15 वर्ष से ऊपर के लोगों को पढ़ाना प्रेरकों का दायित्व- श्री मोहले

अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस का हुआ आयोजन

मुंगेली-अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री पुन्नूलाल मोहले ने कहा कि 15 वर्ष से ऊपर के लोगों को पढ़ाना प्रेरकों का दायित्व है पहले स्कूल जाने के लिए सड़क सुविधा नहीं थी पढ़ने के लिए घर में बिजली नहीं थी। घर में डाक से पत्र आ जाये तो दूसरों से पढ़वाना पड़ता था। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित शिक्षा से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से शिक्षा के क्षेत्र में आशातीत सफलता मिली है। प्रेरकों द्वारा लोगों को प्रेरित करने के कारण शिक्षा का प्रतिशत बढ़ा है। जिसके लिए प्रेरक बधाई के पात्र है। जिले में 534 प्रेरक शिक्षा के प्रचार-प्रसार में जुटे हुए है। कार्यक्रम में उत्कृष्ठ कार्य करने वाले 15 प्रेरकों एवं अनुदेशकों को शील्ड एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा बघेल ने कहा कि गांवों के बुजुर्ग सियान पढ़ाई कर शिक्षित हो रहे है ये अत्यंत खुशी की बात है। इसका श्रेय प्रेरकों की मेहनत और लगन को जाता है। कलेक्टर श्री एनएन एक्का ने प्रेरकों को बधाई देते हुए कहा कि अशिक्षित लोगों को शिक्षित करने के महाभियान में जिले के समस्त प्रेरकों का महती योगदान है। उन्होने प्रेरकों से कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर कुपोषित बच्चों की जानकारी लें व उनके पालकों से चर्चा कर पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने के लिए प्रेरित करें ताकि कुपोषित बच्चे सुपोषित होकर घर लौटे। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश चंद्राकर ने कहा कि साक्षर अभियान पूरे विश्व में चल रहा है इसका प्रचार-प्रसार उचित ढ़ंग से करने का आह्वान किया। उन्होने कहा कि साक्षरता का मतलब आत्म विश्वासी होना है। साक्षर होने से लोगों के सोचने समझने की क्षमता का विकास होता है तथा साक्षर होने से लोगों का सर्वांगीण विकास होता है। ज्ञान बांटना अत्यंत पुण्य का काम है।

error: Content is protected !!