मोदी सरकार इतिहास, शिक्षा, संस्कार, संस्कृति आदि सभी का कर रही भगवाकरण : भूजीत दोशी

०० विश्वकर्मा जयंती को श्रम दिवस के रूप में मनाना, मोदी सरकार का श्रमिक विरोधी चेहरा

रायपुर। मोदी सरकार इतिहास, शिक्षा, संस्कार, संस्कृति आदि सभी चीजों के भगवाकरण में लगी हुई है, ताजा उदाहरण मजदुर दिवस के भगवाकरण का है। विश्व भर में एक मई मजदुर दिवस के रूप में मनाया जाता। सभी श्रेणियों के मजदूरों, कामगारों किसानों द्वारा विश्वभर में इसे शिद्दत से मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने विश्वकर्मा जयंती को अब श्रम दिवस के रूप में भव्यता के साथ मानाने का निर्णय किया है। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधीशों को आदेश दिया है कि सभी कार्यालयों, कारखानों आदि में गरिमामयी कार्यक्रम आयोजित किये जाये। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता भूजीत दोशी ने एक बयान में कहा कि आरएसएस से सम्बद्ध भारतीय मजदूर संघ ने निति आयोग द्वारा प्रस्तावित श्रम कानूनों में संशोधन का विरोध करते हुए यहाँ तक कहा है कि इससे मोदी सरकार का श्रमिक विरोधी चेहरा सामने आ गया है। इनके अनुसार आज जब देश में किसान आत्महत्या कर रहे है तब निति आयोग जिस दिशा में काम कर रहा है वैसे में वो दिन दूर नहीं जब देश का श्रमिक भी आत्महत्याएं करने को मजबूर हो जाएँ।
बकौल भारतीय मजदूर संघ, निति आयोग श्रमिकों किसानों के हिट की नीतियों बनाना छोड़ कॉर्पोरेट लॉबी के अजेंडे को ही आगे बढ़ा रहे है। हाल ही में कानपूर में भारतीय मजदूर संगठन के त्रिवर्षीय सम्मलेन में नीति आयोग के पुर्नरगठन तक की मांग करते हुए यहाँ तक कहा कि निति आयोग की श्रम विरोधी कार्य योजना को तुरंत खारिज किया जाए। ये मांगे न मानी गई तो नवम्बर 2017 में बीएमएस संसद का घेराव भी करेगी। इनका ये भी कहना है 2014 के चुनाव प्रचार से नोटबंदी तक हर स्तर पर भाजपा सरकार की मदद की पर अब ये ठगा हुआ महसूस कर रहे है। भूजीत दोशी ने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है जिनका मूल चरित्र पूंजीवादी है और आज ये श्रमिको की बातें कर रहे है। मोदी जी ने दो करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष देने का वादा किया था और हालत इसके ठीक विपरीत है। रमन सरकार के कार्यकाल में मजदूरों और किसानों की स्थिति किसी से छुपी नहीं है। नोटबंदी के परिणामस्वरूप बड़ी मात्रा में उद्योग धंधे बंद हुए और बेरोजगारी बढ़ी है। इन सब से ध्यान बटाने भाजपा सरकार विश्वकर्मा जयंती को श्रमिक दिवस के रूप में मानाने जा रही है। मजदूरों की तकलीफें कम हो, रोजगार के अवसर बढे इस दिशा में सरकार को प्रयास करने चाहिए।

error: Content is protected !!