दिल्ली से प्रशासनिक अधिकारीयों कि टीम जांच करने पहुंची नगर पंचायत कोटा

०० स्वच्छ भारत अभियान कि खुली पोल

कोटा| प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों मे शमिल स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत कोटा नगर पंचायत में बने 2782 शौचालयों व कोटा नगर में स्वच्छ भारत अभियान कि गाडी सही तरह से पटरी में चल रही है कि नही इसकी जांच में छत्तीसगढ शासन के प्रशासनिक अधिकारीयों के पास या तो वक्त कि कमी रही होगी या तो उनमें जांच करने की क्षमता नही होगी या फिर वो सपनों में ही स्वच्छ भारत अभियान कि तस्वीरें देख रहे होंगे जिसके कारण दिल्ली से प्रशासनिक अधिकारीयों कि टीम जांच करने नगर पंचायत कोटा पहुंची हुई थी।

स्वच्छ भारत मिशन अभियान कि दिशा में पहुंचे दिल्ली के जांच अधिकारी कि टीम व मिडिया के बीच रेस लगी हुई थी। मिडिया कि टीम को देखकर कभी अधिकारीयों कि गाडी कभी तेज हो जाती थी। फिर गली में घुसने के बाद गाडी गायब हो जाती थी। मिडिया को सूत्रो से पता करना पड रहा था कि टीम कहा पर है। आखीर में जय स्तम्भ चौक में जाच अधिकारी नगर पंचायत सीएमओ इंजीनीयर सहित नगर पंचायत अध्यक्ष कि मौजूदगी में जांच अधिकारी कि टीम से बात हो पाई। वो भी बात करने पर उनके द्वारा सहयोग नही किया जा रहा था। बार बार स्थानिय अधिकारीयों से बात करने के बात कही जा रही थी। जांच टीम को कोटा नगर पंचायत के 15 वार्डों में बने 2782 शौचलायों की जानकारी नही थी या फिर नगर पंचायत सीएमओ व बिलासपुर से आये हुए नगरीय निकाय विभाग कि अधिक्षण अभियंता ने उन्हे जानकारी नही दी होगी जांच दल कि टीम के हाथ में कुछ पेपर रखे हुए थे। जिसमें कुछ पाईंट बने हुए थे उसी आधार पर वो अपनी जांच कर रहे थे। बीच बीच में फोटो और विडियों बना कर अपलोड कर रहे थे। जांच के दौरान शा.कन्या शाला हायर सेकंडरी स्कूल व शा.डी.के.पी. हायर सेकंडरी और वार्ड नं. 13 14 शहित न्यू बस स्टेण्ड जय स्तम्भ नाका चौक में बने शुलभ काम्पलेस में बने शौचालय व स्नानागार में अव्यवस्था देखी स्कूलों के शौचालयों में भी काफी गंदगी पसरी हुई थी।

जांच टीम कि आने कि सूचना केवल अधिकारीयों व कर्मचारीयों को ही थी मिडियाकर्मी और जनप्रतिनिधियों को दूर रखने का काफी प्रयास किया गया इससे यह प्रतित होता है कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनाये गये शौचालयों के निर्माण में खुब लिपा पोती की गई है। 2782 शौचालयों के नाम केवल कागजों में ही दिखाई पड रहे है। 15 वार्ड तो बहुत दूर की बात है। एक वार्ड भी अब तक ओडीएफ नही किया गया। पर शौचालय निर्माण करने वाले ठेकेदारों को भुगतान कर दिया गया है। जमीनी हकीकत कुछ और ही बया कर रही है। शौचालय निर्माण का भुगतान हो चुका है। पर एक भी वार्ड ओडीएफ नही हुआ जांच दल को इन बने हुए शौचालयों की जांच नही कराई गई जांच दल को मिडियाकर्मी से दूर रखा गया जांच दल कि टीम द्वारा मिडियाकर्मीयों के सावालों का जवाब ना देना क्या इस बात का संकेत है कि शौचालय निर्माण में भारी भ्ररष्टाचार हुआ है| पी.एन.साहू अधिक्षण अभियंता नगरीय निकाय बिलासपुर का कहना है कि जांच किया जा रहा है जो जो भ्रष्टाचार किया है उनके उन पर कार्यवाही कि जायेगी

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