कृषि मंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद की समीक्षा बैठक

०० अग्रवाल ने खेती-किसानी की बेहतरी के लिए सदस्यों से सुझाव देने का किया आग्रह
०० परिषद की भूमिका को प्रभावी बनाने हुआ विचार-विमर्श

रायपुर| कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कृषक कल्याण परिषद के सदस्यों से राज्य में दौरा कर खेती-किसानी की बेहतरी के साथ-साथ पशुपालन और मछलीपालन को बढ़ावा देने के लिए सुझाव देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि परिषद के सदस्य किसानों से रूबरू चर्चा करेंगे तो उन्हें खेती-किसानी की वास्तविक वस्तुस्थिति की जानकारी मिलेगी। सदस्यों के सुझावों से प्रदेश में खेती-किसानी के क्षेत्र में और अच्छा काम करने में मदद मिलेगी। श्री अग्रवाल कल देर शाम यहां मंत्रालय में छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।
बैठक में परिषद के सदस्यों द्वारा किसानों के कल्याण के लिए सुझाए गए विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा हुई। इन सुझावों को संबंधित विभागों को भेजने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही परिषद के सदस्यों को विभिन्न प्रकार की जरूरी सुविधाएं देने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इन प्रस्तावों पर उचित कार्रवाई करने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया है कि राज्य शासन के अंतर्गत आने वाले अन्य निगमों और मण्डलों के पदाधिकारियों को मिलने वाली सुविधाओं का अध्ययन करने के बाद कृषक कल्याण परिषद के लिए भी प्रस्ताव बनाया जाए। परिषद में कृषि विशेषज्ञ या कृषि वैज्ञानिक नामांकित किए जाएंगे। कृषक कल्याण परिषद की भूमिका को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए आवश्यक विचार-विमर्श भी किया गया। बैठक में परिषद के सदस्यों को अल्पवर्षा और सूखे की स्थिति में किसानों के हित में किए गए कार्यों और कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।
कृषि मंत्री श्री अग्रवाल ने सदस्यों को बताया कि छत्तीसगढ़ में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जैविक कृषि उत्पादों की बाजार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की जरूरत है। इसके लिए प्रदेश की सभी प्रमुख मंडियों के व्यावसायिक परिसरों में पांच-पांच दुकानें जैविक कृषि उत्पादों की खरीदी-बिक्री के लिए सुरक्षित किए जा रहे हैं। इसके लिए निर्धारित प्रीमियम को भी अब हटाने का फैसला लिया गया है। उन्होंने धमतरी मण्डी में शुरू हुए किसान बाजार की तर्ज पर प्रदेश के सभी जिलों में भी किसान बाजार शुरू करने के लिए जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश की प्रमुख पुरानी मण्डियों में दूध खरीदी के लिए भी प्रबंध किए जाए।बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. विशाल चन्द्राकर, सदस्य सर्वश्री अजीत चंद्रवंशी, विशेषर साहू, मितुल कोठारी, कमल किशोर कश्यप, विपुल शर्मा, भीमसेन दुबे, अपर मुख्य सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अजय सिंह, सचिव कृषि श्री अनूप श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री आलोक अवस्थी, मार्कफेड के प्रबंधक संचालक श्री पी. अंबलगन, संचालक कृषि श्री एम.एस. केरकेट्टा, संचालक पशु चिकित्सा डॉ. एस.के. पाण्डेय, संचालक मछली पालन श्री व्ही.के. शुक्ला सहित कृषि विभाग, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, मंडी बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

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