यूपीए सरकार बिना किसी चुनावी वादों के 2002 से दे रही थी बोनस: धनेद्र साहू  

०० प्रदेश में सूखे की मार, मुख्यमंत्री तामझाम के साथ मना रहे है अपना जन्मदिन

०० रमन सिंह कर रहे हैं छत्तीसगढ़ के किसानों का अपमान

रायपुर| छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे धनेंद्र साहू ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के जन्मदिन पर सवाल उठाए हैं उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश में दुनियाभर के तामझाम के साथ अपना जन्मदिन मना रहे हैं,जबकि प्रदेश में सूखे को देखकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने सादगीपूर्ण तरीके से अपना जन्मदिन मनाया। रमन सिंह ऐसा नहीं कर छत्तीसगढ़ के किसानों का अपमान कर रहे हैं।

रविवार को कांग्रेस भवन में पत्रकारों से चर्चा के दौरान धनेंद्र साहू ने कहा कि यूपीए सरकार बिना किसी चुनावी वादा के धान उत्पादक किसानों को वर्ष 2002 से धान का बोनस दे रही थी।मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर पलटवार करते हुए साहू ने कहा कि एनडीए सरकार 6 से 7 साल में धान के समर्थन मूल्य में मात्र 50 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की,जबकि यूपीए सरकार ने अपने 10 साल के कार्यकाल में धान के समर्थन मूल्य में 800 रुपए प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी की है। यह कांग्रेस की उपलब्धि रही है। साहू ने कहा कि रमन सरकार बोनस तिहार के नाम पर दिखावा कर रही है। उनके द्वारा बोनस तिहार कार्यक्रम में कांग्रेस सरकार में किसानों को बोनस नहीं देने का बार-बार आरोप लगाया जा रहा है, जो कि बेबुनियाद और निंदनीय है। वे किसानों को बार-बार गुमराह कर रहे हैं। यूपीए सरकार में पीएम मनमोहन सिंह ने धान के समर्थन मूल्य में भारी मात्रा में बढ़ोतरी कर उनकी माली हालत में सुधार किया जबकि पीएम मोदी ने धान के समर्थन मूल्य में वर्ष 2004 से लेकर 2017-018 तक जो घोषित किया है। उसमें 4 साल में केवल 240 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। इससे साबित होता है भाजपा ने 10 वर्षों में केवल 300 रुपए की वृद्धि की है।

चुनावी वर्ष में आधा-अधूरा बोनस :- भाजपा ने सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस की घोषणा पत्र का नकल करते हुए 2008 में बोनस 270 रुपए प्रति क्विंटल और 2013 के चुनाव में 300 रुपए प्रति क्विंटल बोनस और 2100 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य देने का वादा किया था, लेकिन चुनावी वर्ष में आधा-अधूरा बोनस देकर किसानों के साथ छल कर रही है, जिसका चुनाव में जनता जवाब देगी।

error: Content is protected !!