गुणवत्ताहीन शौचालय निर्माण पर जिला पंचायत सीईओ ने पुर्निर्माण कराने कोटा जनपद सीईओ को किया आदेशित

०० ग्राम पंचायत गोबरीपाट में ठेकेदार ने किया था गुणवत्ताहीन शौचालय का निर्माण, कुछ माह में ही दीवार में आ गयी थी दरार

०० धमाका 36 ने प्रमुखता से किया था खबर का प्रकाशन, खबर का संज्ञान लेकर जिला पंचायत सीईओ ने किया आदेशित  

संजय बंजारे

कोटा| ग्राम पंचायत गोबरीपाट में हुए गुणवत्ताहीन शौचालय निर्माण के चलते शौचालय निर्माण के महज कुछ माह बाद ही दरार आने की शिकायत हितग्राही ने सरपंच सचिव और इंजीनियर से की थी मगर बावजूद इसके इस मामले पर कार्यवाही नहीं की जा रही थी इस मामले को धमाका 36 न्यूज़ ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था जिसके बाद बिलासपुर जिला पंचायत सीईओ ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए कोटा जनपद सीईओ को तत्काल कार्यवाही कर हितग्राही को शौचालय का पुर्निर्माण किये जाने के आदेश दिए जिसके बाद हितग्राही के शौचालय का पुर्निर्माण कराया जा रहा है|

जनपद पंचायत कोटा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गोबरीपाट में स्वच्छता अभियान के तहत निर्माणाधीन शौचालय का मामला सामने आया था जिसमे की गुणवत्ताहीन निर्माण किया जा रहा था। ग्राम पंचायत गोबरीपाट में गुणवत्ताहीन शौचालय निर्माण की इस खबर को धमाका 36 ने प्रमुखता से उठाया था। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने पूरे देश को शौच मुक्त बनाने के लिए यह मुहीम चलाई जिसमें ग्राम पंचायतों के माध्यम से ठेकेदार को शौचालय निर्माण के लिए ठेका दे दिया जाता है जो कि शौचालय निर्माण में ठेकेदारों द्वारा अपनी जेब  गर्म की जा रही है। और दूसरी ओर गुणवत्ता के अभाव में शौचालय में दरारें आने लगी है। गोबरीपाट के हितग्राही गोरेलाल खंडे और रामकुमार बंजारे ने मीडिया को इस बारे में बताया की सरपंच सचिव और इंजीनियर को शौचालय की दीवारों में दरार आने और नीचे की जमीन धसने के संबंध में शिकायत की जा चुकी है लेकिन उन्होंने इस ओर कोई ध्यान नही दिया। जब इस बारे में जनपद पंचायत कोटा के सीईओ हिमांशु गुप्ता को अवगत कराया तो उन्होंने कार्यवाही करने की बात कही थी पर आज तक इस संबंध में सरपंच सचिव सहित किसी भी व्यक्ति पर  कार्यवाही ना करते हुए सिर्फ आस्वासन की घुट्टी पिलाई जा रही है। इस गड़बड़ी की संबंध में बिलासपुर जिला पंचायत सीईओ फरिहा आलम सिद्दकी को जानकारी देने पर उन्होंने जनपद सीईओ हिमांशु गुप्ता को शौचालय निर्माण की गुणवत्ता में सुधार करा कर जानकारी देने के निर्देश दिए तब जाकर हितग्राही के यहाँ फिर से गड्ढे की खोदाई और मटेरियल भी पंचायतों के द्वारा गिराया गया। वर्तमान में हितग्राहियो को मटीरियल तो दे दिया गया है पर अब तक काम चालू नही किया गया है जिससे पूरी योजना पर ग्रहण लगने के आसार नजर आ रहे है।

 

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