छत्तीसगढ़ में भी अंत्योदय का सपना हो रहा है साकार : डॉ रमन सिंह

रायपुर। पंडित दीनदयाल के जीवन दर्शन के अनुरूप छत्तीसगढ़ में भी अंत्योदय का सपना साकार हो रहा है। उक्त बात मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कही। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने देश के प्रसिद्ध चिंतक, लेखक, पत्रकार और एकात्म मानववाद, अंत्योदय के प्रवर्तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर जनता को शुभकामनाएं दी है। डॉ. सिंह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारत की उन महान विभूतियों में से थे, जिन्होंने मानवता के कल्याण के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने एकात्म मानववाद के मौलिक चिंतन के जरिए व्यक्ति और समाज की परस्पर एकात्मकता पर बल दिया। उन्होंने अंत्योदय की अवधारणा के अनुरूप राष्ट्र की तरक्की के लिए समाज की अंतिम पंक्ति के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की जरूरत बताई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम सबने छत्तीसगढ़ में दीनदयाल के अंत्योदय के सपने को साकार करने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार गांव, गरीब और किसानों की बेहतरी और समाज की अंतिम पंक्ति के लोगों और राज्य के अंतिम छोर के गांवों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, पेयजल, सिंचाई रोजगार प्रशिक्षण जैसी हर प्रकार की बुनियादी सेवाएं पहुंचाने के लिए तत्परता से काम कर रही है। विगत तेरह वर्षों में इस दिशा में कई उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।राज्य के किसानों को खेती के लिए ब्याजमुक्त ऋण सुविधा दी जा रही है। इस वर्ष तेरह लाख से ज्यादा किसानों को 300 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 2100 करोड़ रुपए का बोनस देने का भी निर्णय लिया गया है। कृषक जीवन ज्योति योजना के तहत उन्हें तीन से पांच हार्सपावर तक सिंचाई पम्पों के लिए क्रमश: छह हजार और 7500 यूनिट बिजली हर साल नि:शुल्क देने की व्यवस्था की गई है। लगभग चार लाख विद्युतीकृत सिंचाई पम्प धारक किसानों को इसका लाभ मिल रहा है। वर्ष 2008 से छत्तीसगढ़ देश का पहला विद्युत कटौती मुक्त राज्य बना हुआ है। गरीबों को भोजन का अधिकार दिलाने के लिए देश का पहला खाद्य सुरक्षा और पोषण सुरक्षा कानून छत्तीसगढ़ सरकार ने बनाया है। इसके अंतर्गत लगभग 58 लाख गरीब परिवारों को हर महीने राशन कार्ड पर प्रतियूनिट सात किलो के हिसाब से मात्र एक रुपए में चावल दिया जा रहा है। प्रदेश के सभी परिवारों को आमदनी के बंधन के बिना अब एक अक्टूबर से स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत स्मार्ट कार्ड पर 50 हजार रुपए तक वार्षिक इलाज की सुविधा मिलेगी। इस योजना में राज्य सरकार ने बीमा राशि को तीस हजार से बढ़ाकर पचास हजार कर दिया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में अब तक प्रदेश के 14 लाख से ज्यादा गरीब परिवारों की महिलाओं को नि:शुल्क रसोई गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों के अनुरूप युवाओं को मनपसंद व्यवसायों में प्रशिक्षण पाने का कानूनी अधिकार देने के मामले में भी देश का पहला राज्य है, जिसने विधानसभा में इसके लिए विधेयक पारित कर कानून बनाया है। अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग की बालिकाओं तथा पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों की बालिकाओं को हाईस्कूलों में सरस्वती साइकिल योजना के तहत नि:शुल्क साइकिल दी जा रही है। इससे अब प्रदेश के हाईस्कूलों में बालिकाओं की दर्ज संख्या 65 प्रतिशत से बढ़कर 93 प्रतिशत तक पहुंच गई है। सुदूर गांवों तक विकास योजनाओं का फायदा तत्परता से पहुंच सके इसके लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2007 से 2012 तक की अवधि में ग्यारह नए जिलों का निर्माण किया है। गरीब परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए सिर्फ एक प्रतिशत ब्याज पर अधिकतम चार लाख रुपए की ऋण सुविधा दी जा रही है। नक्सल प्रभावित जिलों के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए ब्याजमुक्त ऋण देने का प्रावधान किया गया है।

 

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