जनसंख्या नियंत्रण के लिए गर्भ निरोधक गोलियां नहीं होगा अंतरा इंजेक्शन का इस्तेमाल

०० स्वास्थ्य विभाग जल्द ही पूरे प्रदेश में जरूरतमंद महिलाओं को लगाएगी यह इंजेक्शन

रायपुर | प्रदेश में अब जनसंख्या नियंत्रण के लिए गर्भ निरोधक गोलियां नहीं अंतरा इंजेक्शन का उपयोग किया जाएगा। इस इंजेक्शन का असर तीन महीने तक रहेगा। विशेषज्ञों के अनुसार इस इंजेक्शन का कोई साइड इफेक्ट नहीं है। जो महिलाएं गर्भ निरोधक गोलियां लेने से हिचकती हैं, उन्हें अंतरा इंजेक्शन लगाया जाएगा।

हेल्थ डायरेक्टर रानू साहू के अनुसार जल्द ही पूरे प्रदेश में जरूरतमंद महिलाओं को यह इंजेक्शन नि:शुल्क लगाया जाएगा। पहले चरण में मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पतालों में यह उपलब्ध कराया जाएगा।स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण के लिए अब गर्भ निरोधक गोलियां या दूसरे अन्य उपाय करने के बजाय महिलाओं को इंजेक्शन नि:शुल्क लगाएगा। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। दो बच्चों के बीच में अंतराल रखने के लिए इस इंजेक्शन का उपयोग किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार इंजेक्शन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। इसका फायदा यह है कि इंजेक्शन लगवाने के बाद तीन महीने तक गर्भधारण नहीं होगा। यही नहीं इससे कमजोरी का अनुभव भी नहीं होता। महिलाओं काे जब मां बनना हो, तब वे यह इंजेक्शन लगवाना बंद कर सकती हैं। पहले चरण में प्रदेश के सात मेडिकल कॉलेज अस्पताल व 27 जिला अस्पतालों में यह इंजेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। गायनी विभाग में यह इंजेक्शन रहेगा। यहां इलाज के लिए आने वाली महिलाओं को जरूरत के हिसाब से इंजेक्शन लगाया जाएगा। इसके लिए डॉक्टरों समेत नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित किया जाएगा। गांव की महिलाओं को जागरूक करने के लिए मितानिनों का सहयोग लिया जाएगा।
मातृ व शिशु मृत्यु दर में कमी का दावा :- विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरा इंजेक्शन के इस्तेमाल से मातृ व शिशु मृत्युदर में कमी आएगी। अंतरा का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि महिलाओं को यह नियमित नहीं लगवाना पड़ेगा, बल्कि सालभर में केवल चार डोज लगाने की जरूरत पड़ेगी।

 

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