विधानसभा में किसानों के लिए 2100 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश

रायपुर। किसानों को बोनस देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने 2100 करोड़ रुपए का दूसरा अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किया। मुख्यमंत्री रमनसिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार एक दिन का सत्र बुलाने की जरूरत पड़ी है, क्योंकि मामला किसानों से जुड़ा है। सरकार 100 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च नहीं कर सकती थी। 2100 करोड़ रुपए किसानों को बोनस देना है, इसलिए विधानसभा के विशेष सत्र बुलाने की जरूरत पड़ी।

अपने भाषण में रमन सिंह ने कहा कि नवरात्रि में ऐसा निर्णय लिया जा रहा है, जिससे किसानों का भला होगा। किसानों का आशीर्वाद सबको मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज इस बात पर ही चर्चा करेंगे कि खेती को लाभदायक कैसे बनाए। उन्होंने कहा कि 1951-52 में भारत के सकल आय में कृषि का हिस्सा 55 फीसदी था। पिछले 50 साल में यह गिरकर 14 फीसदी हो गया था। इस दौरान जिन्होंने सत्ता संभाली, वह आज सवाल पूछते है।रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसानों की लागत को कम करने हमने प्रयास किया। 4 लाख 30 हजार कृषि पम्प किसानों को दिया है। आज तक 1 हजार 700 करोड़ रुपए विद्युत के विस्तार के लिए खर्च किया है। पहले 1 हजार 333 मेगावाट बिजली की खपत होती थी। आज 4 हजार मेगावाट हो गया है। इसमें 230 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।रमन सिंह ने कहा कि उनकी सरकार ने धान खरीदी की समुचित व्यवस्था की। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि 2002-2003 तक धान खरीदी की क्या व्यवस्था थी। 1 रुपए बोनस नहीं दिया था। आज भाजपा सरकार 70 लाख मीट्रिक टन धान खरीद रही है। 11 हजार करोड़ रुपए का धान भाजपा सरकार ने खरीदा है। 1 हजार 998 सोसायटी के जरिये धान खरीदी हो रही है। सरकार ने पूरी तरह से किसानों की लागत मूल्य कम कैसे हो, इस दिशा में काम किया है।

डॉ रमन सिंह ने कहा कि सरकार ने किसानों के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का फायदा दिया है। अब स्मार्ट कार्ड से 50 हजार रुपए तक खर्च किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि किसान जब बीमार होता है, तब अपने गहने बेच देता है, बैल बेच देता है, जमीन बेच देता है, लेकिन आज किसान स्मार्ट कार्ड से अपना बेहतर इलाज कर सकता है।36 लाख परिवारों को उज्ज्वला योजना का फायदा मिल रहा है। प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना का फायदा किसानों को मिल रहा है। 13 लाख किसानों ने अपना बीमा कराया है। किसान अब अकाल झेलने की भी ताकत रखता है। किसानों को अब मुआवजा दिया जा रहा है। 2100 करोड़ का बोनस किसानों के लिए संजीवनी साबित होगी। मुख्यमंत्री की बातों पर पलटवार करते हुए विधायक भूपेश बघेल ने कहा कि, मानसून सत्र में पहले दिन किसानों की आत्महत्या मामले पर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाया, दूसरे दिन जलकी का जमीन मामला विपक्ष ने उठाया था और तीसरे दिन विपक्ष ने पनामा पेपर्स का मामला उठाया था, जिसके बाद सदन अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि, विपक्ष ने धान बोनस के लिए सरकार पर दबाव बनाया तब बोनस दिया जा रहा है। भूपेश ने कहा कि, 37 लाख 46 हजार हेक्टेयर भूमि पर किसान खेती कर रहे हैं और 120 लाख मीट्रिक टन धान में बोनस व 3 साल के धान की 21 सौ रुपए प्रति क्विंटल व 3 सौ रुपए बोनस देने की मांग की है। भूपेश ने कहा कि, जांजगीर-चांपा व रुही में दो किसानों ने सरकार की घोषणा के बाद आत्महत्या की। उन्होंने दोनों किसानों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक सदन की कार्रवाई जारी थी ।

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