एकात्म मानववाद ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया: डॉ. रमन सिंह

०० छत्तीसगढ़ की जनता में राज्य को विकास के शिखर तक  पहुंचाने की क्षमता: प्रकाश जावड़ेकर

०० कृषि मेला, कृषि प्रदर्शनी और स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम की शुरूआत

०० प्रदेश के तीन विकासखण्ड हुए खुले में शौचमुक्त घोषित

रायपुर| मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने काफी चिंतन और मनन करने के बाद एकात्म मानववाद की विचारधारा देश और दुनिया के सामने रखी है। उनकी इस विचारधारा में समाज के हर वर्ग के वंचित व्यक्तियों के विकास की चिन्ता थी। उन्होंने एकात्म मानववाद की नई कल्याणकारी विचारधारा से पूरी दुनिया को प्रभावित किया। मुख्यमंत्री आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर आयोजित किसान मेला, कृषि प्रदर्शनी एवं स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में इस आशय के विचार व्यक्त किए।
केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने कार्यक्रम को मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्बोधित किया। इस अवसर पर राज्य के तीन जनपद पंचायतों  को खुले में शौचमुक्त घोषित किया गया, जिनमें बम्हनीडीह (जिला-जांजगीर-चांपा) खड़गवां और बैकुण्ठपुर (जिला-कोरिया) शामिल हैं। इन जनपद पंचायतों के अध्यक्षों और अधिकारियों ने प्रमाण पत्र प्राप्त किए। कार्यक्रम में राज्य शासन के कृषि और जैव प्रौद्योगिकी विभाग के पांच हजार दिनों की उल्लेखनीय उपलब्धियों पर आधारित पुस्तिका सहित तीन पुस्तिकाओं का विमोचन किया गया। इसके साथ ही दो किसानों को छत्तीसगढ़ राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के तहत अनुदान राशि के चेक भी वितरित किए गए। श्री जावड़ेकर ने कृषि प्रदर्शनी का शुभारंभ करने के बाद परिसर में भव्य कृषक सभागार का लोकार्पण भी किया।
समारोह में केन्द्रीय मंत्री श्री जावड़ेकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरल, सहज और मेहनतकश जनता में इस राज्य को विकास के हर शिखर तक पहुंचाने की क्षमता है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ केन्द्र और राज्य सरकार की हर योजना को बेहतर ढंग से लागू करने में सफल हुआ है। श्री जावड़ेकर ने कहा कि आज के दिन स्वच्छता का एक अनोखा कार्यक्रम पूरे देश में शुरू हो रहा है, जो 2 अक्टूबर तक चलेगा। स्वच्छ भारत कार्यक्रम के तहत देश के कई छोटे-छोटे राज्य खुले में शौचमुक्त घोषित हो चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में स्वच्छ भारत कार्यक्रम के तहत जिस प्रकार छत्तीसगढ़ में काम हो रहा है, ऐसा लगता है छत्तीसगढ़ जल्द ही पहला बड़ा राज्य बनेगा, जो पूर्णतः खुले में शौचमुक्त घोषित होगा। श्री जावड़ेकर ने कहा – छत्तीसगढ़ को खुले में शौचमुक्त बनाने में यहां के युवाओं और महिलाओं ने बहुत अच्छा काम किया है।
श्री जावड़ेकर ने देश के कृषि विकास की चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान में कम उपज देश के कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या है। कृषि प्रधान अन्य देशों की तुलना में यहां प्रति एकड़ उपज लगभग आधा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का जो लक्ष्य रखा है, उसके लिए सात सूत्रों पर काम चल रहा है। मिट्टी परीक्षण, सिंचाई सुविधाओं का विकास, सस्ती दर पर कृषि ऋण, कृषि उपज का उचित मूल्य, सुविधायुक्त विपणन व्यवस्था, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और उद्यानिकी, दूध उत्पादन तथा मछली उत्पादन को बढ़ावा देना इन सात सूत्रों में शामिल हैं। केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस साल किसानों को बोनस देने का क्रांतिकारी फैसला लिया है, यह छत्तीसगढ़ के हर घर में खुशहाली लाएगा। केन्द्र में मोदी सरकार और राज्य में रमन सरकार गांव, गरीब, मजदूर, किसान हर वर्ग के विकास के लिए काम कर रही है। यह देश-प्रदेश को नई दिशा देने का अच्छा प्रयास है। केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने हर हाथ को काम और हर खेत को पानी देने की जो कल्पना की है। इस दिशा में बड़ी तेजी से काम चल रहा है।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आगे कहा कि प्रदेश सरकार की हर योजना में समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्तियों की खुशहाली की चिंता है। विगत 14 वर्षों में गरीबों, किसानों और वनवासियों के कल्याण के लिए अनेक नयी योजनाएं शुरू की गई। प्रधानमंत्री श्री मोदी के अभियान के तहत वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने छत्तीसगढ़ में ठोस कदम उठाए गए हैं। किसानों को खाद, बीज, बिजली,ब्याज मुक्त कृषि ऋण तथा सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए कई निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस साल छत्तीसगढ़ के सूखा पीड़ित किसानों को राहत पहुंचाने हर संभव मदद दी जाएगी। लगभग 13 लाख किसानों को धान बोनस का वितरण किया जाएगा। इसके अलावा सूखा राहत मद से राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत सहायता और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा राशि किसानों को मिलेगी। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम को समृद्ध भारत से जोड़ते हुए कहा कि मनुष्य स्वच्छता से ही स्वस्थ रहता है। बेहतर स्वास्थ्य सुख-समृद्धि के लिए जरूरी है।
कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि देश में महात्मा गांधी के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय की एकात्म मानववाद की विचारधारा आज सर्वमान्य हो गई है। इस विचारधारा में गरीबों और आम नागरिकों के हितों की सोच निहित है। विकास से छूटे व्यक्तियों के मन, बुद्धि, शरीर और आत्मा का विकास करना ही अंत्योदय का विकास है। श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में कृषि विकास की चर्चा करते हुए कहा कि राज्य की 80 प्रतिशत आबादी खेती-किसानी और उससे जुड़े काम-धंधों से अपना गुजारा करती है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए अनेक ऐसे कार्यक्रम शुरू किए हैं, जो अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक बनते जा रहे हैं।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चंद्राकर ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद के विचार के माध्यम से गरीब व्यक्तियों में स्वाभिमान के साथ जीने की ललक जगाई है। एकात्म मानववाद का विचार चिंतन के साथ-साथ चेतना से प्रभावित है। श्री चंद्राकर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने समावेशी विकास की अवधारणा शुरू की है। उन्होंने कहा कि अपने संसाधनों से छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2005 में ही अस्वच्छता से लड़ने का बीड़ा उठाया है। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2005 में स्वच्छता कानून बनाया गया है। छत्तीसगढ़ ऐसा करने वाला देश का यह पहला राज्य है। खाद्यान्न सुरक्षा कानून बनाकर छत्तीसगढ़ ने पूरे देश के गरीबों में आशा की किरण जगाई है। पंचायत प्रतिनिधियों के लिए शिक्षा की अनिवार्यता इसी दिशा में उल्लेखनीय कदम है। श्री चंद्राकर ने कहा-आज छत्तीसगढ़ में स्वच्छता कार्यक्रम जनआंदोलन बन गया है। आज छत्तीसगढ़ के 14 जिले, 104 विकासखण्ड और 15 हजार 818 गांव खुले में शौचमुक्त घोषित हो चुके हैं। लोकसभा सांसद श्री रमेश बैस ने भी सभा को सम्बोधित किया। उन्होंने राज्य में डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में केन्द्र और प्रदेश की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री की प्रशंसा की। मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड ने इस अवसर पर राज्य शासन द्वारा पंडित दीनदयाल जन्म शताब्दी समारोह के अंतर्गत आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वच्छ भारत मिशन और कृषि विकास योजनाओं के तहत कई उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाटिल ने आभार प्रदर्शन किया।कार्यक्रम में राज्य सभा सांसद डॉ. भूषणलाल जांगड़े, संसदीय सचिव श्री तोखन लाल साहू, छत्तीसगढ़ गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्री बिशेसर पटेल, रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री सुभाष तिवारी, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री मोहन एण्टी, दुग्ध महासंघ के अध्यक्ष श्री रसिक परमार, छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री श्याम बैस, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एम.के. राउत, कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अजय सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आए किसान उपस्थित थे।

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