पूर्व केन्द्रीय मंत्री पुरूषोत्तम कौशिक के निधन पर मुख्यमंत्री ने किया गहरा दुःख व्यक्त

रायपुर| मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री महासमुंद के पूर्व विधायक और रायपुर तथा दुर्ग के पूर्व लोकसभा सांसद श्री पुरूषोत्तम लाल कौशिक के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। श्री कौशिक का आज दोपहर अपने गृह नगर में महासमुंद में निधन हो गया। मुख्यमंत्री ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आज रायपुर में जारी शोक संदेश में कहा है कि श्री पुरूषोत्तम कौशिक के निधन से हम सबने छत्तीसगढ़ राज्य के वरिष्ठ समाजवादी चिंतक और किसानों तथा मजदूरों के हितैषी एक वरिष्ठ नेता को हमेशा के लिए खो दिया है। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री कौशिक के साथ अपने वर्षों पुराने आत्मीय संबंधों को भी याद किया। डॉ. सिंह ने  कहा – सहज-सरल स्वभाव के स्वर्गीय श्री कौशिक ने छत्तीसगढ़ के गांव, गरीब और किसानों की बेहतरी के लिए आजीवन काम किया और छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन में भी उनका अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान था। विधायक, सांसद और केन्द्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने जनता को अपनी यादगार सेवाएं दी।

मुख्यमंत्री ने उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। डॉ. सिंह ने कहा – स्वर्गीय श्री कौशिक तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री मोरारजी भाई देसाई के मंत्रिमंडल में मार्च 1977 से जुलाई 1979 तक केन्द्रीय पर्यटन और नागरिक विमानन मंत्री और स्वर्गीय चौधरी चरणसिंह के मंत्रिमंडल में जुलाई 1979 से जनवरी 1980 तक केन्द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री के रूप में देश के विकास में सराहनीय योगदान दिया। उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय श्री पुरूषोत्तम लाल कौशिक का जन्म 24 सितम्बर 1930 को छत्तीसगढ़ के महासमुंद में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1947 में रायपुर के सालेम स्कूल से मेट्रिक की परीक्षा पास की और वर्ष 1951 में सागर विश्वविद्यालय से बी.ए. तथा 1954 में नागपुर विश्वविद्यालय से एल.एल.बी. की उपाधि प्राप्त करने के बाद वकालत शुरू की। स्वर्गीय श्री कौशिक 1972 से 1977 तक तत्कालीन मध्यप्रदेश विधानसभा में महासमुंद क्षेत्र से विधायक रहे। इसके बाद वर्ष 1977 में देश की छठवीं लोकसभा के लिए रायपुर से सांसद निर्वाचित हुए। स्वर्गीय श्री कौशिक वर्ष 1984-85 में नवमी लोकसभा के लिए दुर्ग (छत्तीसगढ) से भी सांसद चुने गए थे। वह वर्ष 1984 और 1990 में रेल्वे कन्वेंशन कमेटी के अध्यक्ष, वर्ष 1984-85 में भारतीय रेल्वे मेंस यूनियन के अध्यक्ष और वर्ष 1990 में केन्द्रीय इस्पात और खान मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य रहे।

 

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