राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पहल: सीबीएसई ने बच्चों को जानकारी देने स्कूलों को दिए निर्देश

०० बच्चे अपने साथ हो रहे शारीरिक, मानसिक या साइबर क्राइम की शिकायत कर सकते है ऑनलाइन

रायपुर| राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग ने पॉक्सो एक्ट 2012 के तहत पॉक्सो ई-बॉक्स (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस) शुरू किया है। इसके तहत बच्चे अपने साथ हो रहे शारीरिक, मानसिक या साइबर क्राइम से संबंधित शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इसके बारे में बच्चों को अवेयर करने के लिए सीबीएसई ने स्कूलों को निर्देशित किया है।

गुड टच और बैड टच के बारे में बच्चों को समझाने की पहल तो स्कूल कर चुके हैं, लेकिन बच्चे यह हिम्मत नहीं कर पाते कि वे ऐसी किसी घटना की जानकारी पैरेंट्स या करीबी को दें। कई बार बच्चे महीनों तक शारीरिक शोषण सहते रहते हैं और फिर कोई बड़ी घटना होने पर ही ऐसे मामले सामने आते हैं। इसी वजह है कि बाल आयोग ने बच्चों को अवेयर करने ये पहल शुरू की है। बच्चे अपनी शिकायत की कैटेगरी समझ सकें, इसके लिए छह इमेज बनाकर पोर्टल पर अपलोड की गई हैं। किसी एक चित्र पर क्लिक कर बच्चे अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसमें बच्चे अपना नाम, मोबाइल नंबर या ईमेल और विवरण देकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह सुविधा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की वेबसाइट www.ncpcr.gov.in/ पर उपलब्ध है। यदि किसी बच्चे या छोटे बच्चे के पास मोबाइल या ई-मेल की सुविधा नहीं है तो वो ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की बजाए 1098 (चाइल्ड लाइन) नंबर पर संपर्क कर सकता है।

उपयोग के तरीके और वीडियो :- बच्चों को समझाने के लिए वेबसाइट पर 26 सेकंड का वीडियो और यूजर मैन्युअल भी कॉमिक फॉर्मेट में दिया गया है। राष्ट्रीय बाल आयोग के निर्देश के बाद अब शहर के स्कूलों में भी पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग में पॉक्सो ई-बॉक्स और बच्चे के व्यवहार में आने वाले परिवर्तनों को चेक करने के लिए पैरेंट्स क्या और कैसे करें यह बताया जा रहा है। पैरेंट्स को ये भी बताया जा रहा है कि वे बच्चों से संबंधित सेक्सुअल एब्यूज के मामलों की थाने में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। बच्चे का शोषण होने के दौरान उसके व्यवहार में परिवर्तन संबंधी लक्षणों की जानकारी डिटेल में समझाई जा रही है। पॉक्सो ई-बॉक्स की जानकारी कार्यक्रमों के जरिए हर बच्चे को दी जाएगी। 
पॉक्सो ई-बॉक्स :- पॉक्सो ई- बॉक्स के तहत बच्चे सेक्सुअल एब्यूज की ऑनलाइन शिकायत कर सकेंगे। यदि इंटरनेट नहीं है तो वे राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग द्वारा जारी फोन नंबर्स पर भी शिकायत कर सकते हैं।
टीचर की ऐसी हरकत न करें इग्नोर।

कोई ब्लैकमेल करे तो करें कंप्लेन।

किसी भी जगह कोई ऐसा करे तो करें विरोध।

बाथरूम में कोई ऐसा करे तो करें शिकायत।

 

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