जिला आयुर्वेद असपताल का बाबु और भृत्य रिश्वत लेते गिरफ्तार

०० एसीबी की टीम ने जिला अस्पताल में किया छापामार कार्यवाही, 2500 रिश्वत लेते रँगे हाथ गिरफ्तार

रायपुर/दुर्ग| जिला आयुर्वेदिक अस्पताल धमधा नाका कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो ने मंगलवार दोपहर छापा इस दौरान ढाई हजार रिश्वत लेते आयुर्वेदिक अस्पताल के बाबू और भृत्य को एसीबी की टीम ने रंगे हाथों पकड़ लिया।

मिली जानकारी के अनुसार बाबू और भृत्य के द्वारा पैसे मांगने की शिकायत ग्राम घुकसीडीह निवासी दीपक यादव ने की थी। जिस पर एसीबी की टीम ने एक्शन लेते हुए छापेमार कार्रवाई की। आरोपी बाबू और भृत्य को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।रिश्वत लेने की शिकयत करने वाले प्रार्थी दीपक यादव ने बताया कि आरोपी बाबू उसे नौकरी में नियमितीकरण करने को लेकर लंबे समय से पैसे की डिमांड कर रहा था। वर्ष 2014 में बटरेल औषधालय सेवक के रूप में उसकी नियुक्ति हुई थी। दो वर्ष की परीक्षावधि 2016 में समाप्त हो गई। इसके बाद नियमितीकरण के लिए जब कार्यालय पहुंचे तो वहां बाबू ने फाइल आगे बढ़ाने के लिए पहले 5 हजार रुपए की डिमांड की थी।प्रार्थी ने बताया कि आरोपी बाबू और भृत्य पैसे लेने के बाद भी उसका काम नहीं कर रहे थे। नियमितिकरण की फाइल चलाने से पूर्व वह ढाई हजार रुपए बाबू को दे चुका था। बावजूद बाबू वेतन संशोधन की फाइल आगे नहीं बढ़ा रहा था। जिसके कारण मानसिक रूप से प्रताडि़त होकर एसीबी में शिकायत का फैसला लिया। 26 सितंबर को एसीबी की टीम ने ढाई हजार रुपए लेकर आयुर्वेदिक अस्पताल के कार्यालय भेजा।प्रार्थी दीपक यादव जब पांच-पांच सौ के चार नोट लेकर आयुर्वेदिक अस्पताल के कार्यालय पहुंचा तो आरोपी बाबू ने खुद पैसा नहीं लिया। भृत्य से कहकर डेबल के दराज में सीधे पैसा डलवा दिया। इधर पहले से तैयार एसीबी के अधिकारी नोट ट्रेक करते हुए कार्यालय पहुंचे। जहां बाबू और भृत्य को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इस दौरान आरोपी बाबू लगातार पैसे नहीं लेने की बात एसीबी के अधिकारियों को बोलता रहा। वहीं भृत्य भी एसीबी के अधिकारियों के सामने हाथ पैर जोड़ता नजर आया।

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