मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण से सम्मानित हुए 18 शिक्षक, कुल 117 शिक्षकों का हुआ सम्मान

०० विधानसभा अध्यक्ष और स्कूल शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानित

०० समाज में शिक्षक का स्थान सर्वोच्च: श्री गौरीशंकर अग्रवाल

रायपुर| मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह आज राजधानी रायपुर के सरदार बलवीर सिंह जुनेजा स्टेडियम में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल तथा अध्यक्षता करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री केदार कश्यप ने रायपुर जिले के 117 शिक्षकों को शॉल, प्रशस्ति पत्र और सम्मान राशि भेंटकर मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण से सम्मानित किया। इस अलंकरण के तहत शिक्षाश्री तथा ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित तीन-तीन और शिक्षादूत पुरस्कार से सम्मानित 12 शिक्षक शामिल हैं। शेष 99 शिक्षकों को रायपुर जिला प्रशासन की ओर से अकादमिक और प्रशासनिक संस्था प्रमुख के रूप में सराहनीय कार्यों के लिए  सम्मानित किया गया। उन्हें नवाचारी शिक्षक अवार्ड, ऑफिसर्स चॉईस शिक्षक अवार्ड और लोकप्रिय शिक्षक अवार्ड से नवाजा गया। सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।


मुख्य अतिथि की आसंदी से समारोह में विधानसभा अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने कहा कि समाज में शिक्षक का स्थान सर्वोच्च होता है। शिक्षकों पर व्यक्ति के भविष्य को सही दिशा में संवारने का महत्वपूर्ण दायित्व होता है। श्री अग्रवाल ने बताया कि शिक्षक द्वारा व्यक्ति को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देकर उसे श्रेष्ठ से श्रेष्ठ मानव बनाया जाता है, इससे ही एक श्रेष्ठ, सभ्य तथा शिक्षित समाज का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी के निर्माता ये शिक्षक हम सभी के लिए सम्मानीय है। श्री अग्रवाल ने राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता के सुधार के लिए चलाए जा रहे डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान का भी जिक्र किया और इसे सफल बनाने में सबकी भागीदारी की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि हमारे समाज में हमेशा से ही गुरूओं के प्रति आदर रहा है और यह आदरभाव आगे भी निरंतर कायम रहना चाहिए। श्री कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य की नई पीढ़ी के विकास में शिक्षकों की भूमिका को ध्यान में रखते हुए उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए पिछले वर्ष से मुख्यमंत्री शिक्षक गौरव अलंकरणों की शुरूआत की है। श्री कश्यप ने भी राज्य में चल रहे डॉ. ए.पी.जे अब्दुल कलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान  पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस अभियान को अच्छी सफलता मिल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के तहत राज्य के पांच संभागीय मुख्यालयों में चल रहे प्रयास आवासीय विद्यालयों की जानकारी दी और कहा कि इन विद्यालयों में प्रदेश के नक्सल हिंसा प्रभावित जिलों के बच्चों को ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षाओं में प्रवेश देकर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। वहां के बच्चे भी आई.आई.टी. और अन्य प्रमुख तकनीकी शिक्षा संस्थानों में प्रवेश ले रहे हैं। शिक्षकों का इसमें बहुत बड़ा योगदान है। उनकी मेहनत और उनके अध्यापन कार्य से आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों में उच्च शिक्षा के प्रति रूझान बढ़ा है। श्री कश्यप ने नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित आदिवासी यूथ हॉस्टल का भी उल्लेख किया। समारोह में छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम् के अध्यक्ष स्वामी परमात्मानंद, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री जी.आर. राना, छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष श्री चंद्रभूषण शर्मा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष श्री मिर्जा एजाज बेग, राज्य अल्प संख्यक आयोग के सदस्य श्री तौकीर रजा और अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य श्री विकास मरकाम सहित अनेक संस्थाओं के पदाधिकारी और रायपुर जिले के लगभग तीन हजार शिक्षक तथा करीब पांच हजार विद्यार्थी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण से सम्मानित हुए शिक्षक :- समारोह में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण के तहत शिक्षाश्री पुरस्कार गरियाबंद जिले के ग्राम छुईहा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के व्याख्याता श्री राम विलास शर्मा को, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सुखीपाली विकासखण्ड पिथौरा (जिला महासमुन्द) के व्याख्याता (पंचायत) श्री अंशुमन ताण्डी को और शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सेजबहार, धरसीवा (जिला रायपुर) की व्याख्याता पंचायत श्रीमती अनुरिमा शर्मा को प्रदान किया गया। अलंकरण के तहत ज्ञानदीप पुरस्कार रायपुर जिले के तीन शिक्षकों को दिया गया, इनमें शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला ग्राम गुमा, विकासखण्ड आरंग के उच्च वर्ग शिक्षक श्री प्रकाश कुमार साहू, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला देवरी (धरसीवां ) की शिक्षक पंचायत श्रीमती लीना वर्मा और शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भरूवाडीह कला (तिल्दा) के उच्च वर्ग शिक्षक श्री दिनेश कुमार वर्मा शामिल हैं। मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण के अंतर्गत शिक्षादूत पुरस्कार रायपुर जिले के 12 शिक्षकों को दिया गया। इनमें शासकीय प्राथमिक शाला गिरोला (अभनपुर) की प्रधान अध्यापिका श्रीमती चंद्ररेखा बांधे, शासकीय प्राथमिक शाला बिरोदा (अभनपुर) के सहायक शिक्षक पंचायत श्री दीपक कुमार धु्रवंशी, शासकीय प्राथमिक शाला थनौद (अभनपुर) के प्रधान अध्यापक श्री श्यामलाल कोसरिया, शासकीय प्राथमिक शाला अकोली खुर्द (आरंग) के सहायक शिक्षक पंचायत श्री गरीबा राम साहू, शासकीय प्राथमिक शाला सदर रोड़ आरंग के सहायक शिक्षक पंचायत श्री अरविंद कुमार वैष्णव, शासकीय प्राथमिक शाला परसकोल (आरंग) के सहायक शिक्षक पंचायत श्री डोमन सिंह धु्रव, शासकीय प्राथमिक शाला फुंडहर (धरसीवां) के प्रधान अध्यापक श्री देवप्रसाद बोस, शासकीय प्राथमिक शाला मोवा (धरसीवां) के प्रधान अध्यापक श्री नकूल कुमार वर्मा, शासकीय प्राथमिक शाला परसतराई (धरसीवां) की श्रीमती रूबिना बेगम, शासकीय प्राथमिक शाला नायक टांड (तिल्दा) के सहायक शिक्षक पंचायत श्री नारायण प्रसाद देवांगन, शासकीय प्राथमिक शाला छपोरा (तिल्दा) के सहायक शिक्षक पंचायत श्री राजकुमार कमल और शासकीय प्राथमिक शाला भरूवाडीहकला (तिल्दा) के सहायक शिक्षक पंचायत श्री हिमांचल चौबे शामिल हैं।

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