रमन कैबिनेट का बड़ा फैसला: 21 जिलों की 96 तहसील सूखाग्रस्त घोषित

०० हर व्यक्ति को मिलेगा 200 दिन का रोजगार

रायपुर| रमन कैबिनेट की बैठक में आज प्रदेश के 21 जिलों की 96 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित करने का फैसला लिया गया है। इसका प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। सूखाग्रस्त तहसीलों की अंतिम घोषणा केंद्र सरकार करेगी। प्रत्येक नागरिक को 200 दिन का रोजगार दिया जाएगा। इसमें मनरेगा के तहत कलम बांधने का काम दिया जाएगा। वहीं 100 दिन के बजाय 200 दिन का रोजगार देने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। बैठक की सबसे बड़ी बात यह रही कि सूखा प्रभावित तहसीलों में भू-राजस्व माफ कर दिया गया है। दूसरी तरफ सरकार ने ग्रीष्म काल के लिए बड़ा फैसला लेते हुए नलकूप से सिंचाई पर रोक लगा दी है।

प्रदेश में रोजगार उपलब्ध कराने रोजगार मूलक कार्य शुरू किए जाएंगे। वहीं हर पंचायत में एक व्यक्ति पर एक क्विंटल चावल मिलेगा। सीएम रमन ने मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में कहा कि दीवाली से पहले किसानों के बैंक खातों में बोनस पहुंच जाएगा,जिससे उनकी दिपावली की खुशियों में चार चांद लग सके। सरकार किसानों को लेकर बेहद ही संवेदनशील है। सुबह 11.30 बजे शुरू हुई बैठक में कलक्टरों और अंतर विभागीय दल की रिपोर्ट पेश की गई। बता दें कि इस सर्वेक्षण का आदेश मुख्यमंत्री ने दिया था।कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्री प्रेम प्रकाश पांडे ने बताया कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है। बैठक में 27 जिलों में से 21 जिलों की 96 तहसीलों को सूखाग्रस्त माना गया है। उन्होंने सरकारी आदेश के बाद उठे सवालों का जवाब देते हुए बताया कि किसानों को बोनस उपार्जित पर ही मिलेगा उत्पादित पर नहीं। धान की खरीदी 15 नवंबर से 31 जनवरी 2018 तक की जाएगी। प्रदेश में बीते दो दिनों से हो रही छिटपुट बरसात से भी राहत के आसार नहीं दिख रहे हैं। इस बीच सूखे पर सियासत भी तेज हो गई है। इस बीच रमन सरकार ने केंद्र को सूखे की रिपोर्ट भेज दी है। मंत्रिपरिषद के फैसले के बाद सूखा में किसानों और ग्रामीणों को राहत पहुंचाने के लिए केंद्र से अतिरिक्त मदद की गुजारिश भी भेजी जाएगी। इधर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने प्रदेश को अभी तक सूखाग्रस्त घोषित नहीं करने को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। बघेल ने सोमवार को डोंगरगढ़ में कहा सूखे की भयानक मार झेल रहे प्रदेश को अब तक सूखा प्रभावित घोषित न कर मुख्यमंत्री अपना आभार जतवा रहे हैं। उन्होंने सरकार के किसानों और गरीबों की अनदेखी का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अजीत जोगी पूरे प्रदेश को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक वर्ष के बोनस की घोषणा मात्र से किसानों का भला नहीं होगा। उनका कहना था कि प्रदेश में पड़े भयावह सूखे की पूरी जानकारी के बाद भी अब तक किसानो को राहत देने की कोई पहल शुरू नहीं हो पाई है।

कैबिनेट के फैसले पर एक नजर :- कैबिनेट की बैठक में धान खरीदी नीति को मंजूरी दी गई, प्रदेश में धान की खरीदी 15 नवंबर से 31 जनवरी 2018 के बीच होगी, मक्का की खरीदी 15 नवंबर से 21 मार्च 2018 तक होगी, मक्का का समर्थन मूल 1425 रुपए होगा, इस बार धान का समर्थन मूल्य बोनस राशि को मिलाकर 1890 रुपए रहेगा, मोटा धान के लिए समर्थन में बोनस मिला कर 1850 रुपय रहेगा, सूखा प्रभावित तहसीलों में भू-राजस्व माफ कर दिया गया है।

 

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