मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की बैठक प्रारंभ

रायपुर| मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश की सूखाग्रस्त तहसीलों पर प्रजेंटेशन भी दिया जाना है। राजस्व विभाग ने इसकी तैयारी कर ली है।सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों से सूखे की स्थिति पर रिपोर्ट मंगाई थी। कलेक्टरों ने नजरी आकलन के आधार पर सर्वे रिपोर्ट राजस्व विभाग को भेज भी दी है।

एक अनुमान के मुताबिक प्रदेश की 145 तहसीलों में से करीब 95 में सूखे का संकट है। यहां पेयजल की भी किल्लत शुरू हो चुकी है।कई इलाके ऐसे हैं, जहां किसानों ने धान की खड़ी फसल में मवेशी छोड़ दिए हैं। मानसून की दगाबाजी से रोपा, बियासी का काम पूरा नहीं हो पाया। फसल चौपट होने से ग्रामीण इलाकों से बड़े पैमाने पर पलायन की आशंका भी जताई गई है।कैबिनेट में सूखे के हालात पर प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। इसके बाद अकाल ग्रस्त तहसीलों की घोषणा हो सकती है। सरकार ने सूखा राहत का प्लान भी तैयार किया है। गांवों में रोजगार के साधन उपलब्ध कराने से लेकर धान के सूखे खेतों में तत्काल वैकल्पिक फसल लेने तक के उपाय सुझाए गए हैं।इन सभी विषयों पर मंत्रिमंडल में चर्चा होनी है। इसके अलावा किसानों को धान बोनस के वितरण का मुद्दा भी चर्चा में लाया जाएगा। सरकार पहले से ही 3 सौ रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा कर चुकी है। इसके लिए करीब 21 सौ करोड़ के बजट की आवश्यकता है। कैबिनेट में बोनस के लिए अनुपूरक बजट को मंजूरी दी जाएगी। धान बोनस को लेकर इस महीने होने वाले विधानसभा के विशेष सत्र पर भी चर्चा होगी।

 

 

 

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