राष्ट्रीय स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न

मुंगेली – कलेक्टर एनएन एक्का ने कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाओं, योजनाओं के कार्यो की प्रगति की समीक्षा की। उन्होने खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि गर्भवती महिलाओं का पंजीयन कार्य में प्रगति लायें। जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय एवं कार्यकारी समिति, मातृ एवं शिशु मृत्यु अंकेक्षण समिति (ड-ब्क्त्), जिला गुणवत्ता निर्धारित समिति (फ।ब्), साप्ताहिक आयरन फोलिक एसिड अनुपूरण कार्यक्रम (ॅप्थ्ै) समिति, छ.ग. रूरल मेडिकल कोर योजना (ब्त्डब्) के तहत परिवार कल्याण कार्यक्रम, मलेरिया नियंत्रण, क्षय रोग नियंत्रण, अंधत्व निवारण, कुष्ठ उन्मूलन एवं चिरायु दल द्वारा स्कूलों आंगनबाड़ी केंद्रों में किये गये स्वास्थ्य परीक्षणों की समीक्षा की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक द्वारा विभागीय गतिविधियों एवं कार्यो की जानकारी दी गई।
कलेक्टर श्री एक्का ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, निर्माण एजेंसी लोक निर्माण और ग्रामीण यांत्रिकी के कार्यपालन अभियंता को उप स्वास्थ्य केंद्रों के अधूरे कार्य को पूरा करने पुनः राशि की मांग करने हेतु निर्देश दिये। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और एएनएम की पदस्थापना की जानकारी दी। उन्होने बताया कि वर्ष 2016-17 में जिले में 5216 गर्भवती महिलाओं का संस्थागत प्रसव कराये गये है इस प्रकार 95 प्रतिशत उपलब्धि रही है। कलेक्टर ने कहा कि अनुसूचित जाति बाहुल्य ग्रामों में संचालित स्वास्थ्य केंद्रों को आदर्श ग्राम योजना के तहत सर्वसुविधायुक्त बनाया जा सकता है। बैठक में बताया गया कि कक्षा पहली के बच्चों, 10 वर्ष एवं 16 साल के बच्चों को डीपीटी के टीके लगाये जाते है। परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला अस्पताल मुंगेली, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नसबंदी का कार्य किया गया है।
कलेक्टर ने चिकित्सकों और महिला बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी से कहा कि जिला अस्पताल में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र अधिक से अधिक बच्चों को लाभान्वित करना सुनिश्चित करें। क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि अब तक 239 रोगियों के खंखार की जांच कर उपचार की जा रही है। इसी तरह राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 160 मरीजों की जांच की गई। उन्होने यह भी बताया कि 2 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2017 तक कुष्ठ जांच खोज अभियान चलेगा। जिसमें मितानिनों का भी सहयोग लिया जायेगा तथा लोगों को जागरूक करने हेतु रथ रवाना किया जायेगा। नेत्र रोग विशेषज्ञ ने बताया कि अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत अब तक 363 रोगियों के आंख का ऑपरेशन कर लाभान्वित किया गया है। आगामी समय के लिये 1894 का सर्वे किया गया है। चिरायु दल के चिकित्सकों एवं स्टाफ द्वारा जिले के स्कूलों में जाकर 995 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। विभिन्न बीमारियों के लिए अलग-अलग श्रेणी निर्धारित किया गया है।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश चंद्राकर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एल. घृतलहरे, जिला कार्यक्रम प्रबंधक उत्कर्ष तिवारी, सिविल सर्जन डॉ. आरके भुआर्य, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रात्रे, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आगरे, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. खैरवार, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता एमके मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी चंद्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती संजुला शर्मा सहित खण्ड चिकित्सा अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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