रमन सरकार संवेदनहीन, फिर एक किसान खोरबहरा की हुई मौतः अमित जोगी

रायपुर। ग्राम मर्राकोना विकासखण्ड सिगमा का किसान खोरबहरा यादव के खाते में जमा 3700/- की बोनस राशि खाते से नही निकल पाने के कारण बीमार  किसान खोरबहरा यादव की आज मौत हो गयी। विधायक अमित जोगी ने कहा कि डाॅ. रमन सिंह 2100 करोड़ की बोनस राशि बांटने के लिये लगभग इ तनी ही रकम अपनी छवी चमकाने में भी खर्च कर रहे है। पूरा प्रशासनिक अमला बोनस बटवाने के नाम पर सरकार को आगामी चुनाव में राजनैतिक लाभ दिलाने के लिये प्रचार में अपनी ताकत झोंक दिया है। सहकारी  बैंको में नगद की कमी, स्टाफ की  कमी व प्रशासनिक स्वीकृति के अभाव में बोनस राशि खाते में नहीं आने सहित अन्य कारणो से  प्रदेश का किसान अपने धान के बोनस के लिये कई दिनों से  बैकों की कतार में खड़ा है।

विधायक अमित जोगी ने कहा कि ग्राम मर्राकोना  का किसान खोरबहरा यादव काफी दिनों से बीमार था। बीमारी में घर की जमा पूॅजी ईलाज के दौरान खत्म हो जाने के कारण बोनस के घोषणा के साथ ही बोनस राशि के इंतेजार में था। बेहद कमजोर हो जाने के कारण उसने अपने पुत्र को बैक स्लीप  में  हस्तक्षार कर बोनस की राशि 3700 रूपये निकालने दिया। किन्तु बैंक कर्मचारी व तहसीलदार द्वारा संवेदनहीनता दिखाते हुए बीमार खोरबहरा को बिस्तर समेत बैक लाने या बोनस की रकम भूल जाने की बात पर बीमार खोरबहरा असहाय स्थिति में बैंक न न जा पाने एवं 3700/- बोनस राशि के डूब जाने के  सदमे से मौत हो गयी।विधायक अमित जोगी ने कहा कि मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह बोनस बांटने के नाम पर मात्र आत्मप्रचार में व्यस्त है। सरकारी खर्च पर बोनस तिहार में मुख्यमंत्री प्रत्येक सभा में चुनावी बटन दबाने और अपना मत भाजपा को देने की बात अवश्य करते है। सरकार के गिरती साख को बचाने के लिये आननफानन में की गयी बोनस की घोषणा के पूर्व न सरकार ने न शासकीय अधिकारियों ने प्रकियागत  समस्याओ पर ध्यान नहीं दिया जिसके कारण प्रदेश के अनेक किसान खोरबहरा यादव की तरह मर रहे है।अमित जोगी ने सरकर से मांग की है सरकार के संवेदनहीनता के कारण मारे गये खोरबहरा यादव के परिवार को 1 करोड़ की मुआवजा दिया जाये एवं घर में कोई भी कमाने योग्य न होने के कारण किसी एक आश्रित को शासकीय सेवा में लिया जाये।

 

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