लोकपाल कानून का पालन नहीं फिर करूंगा आंदोलन: अन्ना हजारे

रायपुर| राजधानी पहुंचे प्रसिद्ध समाजसेवी अन्ना हजारे एक बार फिर लोकपाल को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा 45 साल में 6 बार लोकपाल काबिल सदन में रखा गया, लेकिन पास नहीं हुआ। 2011 में जब आप सब मिलकर साथ खड़े हुए यह कानून पास हुआ। लेकिन अभी भी इस पर पूरी तरह से अमल नहीं हो रहा है इसलिए फिर एक बार सोच रहा हूं कि इस धरने पर बैठा हूं।

सिविल लाइन स्थित वृंदावन हाल में आयोजित कार्यक्रम में बुद्धिजीवियों ने और आरटीआई कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला ने अन्ना हजारे को 27 आईएएस की सूची सौपी। इन आईएएस के ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। उन्होंने अन्ना हजारे से निवेदन भी किया कि इस मुद्दे को लेकर जंतर मंतर या रायपुर में धरना करें। इसके जवाब में अन्ना हजारे ने कहा कि पता नहीं यहां क्या कार्यक्रम था मुझे अचानक बुलाया गया और बोलने के लिए कहा गया है। भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए एक बड़े संगठन का होना बहुत जरूरी है। 5, 25 या फिर 50 लोगों से भ्रष्टाचार बंद नहीं होगा। कार्यक्रम में अन्ना हजारे ने जीवन का मूलमंत्र बताते हुए कहा कि दूसरों को सुखी करके ही जीवन का सही आनंद मिल सकता है। मेरा अनुभव है कि लखपति करोड़पति भी जो आनंद नहीं उठा पाते मैं उस आनंद का अनुभव करता हूं। आज लोग सुबह 4 बजे से उठकर रात 8 बजे तक सिर्फ दौड़ रहे हैं। श्मशान भूमि जाने तक उनकी दौड़ खत्म नहीं होती है। आनंद दूसरे को सुखी करके ही आ सकता है। कार्यक्रम में अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार से लड़ाई करने के लिए बहुत बड़ी सीख देकर गये। उन्होंने कहा कि त्याग करें, आचार्य शुद्ध रखे, विचारों को शुद्ध रखें और जीवन निष्कलंक हो कभी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा सकती है। उन्होंने कहा कि वे 80 साल के हो गए हैं और उनके जीवन में आज तक कोई दाग नहीं लगा है। उनके पास सिर्फ सोने का एक बिस्तर है और खाने के लिए प्लेट है। वह मंदिर में रहते हैं 45 साल से अपने घर नहीं गए हैं। आज उनको उनके भाइयों के बच्चों का नाम भी याद नहीं है। अन्ना हजारे ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि जिनकी शादी नहीं हुई है वह बिल्कुल भी अन्ना हजारे जैसे ना बने परिवार और शादी करना बहुत जरूरी है। मैं जो लड़ाई लड़ रहा हूं वह तलवार की धार पर चलने से भी कठिन है।

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