वरिष्ट पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या नक्सलियों ने तो नहीं की

बेंगलुरू। सीनियर जर्नलिस्ट गौरी लंकेश की हत्या की देशभर में आलोचना हो रही है। लंकेश हिंदुवादी राजनीति के सख्त खिलाफ थीं। उन्होंने भाजपा और संघ के खिलाफ कई बार कलम चलाई, इसलिए इन्हीं संगठनों की ओर अंगुली उठाई जा रही है। विपक्षी नेता केंद्र में बैठी मोदी सरकार पर भी सवाल कर रहे हैं।इस बीच, एक खुलासा ऐसा हुआ है, जिसके बाद आशंका जताई जा रही है कि कहीं लंकेश की हत्या के पीछे नक्सलियों का हाथ तो नहीं।

लंकेश के भाई इंद्रजीत ने एक टीवी चैनल पर खुलासा किया है कि उनकी बहन को नक्सलियों से धमकी मिल रही थी। यह बात उन्होंने अपने परिवार से भी छुपाए रखी।जानकारी के मुताबिक, लंकेश उस लोगों में शामिल थीं, जो नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने कुछ नक्सलियों को पुलिस के सामने सरेंडर भी करवाया था। इसके बाद से उन्हें धमकियां मिलना शुरू हो गई थीं। ये धमकियां पत्रों और ईमेल के जरिए दी जा रही थीं।हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस भी अब नक्सलियों वाले एंगल से भी जांच में जुट गई है। यह जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी कहा कि हाल ही में लंकेश उनसे मिली थीं और दोनों के बीच दो घंटे तक बात हुई थी, लेकिन तब भी महिला पत्रकार ने किसी तरह की धमकियों का जिक्र नहीं किया था।पुलिस सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही हैं, जिनमें दिखाई दे रहा है कि हेलमेट पहन कर आए बाइक सवारों ने लंकेश पर गोलियां जलाईं। हालांकि पुलिस को अब तक कोई बड़ी कामयाबी नहीं मिली है।

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