रिज़र्व बैंक के फिट एंड प्रॉपर मापदंड के अनुरूप नहीं, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सीईओ अभिषेक तिवारी

०० सीईओ अभिषेक तिवारी की शिकायत की जांच नाबार्ड ने सीईओ अभिषेक तिवारी को सौपी

०० शिकायत की जांच को प्रभावित कर सीईओ अभिषेक तिवारी ने अपने आप को बताया निर्दोष

बिलासपुर| जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में सीईओ रिज़र्व बैंक के फिट एंड प्रॉपर मापदंड के अनुरूप होना चाहिए, जो की अभिषेक तिवारी नहीं है| रिज़र्व बैंक और नाबार्ड से बार बार आ रहे पत्र जिसमे जिला सहाकरी बैंक बिलासपुर में रिज़र्व बैंक के फिट एंड प्रॉपर मापदंड के अनुसार सीईओ की भर्ती हेतु निर्देशित किया जा रहा था,उस पर कुछ कार्यवाही नहीं की गयी एवं अभिषेक तिवारी ने खुद को सीईओ के पद पर बनाये रखने के लिए बोर्ड की बैठक की मिनट्स को भी अपने मर्ज़ी से बदलते रहे।जिसकी शिकायत नाबार्ड से भी की गई थी, परन्तु नाबार्ड के रायपुर कार्यालय ने शिकायत के आधार पर जाँच और कार्यवाही के लिए खुद दोषी अभिषेक तिवारी को ही नियुक्त कर दिया| ऐसे कई बार हुआ जिसमे अभिषेक तिवारी के विरुद्ध हुई शिकायत की जाँच,ओ खुद अभिषेक तिवारी ने ही की है, और सीईओ के पद का गलत फायदा उठाते हुए खुद को हर बार निर्दोष बताया, यह तो वही बात हो गयी की मुलजिम ही जज बन बैठा |

अभिषेक तिवारी ने खुद को सीईओ के पद पर बनाये रखने के लिए बहुत सारे गलत काम किये फिर जब रिज़र्व बैंक ने सीईओ फिट एंड प्रॉपर मापदंड के अनुसार भर्ती करने के लिए बैंक को बाध्य कर दिया तब जा कर जिला बैंक बिलासपुर ने नए सीईओ की भर्ती प्रक्रिया आरम्भ की, जिसमे खुद अभिषेक तिवारी ने भी जिला बैंक बिलासपुर के सीईओ पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन किया था ।परन्तु उनका आवेदन अपैक्स बैंक ने निरस्त कर दिया ,क्यूंकि वो फिट एंड प्रॉपर मापदंड के अनुसार आपात्र है | जब रिज़र्व बैंक के फिट एंड प्रॉपर मापदंड के अनुसार पत्र तीन अभ्यार्थी साक्षात्कार के लिए  जिला बैंक आये उन तीनो को बिलासपुर के पूर्व कलेक्टर ने साक्षात्कार में फ़ैल कर दिया था, ताकि अभिषेक तिवारी सीईओ के पद पर बने रहे | बात यह भी है की अपैक्स बैंक ने जिला बैंक बिलासपुर के साथ साथ जिला बैंक अंबिकापुर में भी सीईओ (फिट एंड प्रॉपर मापदंड अनुसार) की भर्ती हेतु प्रक्रिया की थी, बिलासपुर बैंक में पूर्व कलेक्टर ने जिन तीन अभ्यार्थी को साक्षात्कार में फ़ैल किया था वही तीन अभ्यार्थी जिला बैंक अंबिकापुर में भी साक्षात्कार के लिए गये थे ।जिनमे से दो अभ्यार्थी साक्षात्कार में सफल हुए थे, प्रथम नंबर पर हैदराबाद के चार्टेड अकाउंटेंट रहे ,दुसरे नंबर पर यस बैंक के मेनेजर अभिषेक दुबे रहे, प्रथम अभ्यार्थी ने जिला बैंक अंबिकापुर में जोइनिंग नहीं दी इसलिए अभिषेक दुबे जिला बैंक अंबिकापुर में सीईओ के पद पर नियुक्त हो गये | जिन अभ्यार्थी को बिलासपुर पूर्व कलेक्टर ने साक्षात्कार में फ़ैल कर दिया था वही अंबिकापुर बैंक में सफल हो गये यह बात अभिषेक तिवारी को सीईओ के पद पर बनाये रखने की साजिश को उजागर करती है |

 

error: Content is protected !!