जिला सहकारी बैंक में हुई बिना टेंडर 18 करोड़ की खरीदी

०० धमाका 36 का खुलासा : सीईओ अभिषेक तिवारी के काले कारनामे उजागर

०० जिला सहकारी बैंक सीईओ अभिषेक तिवारी के कार्यकाल में हुई खरीदी    

 बिलासपुर| जिला सहकारी बैंक सीईओ अभिषेक तिवारी के कार्यकाल में बिना टेंडर के 18 करोड का स्टेशनरी तथा प्रिंटिंग खरीदी का मामला उजागर हुआ है यह बात जाँच रिपोर्ट में सामने आई है। एक जाँच  अधिकारी द्वारा बताया गया की देवेन्द्र पाण्डेय के कार्यकाल साल 2010-11 से 2014-15 तक के जाँच के दौरान कुछ बिल वर्तमान में भुगतान से सामने आई है। किन्तु वर्तमान कार्यकाल का जाँच करने का आदेश नही है। जिससे की वर्तमान जाँच को बंद कर दिया गया। जाँच अधिकारी के मुखिया स्वयं  बैंक के संचालन के लिए जवाबदार होने से जाँच रोक दी गई है।

वर्ष 2015 से अब तक एक बार भी स्टेशनरी खरीदी के लिए टेंडर नही बुलाया गया।  सहकारी संघ, सहकारी प्रिटिंग प्रेस तथा प्राइवेट फर्मो से लगातार करोडो रुपये की खरीदी की  जा रही है। जिला सहकारी बैंक बिलासपुर के 54 ब्रांच एवं 298 समितियों तथा 470 धान खरीदी केन्द्रों के लिए 2015 से अब तक दो सालो में 18 करोड़ की स्टेशनरी खरीदी तथा प्रिंटिंग बिना टेंडर के कराई जा चुकी है।इन फर्मो से मोखिक आदेश देते हुए स्टेशनरी सामान का आर्डर दिया जाता है जिसमे क्लिप फाइल, लेश फाइल,कार्बन, लेस, कोरा कागज़, कम्पुटर पेपर,पेन, पेंसिल, रबड़, गम, पेड़, पेड़इंक, कंप्यूटर,प्रिंटर,यूपीस, जनरेटर के विभिन्न पार्ट्स शामिल है। वही प्रिंटिंग आर्डर भी मोखिक दिया जाता है आर्डर में कागज़ की मोटाई, साइज़ तथा वजन की गुणवत्ता का जिक्र होता है किन्तु इन बातो का कोई उल्लेख प्रिटिंग आर्डर में नही है। बैंक के पासबुक जमा स्लिप, विथडॉवल फार्म,  विभिन्न रजिस्टर, समिति के लिए देनिक बही, स्टाक पंजी, सदस्यता पंजी, परमिट बुक, पासबुक, चालान बुक, भी बिना गुणवत्ता के प्रिंटिंग कर खरीदी किया जा रहा है।कंप्यूटर पेपर जहाँ 150 रुपये में मिलाता है उसको 205 रुपये में, लेस 40 रुपये में मिलने वाला 98 में, कार्बन 80 में मिलने वाला में 210, में हर महीने लाखो रुपये की खरीदी सेकड़ो की मात्रा में कर बैंक को चुना लगाते हुए खुला भष्टाचार किया जा रहा है।धान खरीदी केन्द्रों के लिए अवाक रजिस्टर, टोकन रजिस्टर, तोल रागिस्टर, खरीदी पंजी, पावती पंजी, धान परिवहन पंजी, तथा विभिन्न बुक के करोडो रुपये की खरीदी श्री अभिषेक तिवारी द्वारा पसंदीदा फर्मो खरीदी कर मोती कमीशन वसूला जा रहा है। उल्लेखनीय है की जहाँ बैंक पासबुक अन्य जिला सहकारी बैंक में  3 रुपये प्रति नग में छपता है वही पासबुक बिलासपुर बैंक में अभिषेक तिवारी द्वारा 9 रुपये नग में छपाया जा रहा है। खुलकर किसानो के पैसे की लुट हो रहा है।यही नही जब पैसे की जरुरत पड़ती तो विभिन्न फर्मो के फर्जी बिल लगाकर भुगतान लाखो में लिया जाने का खेल आम हो चला है।सहकारिता (छतीसगढ़ शासन) क्रय अधिनियम अनुसार जहाँ एक से अधिक सहकारी समिति है वहां टेंडर के माध्यम निम्न दर भरे गए समिति स्टेशनरी सामान तथा प्रिंटिंग करना होता है। वह भी पहले नियमानुसार क्रय आदेश जारी होता है क्रय आदेश में स्पस्ट उल्लेख होता है कि कौन कौन सा सामान किस किस क्वालिटी का खरीदी किया जाता है। क्रय आदेश जारी होने बाद फार्म द्वारा सामान की सप्लाई की जाती है। जिसका सत्यापन वरिष्ट अधिकारी द्वारा किया जाता है सामान के सत्यापन उपरांत बिल का भुगतान होता है। वही किस किस को सामान दिया वह भी पंजी में अंकित कर प्राप्तकर्ता से पावती ली जाती है।

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