अफसरशाही पर कोई असर नहीं होता बैठकों का, समस्याएं ज्यों-की-त्यों : शैलेष पांडेय

बिलासपुर| शहर विकास मुद्दों को लेकर एकबार फिर कांग्रेस नेता शैलेष पाण्डेय मंत्री ने मंत्री अमर अग्रवाल पर निशाना साधा है ।श्री पाण्डेय ने 16 अक्टूबर को होने वाली शहर विकास की समीक्षा बैठक को शहरवासियों के लिए सिर्फ एक झांसा बैठक बताया है । उन्होने कहा कि अमर अग्रवाल एकमात्र ऐसे शहर विधायक और मंत्री  हैं जो अच्छे खासे शहर को गांव बना चुके हैं, अब इस गांव को फिर शहर बनाने का शहरवासियों को झांसा दे रहे हैं |ऐसी बैठक साल में कई बार होती है, लेकिन काम कुछ नहीं होता | अब तो अफसर तक मंत्री के बातों को अनसुना कर दे रहे हैं | ऐसे में यह बैठक शहरवासियों के लिए एकमात्र दिखावा ही साबित होगी | कांग्रेस नेता श्री पाण्डेय ने मंत्री अमर अग्रवाल पर हमला करते हुए कहा कि नगरीय प्रशासन मंत्री का शहर ही नासूर बन गया है |

शहर की बदहाली से शहर की जनता त्रस्त हो चुकी है, शहर में सिर्फ और सिर्फ अफसरशाही हावी  है, मंत्री के बैठक लेने से शहर में काम होने लगता तो आज शहर की तश्वीर ही बदल जाती, लेकिन मंत्री की सुनता कौन है? मंत्री की तमाम बैठकों के बाद भी शहर नासूर का नासूर है | हर बैठक में मंत्री काम नहीं होने पर अफसरों को टांगने की धमकी देते हैं, लेकिन आज तक बैठक के बाद कितना काम हुआ और कितने अफसर टाँगे गए, इसका जवाब मंत्री जी के पास खुद भी नहीं होगा |पांडेय के कहा कि पिछले एक दशक से सीवरेज परियोजना शहर के लिए अभिशाप बन चुकी है, इस योजना से करोड़ों रूपए का कमीशन खाया गया और कई लोगों की जान भी जा चुकी है। ये सब अमर अग्रवाल के कार्यकाल में ही हुआ है, लेकिन मंत्री ने कोई कार्रवाई नहीं की | मंत्री जी के कार्यकाल में ही पूरा शहर बर्बाद हुआ, मंत्री जी इस बात को भूल जाते हैं । इस बात की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मंत्री जी को तो सभी पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए ।पाण्डेय ने कहा कि 80 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी शहर के अधिकांश लोग आज भी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं | गढ्ढे और धूल से भरी सड़कें लोगों का जीना हराम कर रही है | हर साल नाला-नालियों के नाम से जनता के करोड़ों रुपए बहा दिए जाते हैंफिर भी स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है |इस तरह की बैठक चुनाव से पहले शहवासियों को सिर्फ एक झांसा है, इसका नतीजा जीरो ही रहेगा | मंत्री के इस झांसे में अब शहरवासी नहीं आने वाले हैं शहर को महानगर बनाने के सपने का दांव मंत्री को उल्टा पड़ने वाला है |