयार की गई है। रबी मौसम में एक लाख 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को गर्मियों की धान की फसल से दलहन-तिलहन की फसल क्षेत्र में परिवर्तित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों को दलहन और तिलहन फसलों के एक लाख 56 हजार मिनीकिट वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन मिनीकिटों से लगभग 25 हजार हेक्टेयर में दलहन और तिलहन फसलों का क्षेत्राच्छादन होगा।कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने जानकारी दी कि केन्द्र सरकार से दलहन और तिलहन फसलों के चार लाख मिनीकिट उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है। बैठक में जानकारी दी गई कि केन्द्र सरकार की ‘बीज ग्राम योजना’ के अंतर्गत किसानों को दलहन और तिलहन फसलों के बीज 60 प्रतिशत अनुदान पर और मक्का के बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर वितरित किए जा रहे हैं। बैठक में बताया गया कि रबी फसलों के लिए बीज और यूरिया, सुपर फास्फेट, पोटाश, डीएपी, एमएपी और एनपीके उवर्रकों का पर्याप्त भंडारण है। मुख्यमंत्री ने संभागीय कमिश्नरों की अध्यक्षता में सभी संभागों में बैठक आयोजित कर विभिन्न जिलों में पेयजल और निस्तार के लिए जल उपलब्धता की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, अपर मुख्य सचिव द्वय श्री अजय सिंह और श्री एम. के. राउत, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री गणेश शंकर मिश्रा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की सचिव सुश्री शहला निगार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री एम.के. त्यागी, ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री अंकित आनंद, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री आलोक अवस्थी और संचालक कृषि श्री एम.एस. केरकेट्टा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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