किसानों के हर सुख-दुख में सरकार उनके साथ: डॉ. रमन सिंह

रायपुर| मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हर सुख-दुख में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने यहां विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में किसानों के लिये 2101 करोड़ 54 लाख 77 हजार रूपये का द्वितीय अनुपूरक अनुदान मांग पेश करते हुए इस आशय की विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने विशेष सत्र बुलाने के औचित्य पर प्रकाश डालते हुए कहा- दीपावली से पहले हम अपने किसानों के चेहरों पर मुस्कान देखना चाहते है। इसी उद्देश्य से उन्हें धान का बोनस दिलाने के लिये विशेष सत्र बुलाकर द्वितीय अनुपूरक अनुदान प्रस्ताव यहां पेश किया गया है, ताकि सदन से स्वीकृति लेकर किसानों को इस राशि का वितरण किया जा सके। डॉ. सिंह ने सभी लोगों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं दी।
उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों की आर्थिक बेहतरी के लिये राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसके परिणाम स्वरूप खेती के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आया है और राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।  इसमें कृषि जगत के योगदान को देखते हुए भी इस वृद्धि का लाभ किसानों को बोनस के रूप में मिलना चाहिए। उन्होंने कहा- हमारी सरकार किसानों के हर सुख-दुःख में उनके साथ खड़ी है। विधानसभा का एक विशेष सत्र किसानों को समर्पित करना हमारे संकल्प को दर्शाता है।मुख्यमंत्री ने कहा- राज्य निर्माण के प्रारंभिक वर्षों में प्रदेश सरकार का पूरा बजट सिर्फ 11 हजार करोड़ रूपये के आसपास हुआ करता था, लेकिन आज 11 हजार करोड़ रूपये अकेले किसानों को धान की कीमत के रूप में दे रहे हैं। हमने खेती की लागत को कम करने के लिये कई उपाय किये है। सहकारी समितियों से किसानों को दिये जाने वाले कृषि ऋणों पर ब्याज की दर को 14 प्रतिशत से क्रमशः घटाते शून्य प्रतिशत कर दिया है। ऐसा करने वाले छत्तीसगढ़ पहला राज्य है। ब्याज मुक्त ऋण सुविधा के फलस्वरूप आज छत्तीसगढ़ के किसान सहकारी समितियों से 3500 करोड़ रूपये का ऋण ले रहे हैं और हर साल 11 हजार करोड़ रूपये का धान बेच रहे हैं। धान खरीदी की अनूठी कम्प्यूटरीकृत पारदर्शी व्यवस्था की गई है। सरकार के इन प्रयासों के फलस्वरूप किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा  राज्य सरकार ने स्वास्थ्य बीमा योजना में प्रदेश के प्रत्येक परिवार को अब सालाना 30 हजार रूपये के स्थान पर 50 हजार रूपये तक इलाज की सुविधा देने जा रही है। राज्य के किसानों को भी स्मार्ट कार्ड पर 50 हजार रूपए तक निःशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत् 36 लाख परिवारों को निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन देने का कार्य तेजी से शुरू कर दिया है। किसान परिवारों को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा- किसानों के लिए न्यूनतम 2 प्रतिशत प्रीमियम पर फसल बीमा की व्यवस्था की गई है और लगभग 13 लाख् 50 हजार किसानों को इसमें शामिल किया जा चुका है। सूखे की स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में मनरेगा के तहत 200 दिनों तक रोजगार देने की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी को भी रोजगार के लिए पलायन नहीं करना पड़े। इसके अलावा प्रभावित गांवों में पेयजल के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
प्रदेश में सूखे की स्थिति की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा- हम सूखा प्रभावित किसानों को तीन प्रकार से मदद करना चाहते हैं। उन्हें राजस्व पुस्तक परिपत्र (आर.बी.सी) 6-4 के तहत फसल क्षति का मुआवजा दिया जाएगा। दीपावली तक 2100करोड़ रूपए से ज्यादा धान का बोनस उन्हें मिलेगा, जो उनके संजीवनी का काम करेगा। इसके अलावा उन्हें फसल बीमा योजना का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा 2015 में भी हमने किसानों को सूखे के दौरान लगभग 1800 करोड़ रूपए का राहत पैकेज दिया था।

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